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Bihar: अस्पताल पहुंचते ही ई-रिक्शा पर गूंजी नवजात की किलकारी, स्ट्रेचर भी नहीं मिला, रैंप से पैदल चली प्रसूता
Tue, 07 Jul 2026 07:13 PM IST
मुंगेर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंगेर
Published by: मुंगेर ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jul 2026 07:13 PM IST
सार
Bihar News: मुंगेर सदर अस्पताल में प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला ने अस्पताल परिसर में ई-रिक्शा पर बेटे को जन्म दिया। प्रसव के बाद भी स्ट्रेचर और व्हीलचेयर नहीं मिलने से नवप्रसूता को परिजनों के सहारे रैंप से पैदल प्रसव वार्ड तक जाना पड़ा।
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सदर अस्पताल के मुख्य गेट पर पहुंचे प्रसव महिला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के सरकारी दावों के बीच सोमवार को मुंगेर सदर अस्पताल की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सामने आई। प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला ने अस्पताल परिसर में ही ई-रिक्शा पर बेटे को जन्म दिया। सबसे चिंताजनक बात यह रही कि प्रसव के बाद भी अस्पताल प्रशासन समय पर स्ट्रेचर या व्हीलचेयर जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं करा सका, जिससे नवप्रसूता को परिजनों के सहारे रैंप से पैदल चलकर प्रथम तल स्थित प्रसव वार्ड तक पहुंचना पड़ा।
अस्पताल के गेट पर हुआ प्रसव
जानकारी के अनुसार, सुतुरखाना निवासी सोनू कुमार अपनी पत्नी संजू कुमारी को प्रसव पीड़ा होने पर दोपहर करीब दो बजे ई-रिक्शा से मुंगेर मॉडल अस्पताल लेकर पहुंचे। इमरजेंसी वार्ड के मुख्य द्वार के पास पहुंचते ही प्रसव पीड़ा तेज हो गई और संजू कुमारी ने ई-रिक्शा पर ही एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। सूचना मिलने पर स्वास्थ्यकर्मी मौके पर पहुंचे और मां व नवजात की प्राथमिक जांच की।
स्ट्रेचर नहीं मिला, रैंप से पैदल पहुंची प्रसूता
इसके बाद अस्पताल की अव्यवस्था सामने आई। प्रसव वार्ड प्रथम तल पर होने और लिफ्ट लंबे समय से खराब रहने के कारण परिजनों ने स्ट्रेचर की मांग की, लेकिन आरोप है कि काफी प्रयास के बावजूद स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया गया। मजबूरी में हाल ही में बच्चे को जन्म देने वाली महिला को परिजन सहारा देकर पीछे के रैंप से पैदल प्रसव वार्ड तक ले गए। बाद में मां और नवजात को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत सामान्य है।
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यह भी पढ़ें: कायस्थ को ही बांकीपुर से भाजपा ने उतारा, मगर नाम चौंकाने वाला; कौन हैं BJP प्रत्याशी अभिषेक?
लिफ्ट खराब, जांच के बाद कार्रवाई का दावा
स्थानीय लोगों ने अस्पताल में लंबे समय से खराब लिफ्ट और बुनियादी सुविधाओं की कमी पर नाराजगी जताई। वहीं सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. रमन कुमार ने कहा कि लिफ्ट की मरम्मत के लिए बीएमएसआईसीएल को निर्देश दिया गया है। यदि स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराने में लापरवाही हुई है तो मामले की जांच कर दोषी स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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अस्पताल के गेट पर हुआ प्रसव
जानकारी के अनुसार, सुतुरखाना निवासी सोनू कुमार अपनी पत्नी संजू कुमारी को प्रसव पीड़ा होने पर दोपहर करीब दो बजे ई-रिक्शा से मुंगेर मॉडल अस्पताल लेकर पहुंचे। इमरजेंसी वार्ड के मुख्य द्वार के पास पहुंचते ही प्रसव पीड़ा तेज हो गई और संजू कुमारी ने ई-रिक्शा पर ही एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया। सूचना मिलने पर स्वास्थ्यकर्मी मौके पर पहुंचे और मां व नवजात की प्राथमिक जांच की।
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स्ट्रेचर नहीं मिला, रैंप से पैदल पहुंची प्रसूता
इसके बाद अस्पताल की अव्यवस्था सामने आई। प्रसव वार्ड प्रथम तल पर होने और लिफ्ट लंबे समय से खराब रहने के कारण परिजनों ने स्ट्रेचर की मांग की, लेकिन आरोप है कि काफी प्रयास के बावजूद स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराया गया। मजबूरी में हाल ही में बच्चे को जन्म देने वाली महिला को परिजन सहारा देकर पीछे के रैंप से पैदल प्रसव वार्ड तक ले गए। बाद में मां और नवजात को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत सामान्य है।
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लिफ्ट खराब, जांच के बाद कार्रवाई का दावा
स्थानीय लोगों ने अस्पताल में लंबे समय से खराब लिफ्ट और बुनियादी सुविधाओं की कमी पर नाराजगी जताई। वहीं सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. रमन कुमार ने कहा कि लिफ्ट की मरम्मत के लिए बीएमएसआईसीएल को निर्देश दिया गया है। यदि स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराने में लापरवाही हुई है तो मामले की जांच कर दोषी स्वास्थ्यकर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।