{"_id":"6990031175c49cbf0a014eb2","slug":"bihar-news-vaishali-action-taken-against-two-health-workers-who-took-40000-in-the-name-of-injury-report-muzaffarpur-news-c-1-1-noi1236-3950315-2026-02-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News : इंजरी रिपोर्ट के नाम पर रिश्वत का खेल, 40 हजार की वसूली, दो कर्मियों पर गिरी गाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News : इंजरी रिपोर्ट के नाम पर रिश्वत का खेल, 40 हजार की वसूली, दो कर्मियों पर गिरी गाज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Sat, 14 Feb 2026 11:34 AM IST
विज्ञापन
सार
वैशाली जिला में मारपीट के एक मामले में इंजरी रिपोर्ट बनाने के नाम पर 40 हजार रुपये वसूले जाने का आरोप सामने आया। मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी वर्षा सिंह के निर्देश पर जांच कराई गई।
आरोपी स्वास्थ्य कर्मी
विज्ञापन
विस्तार
वैशाली जिले के सहदेई बुजुर्ग थाना क्षेत्र के आलमपुर गांव में मारपीट के एक मामले में घायल से पैसे लेने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। इंजरी रिपोर्ट लिखने के नाम पर 40 हजार रुपये वसूले जाने का मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर दो स्वास्थ्य कर्मियों को तुरंत दूसरे अस्पताल में भेज दिया गया है।
जिलाधिकारी के आदेश पर हुई जांच
यह मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने इसे गंभीरता से लिया और सिविल सर्जन को जांच का आदेश दिया। जांच के बाद सिविल सर्जन डॉ. श्यामनंदन प्रसाद ने कार्रवाई करते हुए दो कर्मियों को दूसरी जगह भेज दिया। सहदेई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात परिवार कल्याण कार्यकर्ता इंद्रजीत कुमार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ताजपुर चेहराकलां भेजा गया है। वहीं महनार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात लिपिक हितेश कुमार सिंह को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वैशाली भेज दिया गया है। दोनों के वर्तमान संस्थान प्रमुखों को आदेश दिया गया है कि उन्हें तुरंत कार्यमुक्त कर इसकी रिपोर्ट भेजें।
क्या है पूरा मामला
आलमपुर गांव निवासी रामनाथ सिंह के बेटे अजय कुमार सिंह के साथ मारपीट की घटना हुई थी। पहले उन्हें प्राथमिक इलाज दिया गया, फिर बेहतर इलाज के लिए महनार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। वहां से उन्हें सदर अस्पताल भेजा गया था। घायल के बयान पर थाने में मामला भी दर्ज किया गया था।
आरोप है कि इंजरी रिपोर्ट लिखने के नाम पर स्वास्थ्य केंद्र में तैनात कुछ लोगों ने पैसे की मांग की। बताया गया कि एक सुरक्षा गार्ड ने अपने रिश्तेदार से मिलवाने के बाद घायल से ऑनलाइन 40 हजार रुपये ले लिए।
पढे़ं; मधुबनी में पूर्व प्रिंसिपल के घर भीषण डकैती, 25 नकाबपोश बदमाशों ने की लूटपाट; नेपाल भागे अपराधी
शिकायत के बाद खुला मामला
पीड़ित ने बताया कि पैसे देने के बाद भी काम नहीं हुआ, तो उसने इसकी लिखित शिकायत अधिकारियों से की। शिकायत मिलने के बाद अधिकारी हरकत में आए और पूरे मामले की जांच कराई गई। जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद दो स्वास्थ्य कर्मियों पर कार्रवाई की गई। स्वास्थ्य विभाग ने साफ कहा है कि इस तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों से पैसे मांगने या गलत तरीके से वसूली करने वालों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Trending Videos
जिलाधिकारी के आदेश पर हुई जांच
यह मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी वर्षा सिंह ने इसे गंभीरता से लिया और सिविल सर्जन को जांच का आदेश दिया। जांच के बाद सिविल सर्जन डॉ. श्यामनंदन प्रसाद ने कार्रवाई करते हुए दो कर्मियों को दूसरी जगह भेज दिया। सहदेई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात परिवार कल्याण कार्यकर्ता इंद्रजीत कुमार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ताजपुर चेहराकलां भेजा गया है। वहीं महनार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात लिपिक हितेश कुमार सिंह को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वैशाली भेज दिया गया है। दोनों के वर्तमान संस्थान प्रमुखों को आदेश दिया गया है कि उन्हें तुरंत कार्यमुक्त कर इसकी रिपोर्ट भेजें।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्या है पूरा मामला
आलमपुर गांव निवासी रामनाथ सिंह के बेटे अजय कुमार सिंह के साथ मारपीट की घटना हुई थी। पहले उन्हें प्राथमिक इलाज दिया गया, फिर बेहतर इलाज के लिए महनार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। वहां से उन्हें सदर अस्पताल भेजा गया था। घायल के बयान पर थाने में मामला भी दर्ज किया गया था।
आरोप है कि इंजरी रिपोर्ट लिखने के नाम पर स्वास्थ्य केंद्र में तैनात कुछ लोगों ने पैसे की मांग की। बताया गया कि एक सुरक्षा गार्ड ने अपने रिश्तेदार से मिलवाने के बाद घायल से ऑनलाइन 40 हजार रुपये ले लिए।
पढे़ं; मधुबनी में पूर्व प्रिंसिपल के घर भीषण डकैती, 25 नकाबपोश बदमाशों ने की लूटपाट; नेपाल भागे अपराधी
शिकायत के बाद खुला मामला
पीड़ित ने बताया कि पैसे देने के बाद भी काम नहीं हुआ, तो उसने इसकी लिखित शिकायत अधिकारियों से की। शिकायत मिलने के बाद अधिकारी हरकत में आए और पूरे मामले की जांच कराई गई। जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद दो स्वास्थ्य कर्मियों पर कार्रवाई की गई। स्वास्थ्य विभाग ने साफ कहा है कि इस तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों से पैसे मांगने या गलत तरीके से वसूली करने वालों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।