{"_id":"69b4d85f5fde6447df0c4de6","slug":"bihar-news-vaishali-circle-rate-of-land-likely-to-increase-by-200-hajipur-news-vaishali-news-hindi-news-muzaffarpur-news-c-1-1-noi1236-4047837-2026-03-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News: जमीन खरीदना होगा महंगा! 1 अप्रैल से सर्किल रेट दोगुना, रजिस्ट्री के नियम भी बदलेंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News: जमीन खरीदना होगा महंगा! 1 अप्रैल से सर्किल रेट दोगुना, रजिस्ट्री के नियम भी बदलेंगे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वैशाली
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Sat, 14 Mar 2026 04:46 PM IST
विज्ञापन
सार
वैशाली जिले में 1 अप्रैल से जमीन के सर्किल रेट में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भूमि के सरकारी मूल्यों के पुनरीक्षण के साथ कई इलाकों में जमीन की कीमतों में करीब 200 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना है। हाजीपुर निबंधन कार्यालय के अधीन आने वाले सभी प्रखंडों और नगर क्षेत्रों में जमीन की दरों का पुनर्मूल्यांकन लगभग पूरा हो चुका है।
वैशाली जिला निलंबन कार्यालय
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
वैशाली जिले में तेजी से हो रहे शहरी और ग्रामीण विकास के बीच जमीन के सर्किल रेट में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। आगामी 1 अप्रैल से भूमि के सरकारी मूल्यों के पुनरीक्षण के साथ सर्किल रेट में दो गुना तक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। हाजीपुर निबंधन कार्यालय के अधीन आने वाले सभी प्रखंडों के सभी मौजा और नगर क्षेत्र के सभी वार्डों में जमीन की कीमतों का पुनर्मूल्यांकन अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इसके तहत कई इलाकों में जमीन की दर में करीब 200 प्रतिशत तक वृद्धि संभावित है। निबंधन कार्यालय ने इसकी तैयारी लगभग पूरी कर ली है और सभी अंचल अधिकारियों का नाम, मोबाइल नंबर और संबंधित जानकारी विभाग को भेज दी गई है।
पुनरीक्षण का कार्य लगभग पूरा
विभागीय जानकारी के अनुसार भूमि मूल्य पुनरीक्षण का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। फिलहाल सभी मौजों में नए दर लागू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इन क्षेत्रों में सरकार द्वारा कई विकासात्मक परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है, जिससे जमीन की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसी आधार पर नया सर्किल रेट तय किया जा रहा है। अंतिम सूची तैयार होने के बाद इसे अनुमोदन के लिए उच्च स्तर पर भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद नए दर लागू कर दिए जाएंगे। इससे सरकारी राजस्व में वृद्धि होने के साथ-साथ निबंधन प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी बनने की उम्मीद है।
पढ़ें: रात में घर से निकला युवक, सुबह खेत में मिला शव; पत्नी बोली- कर्ज मांगने वाला ही बना कातिल
ग्रामीण क्षेत्र में 16 साल और शहरी क्षेत्र में 10 साल बाद बढ़ेगा शुल्क
विभागीय जानकारी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में करीब 16 साल बाद और शहरी क्षेत्र में लगभग 10 साल बाद निबंधन शुल्क में बढ़ोतरी होने जा रही है। जानकारी के मुताबिक मई 2013 में ग्रामीण क्षेत्र और फरवरी 2016 में शहरी क्षेत्र में निबंधन शुल्क में बदलाव किया गया था। अब आगामी 1 अप्रैल से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में निबंधन शुल्क में लगभग दो गुना से अधिक बढ़ोतरी की जाएगी।
जमीन रजिस्ट्री से पहले ई-पोर्टल पर देनी होगी पूरी जानकारी
अब बिना पूरी जांच के जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी। सरकार ने निबंधन से पहले भूमि की अद्यतन स्थिति स्पष्ट करने के लिए नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। विभाग के ई-निबंधन पोर्टल पर जमीन से जुड़ी 13 बिंदुओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध रहेगी। नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी जमीन का निबंधन कराने से पहले खरीदार को ई-निबंधन पोर्टल पर संबंधित जमीन की पूरी जानकारी अपलोड करनी होगी।
इसके बाद अंचलाधिकारी और राजस्व पदाधिकारी तय समय सीमा के अंदर उस जमीन की अद्यतन स्थिति की रिपोर्ट तैयार करेंगे। नई व्यवस्था के अनुसार अंचल कार्यालय को 10 दिन के भीतर जमीन की अद्यतन स्थिति आवेदक को उपलब्ध करानी होगी। यह रिपोर्ट सीधे आवेदक के लॉग-इन अकाउंट पर दिखाई देगी।
ई-निबंधन पोर्टल पर बनाना होगा अकाउंट
नई व्यवस्था के तहत जमीन खरीदने वाले व्यक्ति को ई-निबंधन पोर्टल पर अपना अकाउंट बनाकर लॉग-इन करना होगा। इसके बाद संबंधित जमीन की सभी जरूरी जानकारी भरनी होगी। इसमें निबंधन कार्यालय, अंचल, मौजा, थाना संख्या, खाता-खेसरा, रकबा, चौहद्दी, जमाबंदी संख्या, जमाबंदी धारक का नाम, क्रेता-विक्रेता का विवरण और भूमि का प्रकार जैसी जानकारी शामिल होगी। सभी जानकारी भरने के बाद पोर्टल पर एक विकल्प मिलेगा जिसमें पूछा जाएगा कि क्या आवेदक जमीन के संबंध में अद्यतन जानकारी चाहता है। इस विकल्प का चयन करते ही पूरा विवरण संबंधित अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मचारी के लॉग-इन में स्वतः पहुंच जाएगा। साथ ही आवेदक और संबंधित अधिकारियों को एसएमएस के माध्यम से सूचना भी भेज दी जाएगी।
1 अप्रैल से बुजुर्गों को घर बैठे मिलेगी रजिस्ट्री की सुविधा
आगामी 1 अप्रैल से 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को घर बैठे जमीन की रजिस्ट्री कराने की सुविधा भी मिलने जा रही है। इसके लिए विभाग ने लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। बताया गया है कि अगर कोई व्यक्ति किसी बुजुर्ग से जमीन खरीद रहा है, तो अवर निबंधक सह विशेष विवाह पदाधिकारी स्वयं बुजुर्ग के घर जाकर सत्यापन करेंगे। इससे बुजुर्गों को निबंधन कार्यालय के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। इसके लिए बुजुर्गों को ई-निबंधन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा और तय शुल्क जमा करना होगा।
मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट लेकर घर पहुंचेगा अधिकारी
पोर्टल पर उम्र की सीमा 80 वर्ष दर्ज करते ही यह विकल्प मिलेगा कि रजिस्ट्री घर से करानी है या कार्यालय से। इसके बाद आवेदक को रजिस्ट्री की तारीख और समय मिल जाएगा। तय समय पर निबंधन कार्यालय के अधिकारी मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट लेकर बुजुर्ग के घर पहुंचेंगे और वहीं ऑनलाइन रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।
इसके लिए ई-निबंधन पोर्टल के सॉफ्टवेयर में बदलाव किया जा रहा है। बुजुर्गों के घर से रजिस्ट्री करने का विकल्प जोड़ने का काम लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही इसका ट्रायल शुरू होगा। पूरी व्यवस्था को 1 अप्रैल से लागू करने की योजना है। इससे पहले सभी निबंधन कार्यालयों को लैपटॉप, बायोमैट्रिक आधार वेरिफिकेशन मशीन और अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध करा दिए गए हैं।
Trending Videos
पुनरीक्षण का कार्य लगभग पूरा
विभागीय जानकारी के अनुसार भूमि मूल्य पुनरीक्षण का कार्य लगभग पूरा कर लिया गया है। फिलहाल सभी मौजों में नए दर लागू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इन क्षेत्रों में सरकार द्वारा कई विकासात्मक परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण किया जा रहा है, जिससे जमीन की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसी आधार पर नया सर्किल रेट तय किया जा रहा है। अंतिम सूची तैयार होने के बाद इसे अनुमोदन के लिए उच्च स्तर पर भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद नए दर लागू कर दिए जाएंगे। इससे सरकारी राजस्व में वृद्धि होने के साथ-साथ निबंधन प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी बनने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़ें: रात में घर से निकला युवक, सुबह खेत में मिला शव; पत्नी बोली- कर्ज मांगने वाला ही बना कातिल
ग्रामीण क्षेत्र में 16 साल और शहरी क्षेत्र में 10 साल बाद बढ़ेगा शुल्क
विभागीय जानकारी के अनुसार ग्रामीण क्षेत्र में करीब 16 साल बाद और शहरी क्षेत्र में लगभग 10 साल बाद निबंधन शुल्क में बढ़ोतरी होने जा रही है। जानकारी के मुताबिक मई 2013 में ग्रामीण क्षेत्र और फरवरी 2016 में शहरी क्षेत्र में निबंधन शुल्क में बदलाव किया गया था। अब आगामी 1 अप्रैल से शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में निबंधन शुल्क में लगभग दो गुना से अधिक बढ़ोतरी की जाएगी।
जमीन रजिस्ट्री से पहले ई-पोर्टल पर देनी होगी पूरी जानकारी
अब बिना पूरी जांच के जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी। सरकार ने निबंधन से पहले भूमि की अद्यतन स्थिति स्पष्ट करने के लिए नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। विभाग के ई-निबंधन पोर्टल पर जमीन से जुड़ी 13 बिंदुओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध रहेगी। नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी जमीन का निबंधन कराने से पहले खरीदार को ई-निबंधन पोर्टल पर संबंधित जमीन की पूरी जानकारी अपलोड करनी होगी।
इसके बाद अंचलाधिकारी और राजस्व पदाधिकारी तय समय सीमा के अंदर उस जमीन की अद्यतन स्थिति की रिपोर्ट तैयार करेंगे। नई व्यवस्था के अनुसार अंचल कार्यालय को 10 दिन के भीतर जमीन की अद्यतन स्थिति आवेदक को उपलब्ध करानी होगी। यह रिपोर्ट सीधे आवेदक के लॉग-इन अकाउंट पर दिखाई देगी।
ई-निबंधन पोर्टल पर बनाना होगा अकाउंट
नई व्यवस्था के तहत जमीन खरीदने वाले व्यक्ति को ई-निबंधन पोर्टल पर अपना अकाउंट बनाकर लॉग-इन करना होगा। इसके बाद संबंधित जमीन की सभी जरूरी जानकारी भरनी होगी। इसमें निबंधन कार्यालय, अंचल, मौजा, थाना संख्या, खाता-खेसरा, रकबा, चौहद्दी, जमाबंदी संख्या, जमाबंदी धारक का नाम, क्रेता-विक्रेता का विवरण और भूमि का प्रकार जैसी जानकारी शामिल होगी। सभी जानकारी भरने के बाद पोर्टल पर एक विकल्प मिलेगा जिसमें पूछा जाएगा कि क्या आवेदक जमीन के संबंध में अद्यतन जानकारी चाहता है। इस विकल्प का चयन करते ही पूरा विवरण संबंधित अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मचारी के लॉग-इन में स्वतः पहुंच जाएगा। साथ ही आवेदक और संबंधित अधिकारियों को एसएमएस के माध्यम से सूचना भी भेज दी जाएगी।
1 अप्रैल से बुजुर्गों को घर बैठे मिलेगी रजिस्ट्री की सुविधा
आगामी 1 अप्रैल से 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को घर बैठे जमीन की रजिस्ट्री कराने की सुविधा भी मिलने जा रही है। इसके लिए विभाग ने लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। बताया गया है कि अगर कोई व्यक्ति किसी बुजुर्ग से जमीन खरीद रहा है, तो अवर निबंधक सह विशेष विवाह पदाधिकारी स्वयं बुजुर्ग के घर जाकर सत्यापन करेंगे। इससे बुजुर्गों को निबंधन कार्यालय के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। इसके लिए बुजुर्गों को ई-निबंधन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा और तय शुल्क जमा करना होगा।
मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट लेकर घर पहुंचेगा अधिकारी
पोर्टल पर उम्र की सीमा 80 वर्ष दर्ज करते ही यह विकल्प मिलेगा कि रजिस्ट्री घर से करानी है या कार्यालय से। इसके बाद आवेदक को रजिस्ट्री की तारीख और समय मिल जाएगा। तय समय पर निबंधन कार्यालय के अधिकारी मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट लेकर बुजुर्ग के घर पहुंचेंगे और वहीं ऑनलाइन रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।
इसके लिए ई-निबंधन पोर्टल के सॉफ्टवेयर में बदलाव किया जा रहा है। बुजुर्गों के घर से रजिस्ट्री करने का विकल्प जोड़ने का काम लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही इसका ट्रायल शुरू होगा। पूरी व्यवस्था को 1 अप्रैल से लागू करने की योजना है। इससे पहले सभी निबंधन कार्यालयों को लैपटॉप, बायोमैट्रिक आधार वेरिफिकेशन मशीन और अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध करा दिए गए हैं।