Chamki Bukhar Case: मुजफ्फरपुर में फिर मिला चमकी बुखार का मरीज, पांच साल का बच्चा अस्पताल में हुआ भर्ती
मुजफ्फरपुर के औराई प्रखंड के भरथुआ गांव के साढ़े पांच वर्षीय बच्चे में एईएस (चमकी बुखार) की पुष्टि हुई। 9 मार्च को एसकेएमसीएच के पीकू वार्ड में भर्ती बच्चे को इलाज के बाद 11 मार्च को डिस्चार्ज कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है।
विस्तार
मुजफ्फरपुर जिले में गर्मी बढ़ने के साथ ही एक बार फिर एईएस (चमकी बुखार) का मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। औराई प्रखंड क्षेत्र के भरथुआ गांव के रहने वाले करीब साढ़े पांच वर्षीय बच्चे में एईएस की पुष्टि हुई है।
जानकारी के अनुसार, बच्चे को चमकी बुखार जैसे लक्षण दिखाई देने के बाद 9 मार्च को दिन में उसे इलाज के लिए एसकेएमसीएच के पीकू वार्ड में भर्ती कराया गया था। दो दिनों तक इलाज चलने के बाद बच्चे की हालत में सुधार हुआ और 11 मार्च की शाम उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार बच्चे में एईएस की पुष्टि हुई है और बीमारी का कारण हाइपोग्लाइसीमिया (ब्लड शुगर की कमी) बताया गया है।
बताया जा रहा है कि मुजफ्फरपुर में करीब सवा महीने बाद एईएस का यह नया मामला सामने आया है। इस वर्ष अब तक जिले में एईएस के तीन मरीज मिल चुके हैं, जिनमें दो मरीज जनवरी महीने में मिले थे। एसकेएमसीएच के पीकू वार्ड में अब तक कुल सात एईएस संदिग्ध मरीज इलाज के लिए पहुंच चुके हैं। इनमें से चार मरीज अन्य जिलों के रहने वाले हैं। इनमें शिवहर के दो, जबकि छपरा और गोपालगंज के एक-एक मरीज शामिल हैं।
पढे़ं: होली की पार्टी में बिहार के युवक से हैवानियत: दोस्तों ने शरीर में घुसाया स्टील का ग्लास, ऑपरेशन के बाद बची जान
एईएस का मामला सामने आने के बाद जिला स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। सिविल सर्जन डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि एक बच्चे में एईएस की पुष्टि हुई है, लेकिन फिलहाल बच्चा स्वस्थ होकर घर लौट चुका है। उन्होंने कहा कि गर्मी बढ़ने के साथ एईएस के मामले बढ़ने की आशंका रहती है, इसलिए सभी पीएचसी को सतर्क रहने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि एसकेएमसीएच मेडिकल कॉलेज के पीकू वार्ड में एईएस मरीजों के इलाज के लिए सभी जरूरी दवाइयां, उपकरण और सुविधाएं उपलब्ध हैं। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों के अभिभावकों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चलाया जा रहा है।