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Bihar: 'हर-हर महादेव' के जयकारों से गूंजा बाबा गरीबनाथ धाम, मलमास खत्म, आज से शुभ कार्यों की फिर होगी शुरुआत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुजफ्फरपुर
Published by: तिरहुत-मुजफ्फरपुर ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jun 2026 01:09 PM IST
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सार
Muzaffarpur: मलमास के अंतिम दिन और सोमवती अमावस्या के अवसर पर मुजफ्फरपुर स्थित बाबा गरीबनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक और दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया।
मंदिर में उमड़ा आस्था का जन सैलाब
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मलमास आज समाप्त हो रहा है और इसके समापन के साथ ही बिहार के देवघर कहे जाने वाले बाबा गरीबनाथ मंदिर में भक्तों की आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। आपको बता दें कि सोमवार की अहले सुबह से ही हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंदिर परिसर में पहुंच रही है। इस दौरान महिला, पुरुष, बच्चे और बुजुर्ग सभी बाबा के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे हैं। बाबा गरीबनाथ मंदिर में 'हर-हर महादेव' के जयकारे गूंज रहे हैं और श्रद्धालु दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
एक माह तक चलने वाला मलमास आज समाप्त
एक माह तक चलने वाला मलमास आज समाप्त हो रहा है। हिंदू धर्म की परंपरा के अनुसार मलमास, जिसे अधिकमास भी कहा जाता है, का समापन आध्यात्मिक साधना की पूर्णता, सकारात्मक ऊर्जा के आगमन और मांगलिक कार्यों की पुनः शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। यह हिंदू पंचांग का तेरहवां महीना होता है, जिसे आत्मशुद्धि, दान-पुण्य और भगवान विष्णु की उपासना के लिए समर्पित माना जाता है।
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सोमवती अमावस्या ने बढ़ाया दिन का महत्व
पंडित विनय पाठक ने बताया कि आज सोमवती अमावस्या है और आज ही मलमास का समापन हो रहा है। ऐसे में यह दिन विशेष रूप से पूजा-पाठ, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। श्रद्धालु इस दिन भगवान शिव, भगवान विष्णु सहित सभी देवी-देवताओं का दर्शन, पूजन, ध्यान और भोग अर्पित करते हैं।
पितरों को भी किया जाता है तर्पण
पंडित विनय पाठक के अनुसार, आज के दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने पर जीवन के अनेक कष्ट और विकार दूर होते हैं। साथ ही पितरों को तर्पण और भोग अर्पित करने का भी विशेष महत्व है। इसलिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर धार्मिक अनुष्ठान कर रहे हैं।
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अब शुरू होंगे शुभ और मांगलिक कार्य
उन्होंने बताया कि आज के बाद मलमास समाप्त हो जाएगा और इसके साथ ही विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण तथा अन्य सभी शुभ एवं मांगलिक कार्यों की पुनः शुरुआत हो जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन द्वारा दर्शन-पूजन के विशेष इंतजाम किए गए हैं।