Bihar News: मुजफ्फरपुर की खादी का तिरंगा देशभर में लहराएगा! 5 लाख से ज्यादा के ऑर्डर, रोज बिक रहे 500 तक झंडे
मुजफ्फरपुर खादी ग्रामोद्योग में तैयार किए जा रहे खादी के तिरंगे की मांग स्वतंत्रता दिवस से पहले तेजी से बढ़ी है। अब तक 5 लाख रुपये से अधिक के तिरंगे के ऑर्डर अलग-अलग राज्यों और जिलों में भेजे जा चुके हैं।
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श के 80वें स्वतंत्रता दिवस से पहले बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित खादी ग्रामोद्योग में तैयार किए जा रहे खादी के तिरंगे की मांग देशभर में बढ़ गई है। स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर अब तक 5 लाख रुपये से अधिक कीमत के तिरंगे के ऑर्डर अलग-अलग राज्यों और जिलों में भेजे जा चुके हैं। वहीं, 14 अगस्त तक आने वाले तीन-चार दिनों में मांग और बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। खादी के कपड़े से तैयार इन तिरंगों को दर्जनों कुशल कारीगर गुणवत्ता मानकों का ध्यान रखते हुए तैयार कर रहे हैं।
स्वतंत्रता दिवस से पहले बढ़ी तिरंगे की मांग
15 अगस्त 2026 को देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा। इसे लेकर देशभर में तिरंगे की मांग बढ़ गई है। बाजार में कई तरह के झंडे उपलब्ध हैं, लेकिन मुजफ्फरपुर खादी ग्रामोद्योग में देशी तरीके से खादी के कपड़े से तैयार किए गए तिरंगे की अपनी अलग पहचान और मांग बनी हुई है।
खादी ग्रामोद्योग के कर्मचारियों के मुताबिक, हर वर्ष गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विशेष रूप से तिरंगे तैयार किए जाते हैं। इस वर्ष भी अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों से तिरंगे के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं। इनमें से कई खेप भेजी जा चुकी हैं, जबकि कुछ अन्य ऑर्डर आने वाले दिनों में भेजे जाएंगे।
5 लाख से ज्यादा के तिरंगे की खेप भेजी गई
खादी ग्रामोद्योग के कर्मचारियों ने बताया कि अब तक 5 लाख रुपये से अधिक के तिरंगे अलग-अलग जगहों पर भेजे जा चुके हैं। 14 अगस्त तक कुछ और ऑर्डर पूरे कर भेजे जाने हैं। तिरंगे तैयार करने के लिए कुशल और अनुभवी कारीगरों की मदद ली जा रही है, ताकि झंडों की गुणवत्ता बेहतर बनी रहे। आने वाले दो-तीन दिनों में स्वतंत्रता दिवस को लेकर बिक्री और ऑर्डर में और तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
स्थानीय बाजार में भी बढ़ी खादी के तिरंगे की मांग
खादी ग्रामोद्योग के सेंट्रल स्टोर के लेखपाल लालबाबू सिंह ने बताया कि स्थानीय स्तर पर भी तिरंगे की मांग बढ़ी है। लोगों में खादी और देशी उत्पादों के प्रति बढ़ते लगाव का असर बिक्री पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि मुजफ्फरपुर के अलावा आसपास के सीतामढ़ी, शिवहर, समस्तीपुर और वैशाली जिलों से भी लोग तिरंगे की खरीदारी के लिए पहुंच रहे हैं। मुजफ्फरपुर जिले के अलग-अलग प्रखंडों से भी बड़ी संख्या में लोग झंडे खरीद रहे हैं।
रोजाना 400 से 500 तिरंगे की बिक्री
लालबाबू सिंह के अनुसार, फिलहाल प्रतिदिन करीब 400 से 500 तिरंगे बेचे जा रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस नजदीक आने के साथ बिक्री का यह आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि खादी के लिए यह समय बिक्री के साथ-साथ लोगों तक देशी उत्पाद पहुंचाने के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है।
अलग-अलग राज्यों से मिले ऑर्डर
मुजफ्फरपुर खादी ग्रामोद्योग के स्टोर मैनेजर सरोज कुमार ने बताया कि केंद्र को अब तक 5 लाख रुपये से अधिक के तिरंगे की खरीदारी के ऑर्डर मिल चुके हैं और आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों की तरह इस वर्ष भी अलग-अलग प्रदेशों से तिरंगे के ऑर्डर मिले हैं। इनमें से कई ऑर्डर भेजे जा चुके हैं, जबकि कुछ ऑर्डर अगले एक-दो दिनों में भेजे जाने हैं।
‘हर घर तिरंगा’ अभियान से खादी को मिला बढ़ावा
सरोज कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से खादी और इससे जुड़े उत्पादों को भी बढ़ावा मिला है। तिरंगे के प्रति लोगों के उत्साह के साथ खादी के प्रति भी आकर्षण बढ़ा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में खादी की लोकप्रियता और बढ़ेगी। मुजफ्फरपुर खादी ग्रामोद्योग में इन दिनों तिरंगे तैयार करने और उन्हें अलग-अलग स्थानों पर भेजने का काम तेजी से चल रहा है। स्वतंत्रता दिवस से पहले खादी के तिरंगे की बढ़ती मांग ने स्थानीय कारीगरों और खादी से जुड़े कारोबार को भी नई रफ्तार दी है