Bihar News: गुप्ता धाम में फिर हादसा, पहाड़ी रास्ते पर दो श्रद्धालुओं की मौत; भीड़ बनी बड़ी चुनौती
रोहतास के कैमूर पहाड़ी स्थित गुप्ता धाम में लगातार दूसरे दिन हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मृतकों की पहचान औरंगाबाद के ओबरा प्रखंड निवासी प्रयाग महतो और शंभू मेहता के रूप में हुई है।
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रोहतास जिले में कैमूर पहाड़ी की गोद में स्थित प्रसिद्ध गुप्ता धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को पहाड़ी से गिरकर एक महिला श्रद्धालु की मौत के बाद मंगलवार को भी दो श्रद्धालुओं की हादसे में जान चली गई। दोनों मृतक औरंगाबाद जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। लगातार हो रहे हादसों से श्रद्धालुओं में मायूसी है, वहीं दुर्गम पहाड़ी मार्ग पर भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
बाबा गुप्तेश्वर के दर्शन की अधूरी रह गई अभिलाषा
मृतकों की पहचान औरंगाबाद जिले के ओबरा प्रखंड अंतर्गत शंकरपुर गांव निवासी 50 वर्षीय प्रयाग महतो और 35 वर्षीय शंभू मेहता के रूप में हुई है। बताया गया कि दोनों अपने गांव के ही मित्र रामजी महतो के साथ गुप्ता धाम में बाबा गुप्तेश्वर महादेव के दर्शन के लिए घर से निकले थे। हालांकि, दर्शन से पहले ही दोनों की हादसे में मौत हो गई और बाबा के दर्शन की उनकी अभिलाषा अधूरी रह गई।
दुर्गम और संकरे रास्ते पर बिगड़ा संतुलन
जानकारी के अनुसार, औरंगाबाद जिले के तीनों मित्र बड्डी थाना क्षेत्र के पनारी घाट के रास्ते कैमूर पहाड़ी की दुर्गम चढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान पहाड़ के संकरे और दुर्गम रास्ते पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच दोनों को अचानक चक्कर आ गया। संतुलन बिगड़ने के बाद दोनों फिसलकर नीचे गिर गए। हादसा इतना गंभीर था कि दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया।
सूचना मिलने में हुई देरी, पुलिस ने शवों को भेजा पोस्टमार्टम के लिए
पहाड़ी क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं होने के कारण पुलिस को घटना की जानकारी मिलने में काफी समय लग गया। सूचना मिलने के बाद बड्डी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सासाराम सदर अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम हाउस में मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा रही। हादसे के बाद दोनों परिवारों में मातम पसरा है और पूरे गांव में शोक की लहर है।
सोमवार को भी महिला श्रद्धालु की हुई थी मौत
गुप्ता धाम में हादसों का यह सिलसिला लगातार चिंता बढ़ा रहा है। इससे एक दिन पहले सोमवार को भी दुर्गम और संकरे पहाड़ी रास्ते पर अत्यधिक भीड़ के बीच एक महिला श्रद्धालु पहाड़ से नीचे गिर गई थी, जिससे उसकी मौत हो गई थी। लगातार दो दिनों में तीन श्रद्धालुओं की मौत ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दुर्गम रास्तों पर भीड़ नियंत्रित करना प्रशासन के लिए चुनौती
कैमूर पहाड़ी के रास्ते बेहद दुर्गम और संकरे हैं। कई स्थानों पर रास्ते के दोनों ओर गहरी खाइयां हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ होने पर रास्ते पर जाम जैसी स्थिति बन जाती है और लोगों के लिए संभलकर चलना भी मुश्किल हो जाता है। श्रद्धालुओं का कहना है कि भीड़ वाले स्थानों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की जानी चाहिए।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के मुताबिक, यदि संवेदनशील स्थानों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाए तो ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है। लगातार हो रही घटनाओं के बाद अब गुप्ता धाम के पहाड़ी मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग तेज हो गई है।