फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Patna News ›   Bharat Tiwari Encounter Case No Justice Even After 1.5 Months says Family Member

Bihar: 'डेढ़ महीने बाद भी नहीं मिला न्याय', भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में छलका परिजनों का दर्द

Mon, 27 Jul 2026 03:05 PM IST
पटना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोजपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोजपुर Published by: पटना ब्यूरो Updated Mon, 27 Jul 2026 03:05 PM IST
सार

भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले में परिजनों ने एक बार फिर न्याय की मांग दोहराते हुए स्पष्ट किया है कि उनकी लड़ाई किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं, बल्कि न्याय के लिए है। परिवार ने आरोप लगाया कि मामले का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसका वे विरोध करते हैं।

विज्ञापन
Bharat Tiwari Encounter Case No Justice Even After 1.5 Months says Family Member
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में परिजनों ने बयां किया दर्द - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

भोजपुर जिले के चर्चित भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले में सियासी बयानबाजी के बीच परिजनों ने स्पष्ट किया है कि उनकी प्राथमिकता किसी राजनीतिक दल का समर्थन करना नहीं, बल्कि केवल न्याय प्राप्त करना है। इसी सिलसिले में बीते दिनों परिजनों ने पटना के दानापुर स्थित सगुना मोड़ के पास भाजपा सांसद एवं गायक मनोज तिवारी से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
विज्ञापन


प्रशांत किशोर ने नहीं दिया कोई जवाब- सुमन देवी
मुलाकात के बाद भरत तिवारी की भाभी सुमन देवी ने कहा कि घटना के बाद जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया था। उनके अनुसार, 15 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन करने की बात भी कही गई थी, लेकिन डेढ़ माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार संपर्क करने के बावजूद उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
विज्ञापन


भरत तिवारी की मां को बांकीपुर उपचुनाव में प्रचार करने का प्रस्ताव दिया था
मृतक की भाभी सुमन देवी का आरोप है कि बाद में उन्हें और भरत तिवारी की मां को बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जन सुराज के पक्ष में प्रचार करने का प्रस्ताव दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि भरत तिवारी की तस्वीर का चुनावी प्रचार में उपयोग किया जा रहा है, जिसका परिवार विरोध करता है। उनका कहना है कि न्याय की लड़ाई को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए।परिजनों के अनुसार, मनोज तिवारी ने मुलाकात के दौरान कहा कि उन्हें अब तक मामले की पूरी जानकारी नहीं थी और प्रशासन तथा मीडिया के माध्यम से ही सीमित सूचनाएं मिली थीं। परिवार से विस्तृत जानकारी लेने के बाद उन्होंने न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें-  'नई नस्लें बगावत जानती हैं', युवा शायर अक्स की नज़्म बनी छात्र आंदोलन की आवाज; राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा

भरत तिवारी की भाभी बोलीं- किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़ा परिवार
भाभी सुमन देवी ने कहा कि उनका परिवार किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा नहीं है और न ही किसी दल के लिए प्रचार करना चाहता है। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी जिन जनसमस्याओं को उठाते थे, वे आज भी बनी हुई हैं। गांव में बाढ़ का पानी लोगों के घरों तक पहुंच चुका है, लेकिन हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed