Bihar: बिहार बनेगा फुटवियर हब! 125 करोड़ का निवेश, 1,800 नौकरियों से उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार
दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 10वें इंडिया इंटरनेशनल फुटवियर फेयर 2026 में बिहार ने फुटवियर और लेदर उद्योग के उभरते केंद्र के रूप में अपनी मजबूत दावेदारी पेश की। राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार और दो प्रमुख निवेशकों के बीच कुल ₹125 करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर MoU हुए हैं।
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विस्तार
राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 10वें इंडिया इंटरनेशनल फुटवियर फेयर (IIFF) 2026 में बिहार ने देश के उभरते हुए फुटवियर विनिर्माण केंद्र के तौर पर अपनी मजबूत दावेदारी पेश की। “Bihar: The Next Frontier of Global Footwear Manufacturing” विषय पर आयोजित राज्य सत्र में सरकार, उद्योग जगत, निवेशकों और विशेषज्ञों ने बिहार में फुटवियर एवं लेदर उद्योग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान बिहार सरकार और दो प्रमुख निवेशकों के बीच कुल 125 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) हुए। इन परियोजनाओं से करीब 1,800 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
निवेशकों के सामने बिहार की औद्योगिक क्षमता का प्रदर्शन
राज्य सत्र के दौरान बिहार की औद्योगिक नीतियों, निवेश-अनुकूल माहौल, भूमि की उपलब्धता, बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक बुनियादी ढांचे को देश-विदेश के निवेशकों के सामने रखा गया। कार्यक्रम की शुरुआत बिहार राज्य मंडप के उद्घाटन और प्रदर्शनी के भ्रमण से हुई। इसके बाद आयोजित राज्य सत्र में बिहार को फुटवियर उद्योग के नए गंतव्य के रूप में विकसित करने की तैयारियों और अवसरों पर चर्चा की गई।
श्रेयसी सिंह ने निवेशकों को बिहार आने का दिया न्योता
बिहार सरकार की उद्योग एवं खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने निवेशकों को बिहार में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत सुधारों के साथ बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। बिहार में श्रमशक्ति, संसाधन, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश के अनुकूल वातावरण मौजूद है, जो फुटवियर एवं लेदर उद्योग के लिए राज्य को मजबूत विकल्प बनाता है। उन्होंने निवेशकों से बिहार की औद्योगिक विकास यात्रा का हिस्सा बनने का आह्वान किया।
औद्योगिक नीतियों और निवेश सुविधाओं की दी जानकारी
उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बिहार की औद्योगिक नीतियों, भूमि उपलब्धता, प्रोत्साहन योजनाओं, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योगों को जल्द स्वीकृति, आधुनिक औद्योगिक अवसंरचना और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि मुजफ्फरपुर के महवल में मेगा लेदर, फुटवियर एवं एक्सेसरीज पार्क विकसित किया गया है। यहां निवेशकों के लिए प्लॉट लीज के आधार पर और प्लग एंड प्ले सुविधाएं मासिक किराये के आधार पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे फुटवियर और लेदर उद्योगों को तैयार औद्योगिक आधार मिलेगा और राज्य में बड़े पैमाने पर विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
बिहार भवन निवेशकों के लिए बना संवाद का माध्यम
बिहार भवन के स्थानिक आयुक्त मनोज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली स्थित बिहार भवन निवेशकों और उद्योग जगत के लिए राज्य सरकार के साथ संवाद का प्रभावी माध्यम बन गया है। बिहार में निवेश के इच्छुक उद्यमियों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया तेज और आसान हो सके।
कौशल विकास और तकनीक पर जोर
एफडीडीआई के प्रबंध निदेशक विवेक शर्मा ने कौशल विकास, डिजाइन और आधुनिक तकनीक की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ने के लिए गुणवत्ता और नवाचार बेहद जरूरी हैं। बिहार में कुशल मानव संसाधन तैयार करने की व्यापक संभावनाएं हैं, जिसका लाभ फुटवियर उद्योग को मिल सकता है। सत्र में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी बिहार में उद्योग स्थापित करने के अपने अनुभव साझा किए। कॉम्पिटेंस एक्सपोर्ट्स के प्रबंध निदेशक धनेश प्रसाद और कॉम्फी फुटवियर के निदेशक जयकांत ने राज्य सरकार की सकारात्मक नीतियों और सहयोगात्मक रवैये की सराहना की। उन्होंने कहा कि बिहार में निवेश का माहौल लगातार बेहतर हुआ है।
₹125 करोड़ के निवेश से 1,800 रोजगार का अनुमान
IIFF 2026 के दौरान बिहार सरकार और दो प्रमुख निवेशकों के बीच कुल 125 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों के लिए MoU हुए हैं। लेहर फुटवियर प्राइवेट लिमिटेड के साथ 100 करोड़ रुपये के निवेश का MoU किया गया है। इस परियोजना से करीब 1,500 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। यह निवेश बिहार में फुटवियर विनिर्माण और उससे जुड़ी औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा।
वहीं, पटना लेदर गारमेंट के साथ 25 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश के लिए MoU किया गया है। इस परियोजना से करीब 300 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है। यह समझौता बिहार के लेदर एवं गारमेंट क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
पटना लेदर गारमेंट के साथ MoU का निष्पादन 30 जुलाई 2026 को पटना में बिहार सरकार के उद्योग निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता, IAS और पटना लेदर गारमेंट के पार्टनर मो. मुशाहिद रजा खान ने किया।
फुटवियर के साथ कंपोनेंट और लॉजिस्टिक्स उद्योग को भी मिलेगा फायदा
इन दोनों निवेश प्रस्तावों से बिहार के लेदर एवं फुटवियर सेक्टर में औद्योगिक विस्तार, रोजगार सृजन और निवेश को गति मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही फुटवियर निर्माण से जुड़े कंपोनेंट्स, कच्चे माल, लॉजिस्टिक्स, कौशल विकास और सहायक उद्योगों के लिए भी नए अवसर पैदा होंगे।
गिरिराज सिंह ने किया IIFF का उद्घाटन
इससे पहले 10वें इंडिया इंटरनेशनल फुटवियर फेयर का उद्घाटन केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने किया। उन्होंने तकनीकी वस्त्र, आधुनिक विनिर्माण और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत का फुटवियर उद्योग वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना सकता है।
उन्होंने उद्योगों से सरकार की विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ उठाने और निर्यात बढ़ाने की दिशा में आगे आने का आह्वान किया।
भारत मंडपम में जुटे देश-विदेश के फुटवियर कारोबारी
भारत मंडपम में आयोजित यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनी देश-विदेश के फुटवियर निर्माताओं, निर्यातकों, खरीदारों, मशीनरी एवं प्रौद्योगिकी कंपनियों को एक मंच पर लेकर आई। प्रदर्शनी में आधुनिक फुटवियर, मशीनरी, कंपोनेंट्स, कच्चे माल और अत्याधुनिक विनिर्माण तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।
IIFF 2026 में बिहार की भागीदारी ने राज्य की बढ़ती औद्योगिक क्षमता और फुटवियर एवं लेदर सेक्टर में उपलब्ध निवेश अवसरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय उद्योग जगत के सामने प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया। 125 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव और करीब 1,800 प्रत्यक्ष रोजगार की संभावनाएं बिहार के फुटवियर एवं लेदर उद्योग के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही हैं।