Bihar : विधान परिषद् चुनाव में दोनों तरफ रार, राजद में परिवार के अंदर बवाल, NDA में दलों के अंदर सवाल-दर-सवाल
Bihar Politics News : आठ दिन में से एक दिन बीत गया, 10 में से किसी एक सीट पर नामांकन के लिए कोई नाम तक सामने नहीं आया। वजह यह कि विधान परिषद् चुनाव-उप चुनाव में दोनों तरफ कुलबुलाहट है। सबकुछ सामान्य नहीं। उसकी वजह तलाश कर बता रही यह खबर।
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विस्तार
बिहार विधान परिषद् की 10 सीटों के लिए चुनावी बिगुल बज चुका है। आज से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि, पहले दिन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन और महागठबंधन की ओर से किसी ने भी नामांकन नहीं किया है। कारण है कि अब तक किसी भी दल के शीर्ष नेतृत्व में प्रत्याशियों का नाम फाइनल नहीं किया है। नामांकन की अंतिम तिथि आठ जून को है। इधर, एमएलसी प्रत्याशियों की फाइनल लिस्ट आने में देरी पर सियासत गरमा गई है। विपक्ष का कहना है कि एनडीए में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। सीटों पर पेंच फंसा हुआ है। इधर, सत्ता पक्ष का कहना है कि राजद एक पर ही अपना उम्मीदवार फाइनल नहीं कर पा रहा है। लालू परिवार में कलह जैसी स्थिति बन गई है।
इधर, जनता दल यूनाईटेड के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद कहा है। उन्होंने कहा कि एनडीए में सबकुछ ठीक है। नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में जदयू और भाजपा साथ है। आगे भी दोनों पार्टी का तालमेल यूं ही बना रहेगा और इसीलिए कुछ लोगों को परेशानी है। आपलोग लोगों के बहाकावे में नहीं हैं।
निशांत और दीपक का जाना तय
दरअसल, 28 जून को विधान परिषद् की नौ सीटें खाली हो रही हैं। वहीं एक सीट पर नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के कारण उपचुनाव होना है। यानी 10 सीट पर चुनाव होना है। 18 जून को मतदान होगा, इसी दिन रिजल्ट भी आएगा। कुछ सीटों पर उम्मीदवार के नाम लगभग फाइनल हो गए हैं। कुछ पर मंथन जारी है। महागठबंधन की ओर से राष्ट्रीय जनता दल को एक सीट पर ही उम्मीदवार देना है। वहीं बाकी नौ सीट पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को उम्मीदवार देना है। राज्यसभा गए नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार और उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश का विधान परिषद् जाना तय माना जा रहा है। इन दोनों के बाद अब एनडीए के पास सात सीट बचते है।
तेज प्रताप यादव क्या चाहते हैं
राजद की एक सीट पर तेज प्रताप यादव को विधान परिषद् भेजने की चर्चा चल रही है। लेकिन, तेज प्रताप जनशक्ति जनता दल यानी अपनी पार्टी से विधान परिषद् जाने पर अड़े हैं। सूत्र बता रहे हैं कि लालू तेज प्रताप को विधान परिषद् भेजना चाहते हैं लेकिन तेजस्वी इस बार पार्टी को प्राथमिकता देना चाहते हैं। क्योंकि राज्यसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने विधान परिषद् की एक सीट चाहत में आकर ही महागठबंधन को वोट दिया था। सुनील सिंह राबड़ी देवी के मुंहबोले भाई भी हैं और राजपूत जाति से आते हैं। वह लालू परिवार के काफी करीबी भी हैं। अब एक सीट पर तेजस्वी यादव किसे चुनाव लड़वाते हैं? यह उनके लिए चुनौती होगी।
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जदयू और भाजपा से किस नाम की चर्चा?
जनता दल यूनाईटेड से निशांत कुमार, राजीव कुमार सिंह, ललन मंडल, गुलाम रसूल बलियावी के नाम की चर्चा विधान परिषद् प्रत्याशी के रूप में सबसे ज्यादा चल रही है। वहीं भाजपा से संजय मयूख, अमृता भूषण, प्रेम रंजन पटेल, सिद्धार्थ शंभू, अमरनाथ गामी समेत कुछ नामों पर चर्चा चल रही है। वहीं दीपक प्रकाश भी भाजपा को मिलने वाली राजद कोटे की सीट पर दावेदार हैं। उनका एमएलसी बनना लगभग तय है। भारतीय जनता पार्टी के अनुसार, कुछ उम्मीदवारों ने नाम का चयन कर आलाकमान को भेज दिया गया है। वहां से ही अंतिम मुहर लगेगी। इधर, चर्चा यह भी है कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी भी एक सीट पर अपनी पार्टी से किसी खास को विधान परिषद् भेजना चाहते हैं। लोजपा (रा.) से चिराग पासवान के भतीजे सीमांत मृणाल के नाम भी खूब चर्चा हो रही है।