Bihar News : बिहार चुनाव रद्द करने की मांग पर प्रशांत किशोर की पार्टी पहुंची सुप्रीम कोर्ट, कल होगी सुनवाई
Bihar : भाजपा के साथ नई सरकार बनने के लगभग ढाई महीने हो गए। एनडीए मजबूत स्थिति में सरकार चला रही है। विधान सभा में करारी हार मिलने के बाद अब प्रशांत किशोर की पार्टी ने चुनाव को चुनौती देने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
विस्तार
बिहार विधान सभा चुनाव में करारी हार के बाद प्रशांत किशोर की चर्चा थम गई थी, लेकिन अब अचानक फिर सुर्खियों में हैं। उन्होंने मजबूती के साथ बिहार में चल रही एनडीए की सरकार के खिलाफ कानूनी मोर्चा खोल दिया है। जन सुराज ने बिहार विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और भ्रष्ट आचरण का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी ने शीर्ष अदालत से वर्तमान चुनाव को रद्द कर नए सिरे से निष्पक्ष चुनाव कराने की गुहार लगाई है।
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सीजेआई की पीठ करेगी सुनवाई
जन सुराज पार्टी द्वारा दायर इस रिट याचिका पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जायमॉल्या बागची की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया है। माना जा रहा है कि कल होने वाली यह सुनवाई बिहार की चुनावी सरगर्मी को और तेज कर देगी।
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आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप
याचिका में नीतीश सरकार पर आरोप लगाया गया है कि राज्य सरकार ने चुनाव के दौरान आदर्श आचार संहिता की धज्जियां उड़ाई हैं। याचिका में दावा किया गया है कि आचार संहिता लागू होने के बावजूद राज्य सरकार ने महिलाओं को सीधे दस हजार रुपए वितरित किए हैं। जन सुराज का कहना है कि यह मतदाताओं को सीधे तौर पर प्रभावित करने की कोशिश है। जन सुराज ने इस कदम को भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में रखते हुए इसे संविधान का स्पष्ट उल्लंघन बताया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव अवधि के दौरान ही मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत नए लाभार्थियों को जोड़ा गया और उन्हें भुगतान किया गया, जो चुनावी नियमों के विरुद्ध है।
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क्या है जन सुराज का तर्क?
जन सुराज पार्टी का कहना है कि जब चुनाव की तारीखें घोषित हो चुकी हों, तब किसी भी सरकारी योजना के तहत नए लाभ पहुंचाना या सीधे खाते में पैसे भेजना लोकतांत्रिक प्रक्रिया की शुचिता को समाप्त करता है। पार्टी ने मांग की है कि चुनाव आयोग की देखरेख में चल रही इस पूरी प्रक्रिया की जांच हो और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए चुनाव दोबारा कराए जाएं। पार्टी का कहना है कि राज्य सरकार ने चुनाव जीतने के लिए अनैतिक तरीके अपनाए हैं। आचार संहिता के दौरान सरकारी खजाने से पैसे बांटना लोकतंत्र की हत्या है। इसकी सुनवाई शुक्रवार को होनी है।
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