बिहार कैबिनेट के बड़े फैसले: NIFTEM, डेयरी यूनिट समेत चार औद्योगिक प्रस्तावों को मंजूरी; फैसले पर लगाई गई मुहर
बिहार कैबिनेट ने NIFTEM स्थापना, BIIPP नीति संशोधन, MSME क्लस्टर विकास और नमस्ते इंडिया की ₹97 करोड़ डेयरी परियोजना समेत चार बड़े औद्योगिक प्रस्तावों को मंजूरी दी। फैसलों से निवेश, फूड प्रोसेसिंग, कौशल विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिहार मंत्रिपरिषद ने राज्य में औद्योगिक विकास, निवेश संवर्धन और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उद्योग विभाग के चार महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट के इन फैसलों से राज्य में निवेश का माहौल मजबूत होने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर खुलेंगे।
कैबिनेट ने वैशाली जिले में विकसित किए जा रहे औद्योगिक क्षेत्र की 100 एकड़ भूमि राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) की स्थापना के लिए भारत सरकार को नि:शुल्क हस्तांतरित करने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी है। भूमि चयन पर अंतिम निर्णय के लिए आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार, बिहार के निदेशक पर्षद को अधिकृत किया गया है। यह भूमि 1243.45 एकड़ में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र विस्तार योजना का हिस्सा है। NIFTEM की स्थापना से फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को तकनीकी शिक्षा एवं कौशल प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा।
इसके अलावा बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIIPP) 2025 की अवधि बढ़ाकर 30 जून 2026 तक करने तथा BIIPP-2025 और BIIPP-2016 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। नई व्यवस्था के तहत परियोजनाओं के लिए माइलस्टोन आधारित कार्यान्वयन प्रणाली लागू होगी। वहीं मेगा उद्योगों की परियोजना लागत सीमा ₹200 करोड़ से बढ़ाकर ₹500 करोड़ कर दी गई है।
पढ़ें: पटना में 25 मई से लगेगा राज्य स्तरीय स्वास्थ्य एवं रोजगार मेला, 20 हजार युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य
भूमि आवंटन नियमावली में भी संशोधन करते हुए BIADA द्वारा 30, 60 और 90 वर्षों की अवधि के लिए रियायती दरों पर भूमि आवंटन की व्यवस्था की गई है। सरकार का मानना है कि इससे निवेशकों को दीर्घकालिक स्थिरता मिलेगी और औद्योगिक निवेश को गति मिलेगी।
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री सूक्ष्म एवं लघु उद्योग क्लस्टर विकास योजना में संशोधन करते हुए इसका नाम “मुख्यमंत्री सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग क्लस्टर विकास योजना” करने की मंजूरी दी है। योजना के तहत BIADA औद्योगिक क्षेत्रों में सामान्य सुविधा केंद्र (CFC) स्थापित किए जाएंगे, जिससे MSME इकाइयों की उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता में सुधार होगा।
वहीं पटना स्थित सिकंदरपुर बिहटा क्लस्टर में नमस्ते इंडिया फूड्स प्राइवेट लिमिटेड की डेयरी उत्पादन इकाई स्थापना के लिए ₹97.17 करोड़ के निजी निवेश को भी मंजूरी दी गई है। इस इकाई में फुल क्रीम मिल्क, टोन्ड मिल्क, दही, छाछ और बटर का उत्पादन होगा। परियोजना से लगभग 170 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। उद्योग विभाग के सचिव सह BIADA के प्रबंध निदेशक कुंदन कुमार ने कहा कि इन फैसलों से बिहार में औद्योगिक निवेश, MSME विकास, फूड प्रोसेसिंग और कौशल विकास को नई गति मिलेगी।