Bihar: आषाढ़ी पूजा के विवाद ने लिया हिंसक रूप, नालंदा का मितमा गांव बना रणक्षेत्र; पथराव-फायरिंग में 4 घायल
नालंदा के सिलाव थाना क्षेत्र के मितमा गांव में दो समुदायों के बीच पुराना विवाद शुक्रवार को हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर पथराव और फायरिंग हुई, जिसमें चार लोग घायल हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया, पांच लोगों को हिरासत में लिया और गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया।
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नालंदा जिले के सिलाव थाना क्षेत्र का मितमा गांव शुक्रवार को दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प के बाद रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। मामूली विवाद ने देखते ही देखते पथराव और फायरिंग का रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच हुई इस हिंसा में चार लोग घायल हो गए। इनमें एक की हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए विम्स पावापुरी रेफर किया गया है। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल है। एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने मौके से एक खोखा बरामद किया है और पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
आषाढ़ी पूजा के विवाद से शुरू हुआ मामला
जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत दो दिन पहले आयोजित आषाढ़ी पूजा के दौरान हुई थी। उस समय भी मितमा मुशहरी के मांझी समाज और मितमा गांव के चंद्रवंशी समाज के लोगों के बीच कहासुनी और मारपीट हुई थी। उस झड़प में एक पक्ष के पांच लोग घायल हुए थे, जबकि दूसरे पक्ष के घर में तोड़फोड़ कर तीन ई-रिक्शा क्षतिग्रस्त कर दिए गए थे। दोनों पक्षों ने सिलाव थाने में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
शुक्रवार सुबह फिर भड़की हिंसा
शुक्रवार सुबह विवाद एक बार फिर भड़क गया। आरोप है कि मांझी समाज के कुछ लोगों ने कड़ाह मोड़ स्थित मितमा निवासी मुंचुन राम की दुकान में तोड़फोड़ की और उनके घर पर पथराव किया। इस हमले में मुंचुन राम समेत तीन लोग घायल हो गए। इसके बाद चंद्रवंशी समाज के लोग भी आक्रोशित हो गए। आरोप है कि उन्होंने मितमा मुशहरी पहुंचकर पथराव किया और दहशत फैलाने के उद्देश्य से हवाई फायरिंग शुरू कर दी। अचानक चली गोलियों और पथराव से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
गोली गर्दन छूकर निकली, बाल-बाल बची जान
हंगामे के दौरान मितमा मुशहरी के एक युवक की गर्दन को छूते हुए गोली निकल गई। संयोग से गोली आर-पार नहीं हुई, जिससे उसकी जान बच गई। घटना के बाद घायल लोगों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। एक घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे विम्स पावापुरी रेफर किया गया, जबकि अन्य घायलों का इलाज स्थानीय स्तर पर जारी है।
गांव बना पुलिस छावनी, फ्लैग मार्च
घटना की सूचना मिलते ही राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता के नेतृत्व में चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उपद्रवियों को खदेड़ा और हालात पर काबू पाया। इसके बाद पूरे गांव में फ्लैग मार्च किया गया और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई।
डीएसपी बोले- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने बताया कि विवाद आषाढ़ी पूजा के दिन शुरू हुआ था और पहले से दोनों पक्षों की शिकायत पर कार्रवाई की जा रही थी। शुक्रवार को दोनों पक्षों की ओर से पथराव और हवाई फायरिंग की गई। घटनास्थल से एक खोखा बरामद हुआ है। पुलिस ने पांच लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री श्रवण कुमार ने जताई चिंता
घटना की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार भी मितमा गांव पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए प्रशासन को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जल्द से जल्द सभी आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।