{"_id":"697af6a7e491e1c5e5058a73","slug":"rjd-party-lalu-family-tejashwi-yadav-rouse-avenue-court-delhi-land-for-job-case-update-bihar-news-2026-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Land For Job Scam : लालू नहीं, तेजस्वी यादव पर संकट का साया; आरोप पत्र के बाद सुनवाई शुरू... क्या होगा असर?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Land For Job Scam : लालू नहीं, तेजस्वी यादव पर संकट का साया; आरोप पत्र के बाद सुनवाई शुरू... क्या होगा असर?
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण
Updated Thu, 29 Jan 2026 11:26 AM IST
विज्ञापन
सार
Bihar : चारा घोटाला में लालू प्रसाद की राजनीतिक पारी बर्बाद हो गई। अब कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद भी तेजस्वी के साथ-साथ राबड़ी देवी, मीसा भारती और तेज प्रताप यादव की नाव डगमगा रही है।
लैंड फॉर जॉब मामला
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
रेलवे में नौकरी के बदले जमीन लिखवाने के मामले में आरोप पत्र दाखिल होने के बाद आज पहली बार दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में लालू परिवार की भूमिका पर सुनवाई हुई। आरोप पत्र स्वीकार करने से पहले कोर्ट ने इसमें सिंडिकेट की तरह लालू परिवार के शामिल होने की प्रथम दृष्टया बात कही थी। अब दिल्ली में सुनवाई शुरू हुई और इधर बिहार में धड़कनें बढ़ गईं। खास बात यह भी कि इस केस में भले ही लालू प्रसाद यादव सबसे बड़ा नाम हैं, लेकिन सभी का ध्यान तेजस्वी यादव पर है। उन्हें सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए समन जारी हुआ था। तेजस्वी पर सबसे ज्यादा लोगों का ध्यान इसलिए है, क्योंकि वह राजद के कार्यकारी अध्यक्ष बनकर लालू के उत्तराधिकारी घोषित हो चुके हैं और महागठबंधन के सबसे बड़े नेता हैं। पिछले चुनाव में वह मुख्यमंत्री की दावेदारी भी कर रहे थे।
यह खबर भी पढ़ें-Bihar: सीएम नीतीश ने फिर दिलाई लालू राज की याद, समृद्धि यात्रा के दौरान समस्तीपुरवासियों को दी बड़ी सौगात
1 से 15 फरवरी के बीच होना होगा पेश, 9 मार्च से रेगुलर ट्रायल की तैयारी
गुरुवार को हुई इस सुनवाई के दौरान लालू यादव की बड़ी बेटी और पाटलिपुत्र से सांसद मीसा भारती और उनकी बहन हेमा यादव कोर्ट में पहुंची, लेकिन बाकी लोग कोर्ट नहीं आए। इसलिए अदालत ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को 1 से 15 फरवरी के बीच कोर्ट के समक्ष सशरीर हाजिर होना होगा। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि अब इस मामले में किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी। अदालत ने निर्देश दिया है कि 9 मार्च से इस पूरे मामले की नियमित सुनवाई शुरू होगी। कानूनी जानकारों का मानना है कि रेगुलर सुनवाई शुरू होने से इस केस का फैसला जल्द आने की उम्मीद है, जो चुनावी साल में राजद की राजनीतिक मुश्किलों को बढ़ा सकता है।
यह खबर भी पढ़ें-Bihar News : बीच शहर में कचरा निस्तारण केंद्र बनने पर विरोध, कहा- सरकार लोगों की जान के साथ न करे खिलवाड़
लालू प्रसाद पहले से हैं सजायाफ्ता
चारा घोटाला में लालू प्रसाद की सदस्यता चली गई थी। चुनाव लड़ने पर रोक लग गई। लालू यादव तो पहले से सजायाफ्ता हैं। अभी भी वह सजा में ही हैं। फिलहाल बीमारी के नाम पर वह जमानत पर बाहर आए हुए हैं लेकिन परिवार के अन्य सदस्य जो अभी जेल की यात्रा नहीं किए हैं उनको लेकर चिंता बढ़ी हुई है। चिंता इसलिए हो रही है क्योंकि तेजस्वी यादव भी इसमें शामिल हैं जिन्हे लालू प्रसाद यादव ने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया है। सांसद मीसा भारती भी चार्ज सीटेड हैं। विधान परिषद में विपक्ष की नेता राबड़ी देवी और विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव दोनों इस केस में चार्ज सीटेड हैं। इन सब के अलावे तेज प्रताप यादव और हेमा भी उन नामों में शामिल हैं, जिनको कोर्ट ने लैंड फॉर जॉब मामले में चार्ज सीटेड किया है।
यह खबर भी पढ़ें-Bihar Weather: अभी नहीं मिलेगी ठंड से राहत, इन जिलों में बारिश के आसार; जानिए अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम?
पूरे परिवार पर कैसे छाया संकट
2 फरवरी से विधान मंडल के सत्र शुरू हो रहा है और इससे पहले कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। हालांकि इस सुनवाई का राजनीति से कोई वास्ता नहीं है लेकिन चूँकि राजनीतिक हस्तियों की सुनवाई है, विधानसभा के विपक्ष के नेता और राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव की कोर्ट में सुनवाई है इसलिए राष्ट्रीय जनता दल के कार्यालय में भले कार्यकर्ताओं और नेताओं की मौजूद रहेंगे लेकिन नजर दिल्ली के कोर्ट पर रहेगी। लालू यादव का राजनीतिक पारी समाप्त हो चुका है। वह सजायाफ्ता हैं, बीमारी के नाम पर बेल पर हैं। उन्होंने खुद ही तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष भी बना दिया है, इसलिए संकट अब विधानसभा के नेता तेजस्वी यादव, विधान परिषद की विपक्ष की नेता राबड़ी देवी, सांसद मीसा भारती, तेज प्रताप यादव और राजनीति से अलग लालू की बेटी हेमा पर है।
दलील नहीं आया काम
चार्ज सीटेड होने से पहले तक तेजस्वी यादव यह कहते रहे थे कि मैं उस समय नाबालिग था, मुझे राजनीतिक ईर्ष्या की वजह से फंसाया गया है, लेकिन कोर्ट ने उन सारे दलिलों को दरकिनार कर दिया क्यों कि कोर्ट को ऐसे कुछ प्रमाण मिले जिसके बाद इनको कोर्ट ने चार्ज सीटेड किया। अब सुनवाई शुरू हो गई है, इसलिए संकट अब लालू यादव पर नहीं बल्कि तेजस्वी यादव से लेकर हेमा तक बढ़ गई है। इसलिए चार्ज सीटेट होने के बाद चारा घोटाला में सजायाफ्ता लालू यादव सहित बाकी सभी लोग लैंड फॉर जॉब मामले में या तो बरी होंगे या फिर उन सभी को सजा हो जाएगी।
विज्ञापन
Trending Videos
यह खबर भी पढ़ें-Bihar: सीएम नीतीश ने फिर दिलाई लालू राज की याद, समृद्धि यात्रा के दौरान समस्तीपुरवासियों को दी बड़ी सौगात
विज्ञापन
विज्ञापन
1 से 15 फरवरी के बीच होना होगा पेश, 9 मार्च से रेगुलर ट्रायल की तैयारी
गुरुवार को हुई इस सुनवाई के दौरान लालू यादव की बड़ी बेटी और पाटलिपुत्र से सांसद मीसा भारती और उनकी बहन हेमा यादव कोर्ट में पहुंची, लेकिन बाकी लोग कोर्ट नहीं आए। इसलिए अदालत ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को 1 से 15 फरवरी के बीच कोर्ट के समक्ष सशरीर हाजिर होना होगा। कोर्ट ने साफ कर दिया है कि अब इस मामले में किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी। अदालत ने निर्देश दिया है कि 9 मार्च से इस पूरे मामले की नियमित सुनवाई शुरू होगी। कानूनी जानकारों का मानना है कि रेगुलर सुनवाई शुरू होने से इस केस का फैसला जल्द आने की उम्मीद है, जो चुनावी साल में राजद की राजनीतिक मुश्किलों को बढ़ा सकता है।
यह खबर भी पढ़ें-Bihar News : बीच शहर में कचरा निस्तारण केंद्र बनने पर विरोध, कहा- सरकार लोगों की जान के साथ न करे खिलवाड़
लालू प्रसाद पहले से हैं सजायाफ्ता
चारा घोटाला में लालू प्रसाद की सदस्यता चली गई थी। चुनाव लड़ने पर रोक लग गई। लालू यादव तो पहले से सजायाफ्ता हैं। अभी भी वह सजा में ही हैं। फिलहाल बीमारी के नाम पर वह जमानत पर बाहर आए हुए हैं लेकिन परिवार के अन्य सदस्य जो अभी जेल की यात्रा नहीं किए हैं उनको लेकर चिंता बढ़ी हुई है। चिंता इसलिए हो रही है क्योंकि तेजस्वी यादव भी इसमें शामिल हैं जिन्हे लालू प्रसाद यादव ने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया है। सांसद मीसा भारती भी चार्ज सीटेड हैं। विधान परिषद में विपक्ष की नेता राबड़ी देवी और विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव दोनों इस केस में चार्ज सीटेड हैं। इन सब के अलावे तेज प्रताप यादव और हेमा भी उन नामों में शामिल हैं, जिनको कोर्ट ने लैंड फॉर जॉब मामले में चार्ज सीटेड किया है।
यह खबर भी पढ़ें-Bihar Weather: अभी नहीं मिलेगी ठंड से राहत, इन जिलों में बारिश के आसार; जानिए अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम?
पूरे परिवार पर कैसे छाया संकट
2 फरवरी से विधान मंडल के सत्र शुरू हो रहा है और इससे पहले कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। हालांकि इस सुनवाई का राजनीति से कोई वास्ता नहीं है लेकिन चूँकि राजनीतिक हस्तियों की सुनवाई है, विधानसभा के विपक्ष के नेता और राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव की कोर्ट में सुनवाई है इसलिए राष्ट्रीय जनता दल के कार्यालय में भले कार्यकर्ताओं और नेताओं की मौजूद रहेंगे लेकिन नजर दिल्ली के कोर्ट पर रहेगी। लालू यादव का राजनीतिक पारी समाप्त हो चुका है। वह सजायाफ्ता हैं, बीमारी के नाम पर बेल पर हैं। उन्होंने खुद ही तेजस्वी यादव को कार्यकारी अध्यक्ष भी बना दिया है, इसलिए संकट अब विधानसभा के नेता तेजस्वी यादव, विधान परिषद की विपक्ष की नेता राबड़ी देवी, सांसद मीसा भारती, तेज प्रताप यादव और राजनीति से अलग लालू की बेटी हेमा पर है।
दलील नहीं आया काम
चार्ज सीटेड होने से पहले तक तेजस्वी यादव यह कहते रहे थे कि मैं उस समय नाबालिग था, मुझे राजनीतिक ईर्ष्या की वजह से फंसाया गया है, लेकिन कोर्ट ने उन सारे दलिलों को दरकिनार कर दिया क्यों कि कोर्ट को ऐसे कुछ प्रमाण मिले जिसके बाद इनको कोर्ट ने चार्ज सीटेड किया। अब सुनवाई शुरू हो गई है, इसलिए संकट अब लालू यादव पर नहीं बल्कि तेजस्वी यादव से लेकर हेमा तक बढ़ गई है। इसलिए चार्ज सीटेट होने के बाद चारा घोटाला में सजायाफ्ता लालू यादव सहित बाकी सभी लोग लैंड फॉर जॉब मामले में या तो बरी होंगे या फिर उन सभी को सजा हो जाएगी।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन