सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Bihar ›   Patna News ›   Road Accidents to Be Curbed bihar ITMS to Be Installed at 700–800 High Risk Locations

Bihar News: प्रदेश में सड़क हादसों पर लगेगी लगाम, 700-800 जोखिम भरे स्थानों पर लगेंगे आईटीएमएस

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: हिमांशु सिंह Updated Thu, 23 Apr 2026 04:35 PM IST
विज्ञापन
सार

Bihar News: बिहार में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए 700–800 जोखिम वाले स्थानों पर इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लगाया जाएगा। 28 अप्रैल को विकास आयुक्त की अध्यक्षता में बैठक होगी। एआई आधारित सिस्टम से ट्रैफिक नियमों की निगरानी और ई-चालान की व्यवस्था मजबूत होगी।

Road Accidents to Be Curbed bihar ITMS to Be Installed at 700–800 High Risk Locations
प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन

विस्तार

बिहार में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने के लिए परिवहन विभाग बड़ा कदम उठाने जा रहा है। राज्य की सड़कों पर चिन्हित करीब 700 से 800 जोखिम वाले स्थानों, प्रमुख चौराहों और हाई-रिस्क कॉरिडोर पर इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) स्थापित किया जाएगा। इस अत्याधुनिक व्यवस्था के लागू होने से यातायात व्यवस्था अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित होने की उम्मीद है।
Trending Videos


28 अप्रैल को होगी अहम बैठक
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अंतिम रूप देने के लिए 28 अप्रैल को विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण परामर्श बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में विभिन्न विभागों और संबंधित हितधारकों के साथ विस्तृत चर्चा कर योजना के क्रियान्वयन की रणनीति तय की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


नियम तोड़ने वालों पर कड़ी नजर
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, आईटीएमएस लागू होने के बाद ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती से निगरानी रखी जाएगी। यह प्रणाली तेज रफ्तार, रेड लाइट जंप और अन्य यातायात उल्लंघनों की स्वतः पहचान कर ई-चालान जारी करने में सक्षम होगी, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है।

एआई तकनीक से होगी निगरानी और नियंत्रण
आईटीएमएस में आधुनिक एआई आधारित तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक प्रवर्तन प्रणाली (ई-चालान), अनुकूली यातायात नियंत्रण प्रणाली, घटना पहचान, सीसीटीवी निगरानी और चेहरे की पहचान जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इसके जरिए राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों, बड़े शहरों और टोल प्लाजा पर वाहनों की गतिविधियों की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।

ये भी पढ़ें- गंगा स्नान जाने निकले दो दोस्तों पर ताबड़तोड़ फायरिंग; एक की मौत, दूसरा गंभीर रूप से घायल

हर जिले में बनेगा कंट्रोल सेंटर
परियोजना के तहत राज्य स्तर पर ट्रैफिक मैनेजमेंट सेंटर (टीएमसी) और प्रत्येक जिले में अवलोकन केंद्र (वीसी) स्थापित किए जाएंगे। साथ ही सॉफ्टवेयर, नेटवर्क, बिजली व्यवस्था और प्रशिक्षित मानव संसाधन की भी व्यवस्था की जाएगी, ताकि सिस्टम सुचारु रूप से संचालित हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed