Bihar News: GMCH में मासूम की मौत पर बवाल! 'गलत इंजेक्शन' का आरोप, सड़क पर शव रखकर परिजनों का उग्र प्रदर्शन
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पूर्णिया जीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड में शनिवार को इलाज के दौरान 8 वर्षीय मासूम बच्ची की मौत के बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। परिजनों ने डॉक्टरों पर गलत इंजेक्शन लगाने और घोर लापरवाही का आरोप लगाया। आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने बच्ची का शव अस्पताल के मुख्य गेट के पास लाइन बाजार की मुख्य सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया, जिससे करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर जाम समाप्त कराया। मृत बच्ची की पहचान भवानीपुर थाना क्षेत्र के गोरियारी टोल निवासी मो. शफीक आलम की 8 वर्षीय पुत्री शायना खातून के रूप में हुई है। घटना के बाद परिवार में मातम का माहौल है।
परिजनों ने लगाया गलत इंजेक्शन का आरोप
मृतका के पिता मो. शफीक आलम ने बताया कि उनकी बड़ी बेटी नजराना परवीन पिछले तीन दिनों से जीएमसीएच में भर्ती थी और शनिवार को उसे अस्पताल से छुट्टी मिलने वाली थी। इसी दौरान उनकी दूसरी जुड़वां बेटी शायना को हल्की खांसी और सांस फूलने की शिकायत हुई। उन्होंने बताया कि घर लौटने से पहले डॉक्टर को दिखाया गया, जिसके बाद डॉक्टर की सलाह पर पर्ची कटवाकर शायना को भी भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि जो बच्ची सुबह तक अस्पताल परिसर में खेल रही थी, उसे ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने एक इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगने के कुछ ही देर बाद उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ गई और कुछ ही मिनटों में उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि यह घटना सीधे तौर पर चिकित्सकीय लापरवाही का मामला है और दोषी डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
शव रखकर सड़क जाम, अस्पताल के बाहर हंगामा
बच्ची की मौत से गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने जीएमसीएच के मुख्य गेट के बाहर लाइन बाजार की मुख्य सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। घटना की सूचना मिलते ही केहाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने आक्रोशित परिजनों से बातचीत की और मामले की निष्पक्ष जांच कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शांत हुए और सड़क से जाम हटाया गया, जिससे यातायात दोबारा सामान्य हो सका।
कार्रवाई की मांग तेज
परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल की लापरवाही के कारण एक मासूम की जान चली गई। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।