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Bihar News: बेटे की मौत ने मां को मानसिक तौर पर तोड़ा, भीड़ ने समझा बच्चा चोर, सच्चाई जान आंखें हो जाएंगी नम

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया Published by: पूर्णिया ब्यूरो Updated Tue, 17 Mar 2026 07:42 PM IST
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सार

Bihar News: पूर्णिया के पंचमुखी मंदिर इलाके में बच्चा चोरी की अफवाह के कारण एक महिला को भीड़ ने घेर लिया। बाद में टीओपी पुलिस की जांच में सामने आया कि महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ है और पूर्व में शिक्षिका रह चुकी है। अपने बेटे की मौत के सदमे के कारण वह अक्सर भटक जाती हैं।  

Mentally ill Former Teacher Cornered by Mob in Purnia Over Child-Lifting Rumors
भीड़ से महिला को बचाते पुलिस
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विस्तार

पूर्णिया के पंचमुखी मंदिर के पास मंगलवार को एक अफवाह ने ऐसा रूप ले लिया, जिसने एक बेबस मां को भीड़ के बीच अपराधी बना दिया। अपनी छोटी बच्ची के साथ भटक रही एक महिला को लोगों ने बच्चा चोर समझ लिया और देखते ही देखते उसे घेर लिया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि धक्का-मुक्की और मारपीट की नौबत आ गई, लेकिन समय रहते पुलिस ने पहुंचकर मां-बेटी को भीड़ से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

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लोग खुद बन गए जज
घटना की शुरुआत तब हुई जब महिला लाइन बाजार कुंडी पुल से होते हुए मंदिर क्षेत्र में पहुंची। उसकी असामान्य हरकतों को देखकर लोगों में बच्चा चोरी की अफवाह फैल गई और कुछ ही देर में बड़ी भीड़ जमा हो गई। बिना सच्चाई जाने लोगों ने उसे घेर लिया और बदसलूकी शुरू कर दी।
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पुलिस ने हालात को किया काबू
सूचना मिलने पर टीओपी पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। पुलिस महिला और उसकी बच्ची को थाने ले आई, जहां पूछताछ के दौरान महिला अपनी पहचान तक नहीं बता सकी। उसकी हालत देखकर पुलिस को भी कुछ गंभीर अंदेशा हुआ। मामले की सच्चाई तब सामने आई जब पुलिस महिला को संभावित रास्तों पर लेकर गई। कुंडी पुल के पास पहुंचते ही बच्ची ने एक चाय की दुकान की ओर इशारा किया। यहीं से इस पूरी कहानी का दर्दनाक पहलू सामने आया।

बेटे की मौत का सदमा नहीं सह पाई मां
महिला के पति ने बताया कि उनकी पत्नी कभी एक सरकारी शिक्षिका थीं, लेकिन कुछ साल पहले बेटे की अचानक मौत के बाद वह गहरे सदमे में चली गईं। इस हादसे ने उनकी मानसिक स्थिति को बुरी तरह प्रभावित किया, जिसके कारण वह अक्सर घर से निकलकर रास्ता भटक जाती हैं। घटना वाले दिन भी वह अपनी छोटी बेटी के साथ बिना बताए निकल गई थीं और रास्ता भूलकर मंदिर इलाके में पहुंच गईं। सच्चाई सामने आने के बाद माहौल पूरी तरह बदल गया। जिस भीड़ ने कुछ देर पहले उन्हें आरोपी बना दिया था, वही अब खामोश खड़ी थी। पुलिस ने मां-बेटी को सुरक्षित उनके परिजनों के हवाले कर दिया।

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पुलिस ने लोगों से की अपील
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अफवाहें कितनी खतरनाक हो सकती हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय तुरंत पुलिस को सूचना दें, क्योंकि एक गलतफहमी किसी निर्दोष की जान भी ले सकती है।

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