{"_id":"699dd0f7bbdef8b92e0e0221","slug":"panic-in-purnia-education-dept-as-computer-teacher-vijay-kumar-dismissed-for-lacking-mandatory-pg-degree-purnea-news-c-1-1-noi1375-3989202-2026-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News: फर्जी योग्यता पर बहाल शिक्षक को बर्खास्त, DEO की सख्त कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News: फर्जी योग्यता पर बहाल शिक्षक को बर्खास्त, DEO की सख्त कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
Published by: पूर्णिया ब्यूरो
Updated Tue, 24 Feb 2026 10:44 PM IST
विज्ञापन
सार
पूर्णिया जिला प्रशासन ने फर्जी तरीके से शिक्षक पद पाने वाले विजय कुमार को बर्खास्त कर दिया। जांच में प्रमाणित हुआ कि उनके पास आवश्यक शैक्षणिक योग्यता नहीं थी। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि बिना अर्हता के नियुक्ति सरकारी नियमों का गंभीर उल्लंघन है।
जिला शिक्षा विभाग कार्यालय
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
बिहार में शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुचिता बनाए रखने के लिए पूर्णिया जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी रवीन्द्र कुमार प्रकाश ने अनिवार्य शैक्षणिक योग्यता के बिना फर्जी तरीके से नौकरी पाने वाले एक उच्च माध्यमिक शिक्षक को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया। इस कार्रवाई से जिले के शिक्षा विभाग और शिक्षकों में हड़कंप मच गया है।
बिना योग्यता के फर्जी नियुक्ति का मामला
बर्खास्त शिक्षक विजय कुमार के. नगर प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय चपय गंगैली में कंप्यूटर विज्ञान (कक्षा 11-12) के अध्यापक थे। विभाग को शिकायत मिली थी कि विजय कुमार ने आवश्यक स्नातकोत्तर डिग्री के बिना ही सीटेट- II परीक्षा 2019 में भाग लिया और बीपीएससी ट्रे 01 के माध्यम से शिक्षक पद पर नियुक्ति हासिल कर ली थी। इस तरह उन्होंने सरकारी तंत्र को गुमराह कर अवैध रूप से पद प्राप्त किया।
जांच में प्रमाणित हुआ उल्लंघन
मामला सामने आने के बाद विभाग ने शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन उनके उत्तर संतोषजनक नहीं पाए गए। इसके बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) अविनाश कुमार अमन ने मामले की पूरी जांच की। 31 जनवरी 2026 को प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में स्पष्ट रूप से प्रमाणित हुआ कि विजय कुमार के पास पद के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता नहीं थी।
सेवा से बर्खास्तगी और कड़ी चेतावनी
जाँच में दोषी पाए जाने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी रवीन्द्र कुमार प्रकाश ने 23 फरवरी 2026 को आधिकारिक आदेश (ज्ञापांक 673) जारी किया और विजय कुमार को सेवा से बर्खास्त कर दिया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि बिना अर्हता के नियुक्ति पाना सरकारी सेवा नियमों का गंभीर उल्लंघन है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह की फर्जी नियुक्तियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
Trending Videos
बिना योग्यता के फर्जी नियुक्ति का मामला
बर्खास्त शिक्षक विजय कुमार के. नगर प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय चपय गंगैली में कंप्यूटर विज्ञान (कक्षा 11-12) के अध्यापक थे। विभाग को शिकायत मिली थी कि विजय कुमार ने आवश्यक स्नातकोत्तर डिग्री के बिना ही सीटेट- II परीक्षा 2019 में भाग लिया और बीपीएससी ट्रे 01 के माध्यम से शिक्षक पद पर नियुक्ति हासिल कर ली थी। इस तरह उन्होंने सरकारी तंत्र को गुमराह कर अवैध रूप से पद प्राप्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
जांच में प्रमाणित हुआ उल्लंघन
मामला सामने आने के बाद विभाग ने शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन उनके उत्तर संतोषजनक नहीं पाए गए। इसके बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) अविनाश कुमार अमन ने मामले की पूरी जांच की। 31 जनवरी 2026 को प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में स्पष्ट रूप से प्रमाणित हुआ कि विजय कुमार के पास पद के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता नहीं थी।
सेवा से बर्खास्तगी और कड़ी चेतावनी
जाँच में दोषी पाए जाने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी रवीन्द्र कुमार प्रकाश ने 23 फरवरी 2026 को आधिकारिक आदेश (ज्ञापांक 673) जारी किया और विजय कुमार को सेवा से बर्खास्त कर दिया। आदेश में स्पष्ट किया गया कि बिना अर्हता के नियुक्ति पाना सरकारी सेवा नियमों का गंभीर उल्लंघन है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि भविष्य में इस तरह की फर्जी नियुक्तियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।