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Bihar: CDPO ऑफिस बना अखाड़ा! भ्रष्टाचार पर उठाए सवाल तो हुई मारपीट, सेविका संघ अध्यक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
Published by: पूर्णिया ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jun 2026 06:15 PM IST
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सार
पूर्णिया के के. नगर सीडीपीओ कार्यालय में सेविका-सहायिका संघ की प्रखंड अध्यक्ष पुष्पा देवी ने सीडीपीओ अमृता वर्मा समेत तीन लोगों पर मारपीट, गाली-गलौज और जातिसूचक टिप्पणी का आरोप लगाया है। पीड़िता ने एससी/एसटी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आवेदन के साथ सेविका संघ के अध्यक्ष
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
पूर्णिया जिले के के. नगर प्रखंड स्थित बाल विकास परियोजना (सीडीपीओ) कार्यालय में कथित मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। सेविका-सहायिका संघ की प्रखंड अध्यक्ष पुष्पा देवी ने सीडीपीओ अमृता वर्मा, एक महिला पर्यवेक्षिका और एक अन्य व्यक्ति पर कार्यालय परिसर में उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज और जातिसूचक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर पीड़िता ने एससी/एसटी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
जानकारी के अनुसार, मजरा निवासी पुष्पा देवी, जो पूर्व में आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-96 की सेविका रह चुकी हैं और वर्तमान में सेविका-सहायिका संघ की प्रखंड अध्यक्ष हैं, सोमवार को कुछ विभागीय दस्तावेजों और भूमि संबंधी जानकारी लेने के लिए सीडीपीओ कार्यालय पहुंची थीं।
पीड़िता का आरोप है कि कार्यालय पहुंचते ही वहां मौजूद सीडीपीओ अमृता वर्मा, महिला पर्यवेक्षिका संगीता जायसवाल और अनवार आलम ने उनके साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। विरोध करने पर कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की गई, धक्का देकर गिराया गया और बाल पकड़कर घसीटा गया।
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भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाने पर रंजिश का आरोप
पुष्पा देवी ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि विभाग में कथित अनियमितताओं, अवैध वसूली और मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र की जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता की मांग करने के कारण कुछ अधिकारी उनसे नाराज चल रहे थे। उनका कहना है कि इसी रंजिश के चलते उनके साथ यह घटना हुई। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया। साथ ही शिकायत करने पर नौकरी से हटवाने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी गई।
किसी तरह बचकर बाहर निकलीं
शिकायत के अनुसार, घटना के बाद वह किसी तरह कार्यालय से बाहर निकलने में सफल रहीं और अपने परिजनों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने एससी/एसटी थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
ये भी पढ़ें- Bihar: रास्ते के विवाद में बवाल, पुलिस से भिड़े पूर्व विधायक गोपाल मंडल, वर्दीधारी को कहा ‘गंजेड़ी’, मचा बवाल
जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले को लेकर एससी/एसटी थाना प्रभारी उमेश पासवान ने बताया कि लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है। शिकायत की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट और वरीय अधिकारियों के निर्देश के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, मजरा निवासी पुष्पा देवी, जो पूर्व में आंगनबाड़ी केंद्र संख्या-96 की सेविका रह चुकी हैं और वर्तमान में सेविका-सहायिका संघ की प्रखंड अध्यक्ष हैं, सोमवार को कुछ विभागीय दस्तावेजों और भूमि संबंधी जानकारी लेने के लिए सीडीपीओ कार्यालय पहुंची थीं।
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पीड़िता का आरोप है कि कार्यालय पहुंचते ही वहां मौजूद सीडीपीओ अमृता वर्मा, महिला पर्यवेक्षिका संगीता जायसवाल और अनवार आलम ने उनके साथ अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। विरोध करने पर कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की गई, धक्का देकर गिराया गया और बाल पकड़कर घसीटा गया।
भ्रष्टाचार के मुद्दे उठाने पर रंजिश का आरोप
पुष्पा देवी ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि विभाग में कथित अनियमितताओं, अवैध वसूली और मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र की जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता की मांग करने के कारण कुछ अधिकारी उनसे नाराज चल रहे थे। उनका कहना है कि इसी रंजिश के चलते उनके साथ यह घटना हुई। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के दौरान उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया। साथ ही शिकायत करने पर नौकरी से हटवाने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी गई।
किसी तरह बचकर बाहर निकलीं
शिकायत के अनुसार, घटना के बाद वह किसी तरह कार्यालय से बाहर निकलने में सफल रहीं और अपने परिजनों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने एससी/एसटी थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले को लेकर एससी/एसटी थाना प्रभारी उमेश पासवान ने बताया कि लिखित आवेदन प्राप्त हुआ है। शिकायत की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट और वरीय अधिकारियों के निर्देश के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।