{"_id":"699c71f4db997abb370b40ca","slug":"purnia-dm-ansul-kumar-dismisses-revenue-staff-ravi-kumar-pal-over-corruption-and-illegal-practices-purnea-news-c-1-1-noi1375-3984790-2026-02-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar: पूर्णिया DM का बड़ा निर्णय, डगरुआ राजस्व कर्मचारी रवि कुमार पाल बर्खास्त, भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar: पूर्णिया DM का बड़ा निर्णय, डगरुआ राजस्व कर्मचारी रवि कुमार पाल बर्खास्त, भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
Published by: पूर्णिया ब्यूरो
Updated Mon, 23 Feb 2026 10:43 PM IST
विज्ञापन
सार
पूर्णिया जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने डगरुआ अंचल के राजस्व कर्मचारी रवि कुमार पाल को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया। जांच में पाया गया कि उन्होंने अवकाश के दिनों में बाहरी व्यक्तियों से अवैध रूप से सरकारी कार्य करवा कर निजी लाभ उठाया और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया।
(प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : Adobe Stock
विज्ञापन
विस्तार
सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और अनुशासन को लेकर पूर्णिया जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने कड़ा संदेश दिया है। जिलाधिकारी ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए डगरुआ अंचल के राजस्व कर्मचारी रवि कुमार पाल को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया। रवि कुमार पाल पर गंभीर आरोप थे कि वे अवकाश के दिनों में भी कार्यालय खोलकर बाहरी व्यक्तियों से राजस्व संबंधी सरकारी कार्य करवा रहे थे और भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे थे। यह मामला डगरुआ अंचल के सामुदायिक भवन चॉपी स्थित हल्का कार्यालय का है। इस सूचना के बाद जिलाधिकारी ने एक त्रिसदस्यीय जांच टीम गठित की।
औचक निरीक्षण और निलंबन
जांच टीम ने 07 अक्टूबर 2023 को औचक निरीक्षण किया, जिसमें पाया गया कि कर्मचारी अपने निजी स्वार्थ के लिए सरकारी नियमों की अवहेलना कर रहे थे। जांच प्रतिवेदन के आधार पर पहले उन्हें निलंबित किया गया और स्पष्टीकरण माँगा गया। संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभागीय कार्यवाही शुरू की गई।
निलंबित कर्मी के विरुद्ध आरोपों की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकारी सेवक नियमावली के तहत कार्रवाई की गई। इस प्रक्रिया में जिला राजस्व शाखा के प्रभारी को संचालन पदाधिकारी और डगरुआ अंचलाधिकारी को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
जांच के निष्कर्ष और बर्खास्तगी
विभागीय जांच में सभी साक्ष्यों, जांच टीम के प्रतिवेदन और आरोपी के बचाव बयान का विश्लेषण किया गया। निष्कर्ष में पाया गया कि रवि कुमार पाल ने अपने निजी स्वार्थ की पूर्ति हेतु अवैध तरीके से राजस्व कार्य किए और छुट्टी के दिनों में बाहरी व्यक्तियों का गैर-कानूनी सहयोग लिया। उन्होंने सरकारी सेवक के आचरण के विपरीत भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया। अधिकारियों ने आरोपों को पूर्णतः प्रमाणित पाए जाने के बाद बिहार राजस्व कर्मचारी भर्ती नियमावली और बिहार सरकारी सेवक नियमावली 2005 के तहत रवि कुमार पाल को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया।
जिलाधिकारी का संदेश
जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने कहा कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन सर्वोपरि है। किसी भी स्तर पर अनियमितता, कदाचार या बाहरी हस्तक्षेप कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा।
Trending Videos
औचक निरीक्षण और निलंबन
जांच टीम ने 07 अक्टूबर 2023 को औचक निरीक्षण किया, जिसमें पाया गया कि कर्मचारी अपने निजी स्वार्थ के लिए सरकारी नियमों की अवहेलना कर रहे थे। जांच प्रतिवेदन के आधार पर पहले उन्हें निलंबित किया गया और स्पष्टीकरण माँगा गया। संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभागीय कार्यवाही शुरू की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
निलंबित कर्मी के विरुद्ध आरोपों की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकारी सेवक नियमावली के तहत कार्रवाई की गई। इस प्रक्रिया में जिला राजस्व शाखा के प्रभारी को संचालन पदाधिकारी और डगरुआ अंचलाधिकारी को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
जांच के निष्कर्ष और बर्खास्तगी
विभागीय जांच में सभी साक्ष्यों, जांच टीम के प्रतिवेदन और आरोपी के बचाव बयान का विश्लेषण किया गया। निष्कर्ष में पाया गया कि रवि कुमार पाल ने अपने निजी स्वार्थ की पूर्ति हेतु अवैध तरीके से राजस्व कार्य किए और छुट्टी के दिनों में बाहरी व्यक्तियों का गैर-कानूनी सहयोग लिया। उन्होंने सरकारी सेवक के आचरण के विपरीत भ्रष्टाचार को संरक्षण दिया। अधिकारियों ने आरोपों को पूर्णतः प्रमाणित पाए जाने के बाद बिहार राजस्व कर्मचारी भर्ती नियमावली और बिहार सरकारी सेवक नियमावली 2005 के तहत रवि कुमार पाल को सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया।
जिलाधिकारी का संदेश
जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने कहा कि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन सर्वोपरि है। किसी भी स्तर पर अनियमितता, कदाचार या बाहरी हस्तक्षेप कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा।