{"_id":"6959167c6a163949c90de7a6","slug":"star-witness-who-sent-sho-to-jail-now-missing-in-police-custody-6-days-pass-without-court-production-purnea-news-c-1-1-noi1375-3802672-2026-01-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News: गया जी जीआरपी सोना लूटकांड में नया मोड़, शिकायतकर्ता धनंजय शाश्वत 6 दिन से रहस्यमयी हिरासत में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News: गया जी जीआरपी सोना लूटकांड में नया मोड़, शिकायतकर्ता धनंजय शाश्वत 6 दिन से रहस्यमयी हिरासत में
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पूर्णिया
Published by: पूर्णिया ब्यूरो
Updated Sat, 03 Jan 2026 06:59 PM IST
विज्ञापन
सार
Bihar: गया सोना लूटकांड के मुख्य गवाह धनंजय शाश्वत को पुलिस ने 150 घंटे से अवैध हिरासत में रखा है। परिजनों ने पूर्णिया एसपी से गुहार लगाई, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला। पीड़ित पत्नी ने पुलिस पर प्रताड़ना और जान का खतरा होने का गंभीर आरोप लगाया है।
पूर्णिया एसपी स्वीटी सहरावत को आवेदन देने पहुंची पीड़ित महिला
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
गया रेल थाने में हुए बहुचर्चित एक किलो सोना लूटकांड में एक नया और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिस युवक की शिकायत पर गया जीआरपी के थानेदार को जेल जाना पड़ा, आज वही युवक पिछले 6 दिनों से पुलिस की रहस्यमयी हिरासत में है। 28 दिसंबर की सुबह से उठाए गए धनंजय शाश्वत को 150 घंटे बीत जाने के बाद भी अब तक किसी मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं किया गया है, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
Trending Videos
मामले की शुरुआत 21 नवंबर 2025 को हुई थी, जब हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस से कोलकाता से कानपुर सोना ले जा रहे पूर्णियाँ के कसबा निवासी धनंजय शाश्वत से करीब एक किलो सोने के तीन बिस्कुट लूट लिए गए थे। धनंजय ने साहस दिखाते हुए इस लूट की शिकायत की, जिसकी जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। धनंजय के आवेदन और पहचान के आधार पर ही गया जीआरपी थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष (SHO) राजेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। साथ ही चार जवानों करण कुमार, अभिषेक चतुर्वेदी, रंजय कुमार और आनंद मोहन को निलंबित किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढे़ं; तेजस्वी की गैरहाजिरी में हुई राजद की बैठक, प्रदेश महासचिव के निधन पर लालू-राबड़ी का शोक संदेश आया
धनंजय शाश्वत की पत्नी कल्पना शाश्वत ने कहा कि इस कार्रवाई से बौखलाए पुलिस तंत्र और कूरियर मालिक मनोज सोनी ने मिलीभगत कर अब धनंजय को ही निशाना बनाना शुरू कर दिया है। 28 दिसंबर 2025 की सुबह करीब 3 बजे गया GRP और कसबा थाना की पुलिस धनंजय के घर पहुँची और पूछताछ के नाम पर उन्हें साथ ले गई। 6 दिन से अवैध हिरासत कानून के मुताबिक किसी भी आरोपी या संदेही को 24 घंटे के भीतर कोर्ट में पेश करना अनिवार्य है, लेकिन धनंजय के मामले में 150 घंटे बीत चुके हैं।
उन्होंने कहा कि मुझे डर है कि पुलिस हिरासत में उनके साथ मारपीट की जा रही है और उनकी जान को खतरा है। इस मामले को लेकर पीड़ित पत्नी ने पूर्णिया एसपी स्वीटी सहरावत से न्याय की गुहार लगाई, लेकिन वहां से भी उन्हें निराशा हाथ लगी। एसपी ने इसे गया जीआरपी का मामला बताकर गया जीआरपी से ही बात करने को कहा। गौरतलब है कि इस लूटकांड में दो सिविलियन अभियुक्त परवेज आलम और रेल थाना के पूर्व चालक सीताराम अभी भी फरार हैं। परिजनों को आशंका है कि इन फरार अपराधियों और पुलिस के बीच किसी बड़ी साजिश के तहत धनंजय को गायब किया गया है ताकि गवाह को डराया जा सके या रास्ते से हटाया जा सके।