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Bihar: जेल में बंद महिला कैदी की इलाज के दौरान मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाढ़
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Sun, 12 Apr 2026 07:39 AM IST
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सार
बाढ़ अनुमंडल के मोकामा स्थित साहेबगपुर गांव में हुए डबल मर्डर मामले से जुड़ी एक महिला कैदी बुद्धों देवी की इलाज के दौरान मौत हो गई। वह बेगूसराय जिले की रहने वाली थीं और अपनी बेटी के ससुराल आई हुई थीं, जहां जमीन विवाद में हुई हिंसक झड़प में दो लोगों की मौत हुई थी।
(प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बाढ़ अनुमंडल के मोकामा स्थित साहेबगपुर गांव में हुए चर्चित डबल मर्डर केस से जुड़ी एक और बड़ी खबर सामने आई है। इस मामले में जेल में बंद एक महिला कैदी की इलाज के दौरान मौत हो गई है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला
मृतक महिला की पहचान बेगूसराय जिले के मटिहानी थाना क्षेत्र के सिहमा गांव निवासी बुद्धों देवी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बुद्धों देवी अपनी बेटी के ससुराल साहेबगपुर आई हुई थी। इसी दौरान जमीन विवाद को लेकर एक ही परिवार के दो भाइयों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। इस झड़प में मां मंजू देवी और बेटे राजीव कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी।
जेल में बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत
घटना के बाद बुद्धों देवी को भी इस मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। परिजनों के अनुसार, बुद्धों देवी पहले से ही हार्ट की मरीज थीं और उनकी नियमित दवाइयां चल रही थीं। परिवार का कहना है कि उन्होंने जेल प्रशासन को महिला की बीमारी की जानकारी भी दी थी।
ये भी पढ़ें: नदी में युवती ने लगाई छलांग, देवदूत बनकर आए टोटो चालक ने बचाई जान; तमाशबीन बने रहे लोग
इसके बावजूद परिजनों ने आरोप लगाया है कि जेल में उनके इलाज में लापरवाही बरती गई। बताया गया कि जेल में अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बाढ़ अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तुरंत पीएमसीएच (पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल) रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
चोट लगने का भी आरोप
परिजनों का यह भी कहना है कि हिंसक झड़प के दौरान बुद्धों देवी को ईंट लगी थी, जिससे वह घायल हो गई थीं। उनका आरोप है कि इस चोट और बीमारी दोनों को गंभीरता से नहीं लिया गया। महिला की मौत के बाद शव को बाढ़ जेल लाया गया, जहां उसकी बेटी भी बंद है। मां-बेटी को आखिरी बार मिलाने के लिए शव को जेल लाया गया था। इस पूरे मामले में जब जेल प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश की गई तो किसी ने भी कुछ बोलने से इनकार कर दिया। प्रशासन की चुप्पी से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
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क्या है पूरा मामला
मृतक महिला की पहचान बेगूसराय जिले के मटिहानी थाना क्षेत्र के सिहमा गांव निवासी बुद्धों देवी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बुद्धों देवी अपनी बेटी के ससुराल साहेबगपुर आई हुई थी। इसी दौरान जमीन विवाद को लेकर एक ही परिवार के दो भाइयों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। इस झड़प में मां मंजू देवी और बेटे राजीव कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी।
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जेल में बिगड़ी तबीयत, इलाज के दौरान मौत
घटना के बाद बुद्धों देवी को भी इस मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। परिजनों के अनुसार, बुद्धों देवी पहले से ही हार्ट की मरीज थीं और उनकी नियमित दवाइयां चल रही थीं। परिवार का कहना है कि उन्होंने जेल प्रशासन को महिला की बीमारी की जानकारी भी दी थी।
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इसके बावजूद परिजनों ने आरोप लगाया है कि जेल में उनके इलाज में लापरवाही बरती गई। बताया गया कि जेल में अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें बाढ़ अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तुरंत पीएमसीएच (पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल) रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
चोट लगने का भी आरोप
परिजनों का यह भी कहना है कि हिंसक झड़प के दौरान बुद्धों देवी को ईंट लगी थी, जिससे वह घायल हो गई थीं। उनका आरोप है कि इस चोट और बीमारी दोनों को गंभीरता से नहीं लिया गया। महिला की मौत के बाद शव को बाढ़ जेल लाया गया, जहां उसकी बेटी भी बंद है। मां-बेटी को आखिरी बार मिलाने के लिए शव को जेल लाया गया था। इस पूरे मामले में जब जेल प्रशासन से संपर्क करने की कोशिश की गई तो किसी ने भी कुछ बोलने से इनकार कर दिया। प्रशासन की चुप्पी से कई सवाल खड़े हो रहे हैं।