सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Bihar's healthcare system in question, GNM accused of accepting digital payments

Bihar News: सरकारी अस्पताल से निजी नर्सिंग होम तक मरीजों की डील, जीएनएम पर ऑनलाइन पेमेंट लेने का आरोप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छपरा Published by: सारण ब्यूरो Updated Sat, 21 Feb 2026 09:11 AM IST
विज्ञापन
सार

सारण में स्वास्थ्य व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लग गया है। क्योंकि मशरख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत जीएनएम पर निजी नर्सिंग होम संचालक ने डिजिटल पेमेंट लेने का आरोप लगाते हुए स्क्रीन शॉर्ट वायरल कर दिया है।

Bihar's healthcare system in question, GNM accused of accepting digital payments
ऑनलाइन पैसे का लेनदेन - फोटो : अमर उजाला/freepik
विज्ञापन

विस्तार

बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सारण जिले के मशरक प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मशरक में कार्यरत एक जीएनएम पर अवैध रूप से संचालित निजी नर्सिंग होम में मरीज भेजने और इसके बदले डिजिटल माध्यम से भुगतान लेने का आरोप लगा है।

Trending Videos

शिकायतकर्ताओं का दावा है कि संबंधित जीएनएम को फोनपे के माध्यम से राशि ट्रांसफर की गई। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार 12 जनवरी 2025, 15 जनवरी 2025 और 5 फरवरी 2025 को ₹500-₹500 की राशि ट्रांसफर किए जाने का उल्लेख है। इसके अलावा कई बार नकद लेन-देन होने की भी बात कही जा रही है, हालांकि उसके संबंध में कोई ठोस प्रमाण या गवाह सामने नहीं आया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

आरोप है कि सरकारी अस्पताल में आने वाले गरीब मरीजों को कथित रूप से अवैध निजी नर्सिंग होम में इलाज के लिए भेजा जाता था। इस पूरे मामले ने सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।


पढ़ें:  स्कूल के क्लासरूम में युवक का लटका हुआ शव मिला, हत्या की जताई गई आशंका; शरीर पर मिले चोट के निशान

बताया जाता है कि 26 मार्च 2025 को मशरक प्रखंड के बीडीओ पंकज कुमार और तत्कालीन सीएचसी प्रभारी डॉ. संजय कुमार ने संयुक्त रूप से निजी नर्सिंग होमों के खिलाफ छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में जिओ हॉस्पिटल नामक संस्थान भी शामिल था, जिसे स्थानीय स्तर पर अवैध रूप से संचालित बताया जा रहा है।

मामले को लेकर जदयू के प्रखंड अध्यक्ष रामाधार सिंह, उपमुखिया शिव कुमार यादव और समाजसेवी पप्पू सिंह समेत कई लोगों ने कठोर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सरकारी स्वास्थ्य केंद्र से मरीजों को निजी संस्थानों में भेजकर कथित रूप से कमीशन लिया जा रहा है, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों ने पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में आम जनता का विश्वास बना रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed