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Bihar: जमीन विवाद का खूनी अंत! पट्टीदारों ने घर में घुसकर की मारपीट; इलाज के दौरान युवक ने तोड़ा दम
Fri, 03 Jul 2026 07:56 AM IST
सारण ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीवान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीवान
Published by: सारण ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jul 2026 07:56 AM IST
सार
सीवान के गोरेयाकोठी थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष में घायल दिलीप कुमार पांडेय की इलाज के दौरान मौत हो गई। हमले में उनकी मां और भाभी भी गंभीर रूप से घायल हुईं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।
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चाकू बाजी में घायल होने के उपरांत की तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
सीवान जिले के गोरेयाकोठी थाना क्षेत्र के सरारी गांव में जमीन विवाद को लेकर पट्टीदारों के बीच हुआ खूनी संघर्ष एक परिवार के लिए मातम बन गया। घटना में गंभीर रूप से घायल 40 वर्षीय दिलीप कुमार पांडेय की इलाज के दौरान मौत हो गई। उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
घर में घुसकर धारदार हथियार से हमला करने का आरोप
घटना गुरुवार दोपहर की बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार, दिलीप कुमार पांडेय का अपने पट्टीदार सुनील कुमार के परिवार से लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी विवाद के चलते सुनील कुमार और उसके परिजन चाकू, गड़ासा और दाब जैसे धारदार हथियार लेकर दिलीप के घर पहुंच गए और हमला कर दिया। हमले में दिलीप कुमार पांडेय गंभीर रूप से घायल हो गए। बीच-बचाव करने पहुंचीं उनकी मां शांति देवी (50) और भाभी नीतू देवी (39) पर भी हमलावरों ने हमला कर दिया। आरोप है कि शांति देवी की जीभ धारदार हथियार से कट गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
निजी अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
घटना के बाद ग्रामीणों की मदद से तीनों घायलों को सीवान सदर अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने शांति देवी की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पटना रेफर कर दिया। दिलीप कुमार पांडेय और नीतू देवी का भी इलाज शुरू किया गया, लेकिन परिजनों का कहना है कि बेहतर इलाज नहीं मिलने पर दिलीप को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि समय पर बेहतर इलाज और पुलिस की सक्रियता मिलती तो शायद दिलीप की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने गोरेयाकोठी थाना प्रभारी का सरकारी मोबाइल नंबर बंद रहने पर भी नाराजगी जताई।
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ये भी पढ़ें- Bihar: सरकारी गवाहों को परिवहन भत्ता, सभी प्रमंडलों में विशेष अदालत; निगरानी पर सम्राट का मास्टर प्लान
पोस्टमार्टम के बाद आगे की कार्रवाई
दिलीप की मौत की सूचना मिलते ही गोरेयाकोठी थाना पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हमलावरों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की औपचारिक पुष्टि होगी।
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घर में घुसकर धारदार हथियार से हमला करने का आरोप
घटना गुरुवार दोपहर की बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार, दिलीप कुमार पांडेय का अपने पट्टीदार सुनील कुमार के परिवार से लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी विवाद के चलते सुनील कुमार और उसके परिजन चाकू, गड़ासा और दाब जैसे धारदार हथियार लेकर दिलीप के घर पहुंच गए और हमला कर दिया। हमले में दिलीप कुमार पांडेय गंभीर रूप से घायल हो गए। बीच-बचाव करने पहुंचीं उनकी मां शांति देवी (50) और भाभी नीतू देवी (39) पर भी हमलावरों ने हमला कर दिया। आरोप है कि शांति देवी की जीभ धारदार हथियार से कट गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
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निजी अस्पताल में इलाज के दौरान तोड़ा दम
घटना के बाद ग्रामीणों की मदद से तीनों घायलों को सीवान सदर अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने शांति देवी की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पटना रेफर कर दिया। दिलीप कुमार पांडेय और नीतू देवी का भी इलाज शुरू किया गया, लेकिन परिजनों का कहना है कि बेहतर इलाज नहीं मिलने पर दिलीप को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि समय पर बेहतर इलाज और पुलिस की सक्रियता मिलती तो शायद दिलीप की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने गोरेयाकोठी थाना प्रभारी का सरकारी मोबाइल नंबर बंद रहने पर भी नाराजगी जताई।
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पोस्टमार्टम के बाद आगे की कार्रवाई
दिलीप की मौत की सूचना मिलते ही गोरेयाकोठी थाना पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हमलावरों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की औपचारिक पुष्टि होगी।