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Bihar : सोनपुर मेले में बिक रहे ये खास विदेशी सब्जियों के बीज, प्रदर्शनी में बढ़ी लोगों की भीड़; जानें कीमत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनपुर
Published by: तरुणेंद्र चतुर्वेदी
Updated Fri, 28 Nov 2025 06:03 PM IST
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सार
सोनपुर मेला स्थित कृषि प्रदर्शनी में इस बार विदेशी सब्जियों के बीजों का स्टॉल लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। राष्ट्रपति–प्रधानमंत्री से सम्मानित संजीव कुमार द्वारा लगाए गए इस स्टॉल से किसान और आम लोग अलग-अलग विदेशी किस्मों के बीज खरीदकर खेती के लिए ले जा रहे हैं।
सोनपुर मेले में विदेशी बीजों की मची धूम।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वैशाली के विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेले में इस वर्ष कृषि विभाग द्वारा लगाए गए कृषि प्रदर्शनी परिसर में विदेशी सब्जियों के विभिन्न किस्मों के बीजों का स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हाजीपुर के चकवाड़ा निवासी संजीव कुमार, दी ग्रीन सीड्स हाउस के बैनर तले यह स्टॉल संचालित कर रहे हैं, जहां किसान ही नहीं, आम लोग भी विदेशी बीजों के बारे में जानकारी लेने और उन्हें खरीदने पहुंच रहे हैं।
काफी खास हैं ये बीज
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से सम्मानित संजीव कुमार ने बताया कि वे इस स्टॉल पर जुगनी, सलाद पत्ती, सैलरी, लाल बंधा गोभी, लाल व पीला शिमला मिर्च, लाल चुकंदर, काला गाजर, लाल गाजर, लाल भिंडी, काला मूली, स्वीट कॉर्न और छह फीट तक लंबा होने वाले कद्दू सहित कई किस्मों के विदेशी सब्जी बीज लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि कई वरीय पदाधिकारी और मुख्यमंत्री भी अपने आवास परिसर या नजदीकी खेतों में इनके बीज लगाते हैं और उनसे तैयार सब्जियों का उपयोग करते हैं।
'विदेशी बीजों का बिहार में अभी भी पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं'
संजीव कुमार ने बताया कि विदेशी बीजों का बिहार में अभी भी पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं हो पाता है। इसलिए उन्होंने मेला परिसर में स्टॉल लगाकर किसानों और आम लोगों को इनकी जानकारी देने की पहल की है। उनका कहना है कि यह बीज चीन, अमेरिका और जापान से आयात किए जाते हैं, जिन्हें पैक कर भारत में बेचा जाता है। उन्होंने किसानों से अपील की कि इन बीजों को अपनाकर अपने खेतों में उगाएं, जिससे बिहार के बाजारों में विविध रंगों और किस्मों की सब्जियां उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि फूलगोभी बीज उत्पादन के क्षेत्र में उन्हें राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री द्वारा सम्मान मिल चुका है। वर्ष 2010 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी हाजीपुर के चकवाड़ा स्थित उनके खेत पहुंचे थे, जहां उन्हें फूलगोभी से बनी खीर और हलवा परोसा गया था।
ये भी पढ़ें- Bihar: सीएम नीतीश कुमार PMCH में क्यों? दिन में महिलाओं को 10 हजार भेजे, अब राज्य के सबसे बड़े अस्पताल पहुंचे
विदेशी बीजों की कीमत 50 रुपये प्रति पैकेट
स्टॉल पर उपलब्ध विदेशी बीजों की कीमत 50 रुपये प्रति पैकेट है। कई विदेशी पर्यटक भी प्रदर्शनी में पहुंचकर इन बीजों के बारे में जानकारी ले रहे हैं और उन्हें खरीदकर ले जा रहे हैं। संजीव कुमार का कहना है कि यदि सरकार इन विदेशी बीजों के प्रचार-प्रसार और किसानों को प्रशिक्षण देने पर ध्यान दे, तो बिहार में बड़े पैमाने पर इन सब्जियों की खेती शुरू हो सकती है और राज्य को इसका बड़ा लाभ मिलेगा।
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काफी खास हैं ये बीज
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से सम्मानित संजीव कुमार ने बताया कि वे इस स्टॉल पर जुगनी, सलाद पत्ती, सैलरी, लाल बंधा गोभी, लाल व पीला शिमला मिर्च, लाल चुकंदर, काला गाजर, लाल गाजर, लाल भिंडी, काला मूली, स्वीट कॉर्न और छह फीट तक लंबा होने वाले कद्दू सहित कई किस्मों के विदेशी सब्जी बीज लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि कई वरीय पदाधिकारी और मुख्यमंत्री भी अपने आवास परिसर या नजदीकी खेतों में इनके बीज लगाते हैं और उनसे तैयार सब्जियों का उपयोग करते हैं।
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'विदेशी बीजों का बिहार में अभी भी पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं'
संजीव कुमार ने बताया कि विदेशी बीजों का बिहार में अभी भी पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं हो पाता है। इसलिए उन्होंने मेला परिसर में स्टॉल लगाकर किसानों और आम लोगों को इनकी जानकारी देने की पहल की है। उनका कहना है कि यह बीज चीन, अमेरिका और जापान से आयात किए जाते हैं, जिन्हें पैक कर भारत में बेचा जाता है। उन्होंने किसानों से अपील की कि इन बीजों को अपनाकर अपने खेतों में उगाएं, जिससे बिहार के बाजारों में विविध रंगों और किस्मों की सब्जियां उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि फूलगोभी बीज उत्पादन के क्षेत्र में उन्हें राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री द्वारा सम्मान मिल चुका है। वर्ष 2010 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी हाजीपुर के चकवाड़ा स्थित उनके खेत पहुंचे थे, जहां उन्हें फूलगोभी से बनी खीर और हलवा परोसा गया था।
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विदेशी बीजों की कीमत 50 रुपये प्रति पैकेट
स्टॉल पर उपलब्ध विदेशी बीजों की कीमत 50 रुपये प्रति पैकेट है। कई विदेशी पर्यटक भी प्रदर्शनी में पहुंचकर इन बीजों के बारे में जानकारी ले रहे हैं और उन्हें खरीदकर ले जा रहे हैं। संजीव कुमार का कहना है कि यदि सरकार इन विदेशी बीजों के प्रचार-प्रसार और किसानों को प्रशिक्षण देने पर ध्यान दे, तो बिहार में बड़े पैमाने पर इन सब्जियों की खेती शुरू हो सकती है और राज्य को इसका बड़ा लाभ मिलेगा।