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Bihar: गोपालगंज में बड़ा फर्जीवाड़ा! दो शिक्षकों के फर्जी प्रमाणपत्र का खुलासा, सेवा समाप्ति की कार्रवाई शुरू

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज Published by: सारण ब्यूरो Updated Sat, 06 Dec 2025 05:14 PM IST
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सार

गोपालगंज जिले में निगरानी ब्यूरो, पटना की जांच में दो नियोजित शिक्षकों टीना मुन्नी खातुन और सुबोध कुमार मांझी के BETET अंक पत्र फर्जी पाए गए हैं।

gopalganj fake betet certificates two teachers termination action vigilance investigation
जिलाधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

गोपालगंज जिले के दो नियोजित शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। निगरानी ब्यूरो, पटना की जांच रिपोर्ट में दोनों शिक्षकों के बीईटीईटी अंक पत्र फर्जी पाए गए हैं, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने उनकी सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। फर्जी पाए गए शिक्षकों में नव प्राथमिक विद्यालय शंकरपुर ओराडीह की टीना मुन्नी खातुन और नव प्राथमिक विद्यालय परसौनी मलाही टोला के सुबोध कुमार मांझी शामिल हैं।
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निगरानी कोषांग की जांच में प्रमाणित हुआ फर्जीवाड़ा

जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की स्थापना शाखा के ‘निगरानी कोषांग’ ने स्पष्ट किया है कि आरोपित दोनों शिक्षकों के फोल्डरों की जांच के बाद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना से प्राप्त सत्यापन रिपोर्ट में इनके BETET अंक पत्रों को फर्जी घोषित किया गया है। रिपोर्ट के आधार पर दोनों के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है।
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पुलिस अवर निरीक्षक (शिक्षक जांच) अमरेश कुमार ने बैकुंठपुर थाना कांड संख्या 436/25, दिनांक 21 नवंबर 2025 और महम्मदपुर थाना कांड संख्या 267/25, दिनांक 25 नवंबर 2025 के तहत मामले दर्ज किए हैं।

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एक सप्ताह के भीतर सेवा समाप्त करने का निर्देश

जारी पत्र में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, स्थापना-सह-नोडल पदाधिकारी साहेब आलम ने संबंधित पंचायत सचिव और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, बैकुंठपुर को निर्देश दिया है कि निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए एक सप्ताह के भीतर दोनों शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराएं। साथ ही, चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में वेतन भुगतान या अन्य प्रशासनिक जटिलता उत्पन्न होती है, तो इसकी पूरी जवाबदेही संबंधित अधिकारियों की होगी।

फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार के खिलाफ विभाग का सख्त रुख

शिक्षा विभाग ने इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े के खिलाफ अपनी "शून्य सहनशीलता" नीति का हिस्सा बताया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, हाल के महीनों में जिले के कई नियोजित शिक्षकों के दस्तावेजों की विशेष जांच कराई जा रही है, जिसमें प्रमाणपत्रों की सत्यता, नियोजन संबंधी कागजात और प्रशिक्षण रिकॉर्ड की गहन जांच शामिल है।
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