Bihar News: शॉर्टकट बना मौत का रास्ता, चार दिनों में तीन की जान गई; रेलवे ट्रैक पर लापरवाही भारी
सारण जिले में बीते चार दिनों के भीतर अलग-अलग स्थानों पर ट्रेन की चपेट में आने से तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। लगातार हो रही इन घटनाओं ने रेलवे ट्रैक पार करते समय बरती जा रही लापरवाही और जागरूकता की कमी को उजागर कर दिया है। अब आवश्यकता है कि प्रशासन और रेलवे विभाग संयुक्त रूप से जन-जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सुरक्षा के प्रति सचेत करें, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
पहली घटना छपरा–सिवान रेलखंड के बनवार रेलवे ढाला के समीप हुई। यहां लगभग 70 वर्षीय सुंदरी कुंवर ट्रेन की चपेट में आ गईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जाता है कि वह रेलवे लाइन पार कर रही थीं, तभी तेज रफ्तार ट्रेन आ गई। सूचना पर दाउदपुर थाना पुलिस और आरपीएफ मौके पर पहुंची। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
दूसरी घटना दरियापुर थाना क्षेत्र के केवटीयां गांव के पास बस्ती और शीतलपुर रेल लाइन के बीच हुई। यहां लगभग 50 वर्षीय परमा राम की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर रेल थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद गांव में शोक की लहर है।
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तीसरी घटना मांझी रेलवे हाल्ट के समीप की है। सिवान जिले के कचनार गांव निवासी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव मुकेश शर्मा की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। सूचना मिलते ही छपरा जंक्शन स्थित राजकीय रेल पुलिस और स्थानीय थाना टीम मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल छपरा भेजा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
लगातार हो रही इन घटनाओं से स्पष्ट है कि रेलवे ट्रैक पार करते समय लोग सतर्कता नहीं बरत रहे हैं। कई स्थानों पर लोग शॉर्टकट अपनाकर पटरियां पार करते हैं या मोबाइल फोन में व्यस्त रहते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। रेलवे लाइन पार करते समय निर्धारित फाटक, अंडरपास या ओवरब्रिज का उपयोग करना चाहिए और ट्रेन की आवाज व संकेतों पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। थोड़ी सी सावधानी कई जिंदगियां बचा सकती है।