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Bihar News: मेथेनॉल लदे टैंकर की टक्कर, प्रशासन की तत्परता से बड़ी दुर्घटना टली; घटना स्थल पर अफरा-तफरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज
Published by: सारण ब्यूरो
Updated Sat, 21 Feb 2026 06:18 PM IST
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सार
गोपालगंज के कुचायकोट थाना क्षेत्र में बलथरी चेक पोस्ट के पास मेथेनॉल से भरा टैंकर तेज रफ्तार हाइवा ट्रक से टकरा गया। टैंकर का पिछला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और ज्वलनशील मेथेनॉल रिसने लगा।
मौके पर मौजूद लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गोपालगंज जिले के कुचायकोट थाना क्षेत्र की बलथरी चेक पोस्ट के पास शुक्रवार की शाम करीब 7:30 बजे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। एक मेथेनॉल से भरा टैंकर पीछे से आ रहे तेज रफ्तार हाइवा ट्रक की टक्कर का शिकार हो गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टैंकर का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें भरा ज्वलनशील मेथेनॉल सड़क पर रिसने लगा। रसायन के फैलते ही मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रशासन और अग्निशमन की त्वरित प्रतिक्रिया
सूचना मिलते ही कुचायकोट पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। देर रात तक चले अभियान में अग्निशमन कर्मियों ने टैंकर के क्षतिग्रस्त हिस्से पर सूती कपड़ा और विशेष केमिकल लगाकर अस्थायी रूप से रिसाव को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने बताया कि खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। शनिवार को भी एहतियातन सड़क पर गिरे मेथेनॉल की तीव्रता कम करने के लिए लगातार फोम और पानी का छिड़काव किया गया। साथ ही रसायन के प्रभाव को कम करने के लिए सड़क पर सूखी मिट्टी बिछाई गई।
'एक किलोमीटर तक क्षेत्र प्रभावित हो सकता था'
अग्निशमन विभाग के अनुमंडल पदाधिकारी प्रेमचंद राम ने बताया कि मेथेनॉल अत्यंत ज्वलनशील रसायन है। अगर कहीं चिंगारी लग जाती तो टैंकर में भीषण विस्फोट हो सकता था। इस स्थिति में करीब एक किलोमीटर तक का क्षेत्र प्रभावित हो सकता था और जान-माल की भारी क्षति हो सकती थी। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास की चाय-पान दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों को विशेष सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी।
पढ़ें: वैशाली में जमीन विवाद बना खूनी संघर्ष, जमकर चले लाठी-डंडे और चाकू; 11 लोग हुए घायल
मेथेनॉल को सुरक्षित स्थानांतरित करने की तैयारी लंबित
टैंकर में बचे मेथेनॉल को सुरक्षित तरीके से दूसरे टैंकर में स्थानांतरित करने के लिए संबंधित कंपनी को सूचना दी गई, लेकिन शनिवार की शाम तक आवश्यक उपकरणों के साथ कोई टीम मौके पर नहीं पहुंच सकी। इस कारण रसायन को शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई।
अधिकारी लगातार निगरानी में, राहत और सुरक्षा उपाय जारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारी लगातार मौके पर डटे रहे। उत्पाद अधीक्षक अमृतेश कुमार, सदर एसडीपीओ प्रांजल, कुचायकोट के बीडीओ सुनील कुमार मिश्रा, सीओ मणि भूषण कुमार और थानाध्यक्ष दर्पण सुमन समेत कई अधिकारी अपनी-अपनी टीम के साथ हालात पर नजर बनाए रहे। उच्चाधिकारियों द्वारा पल-पल की जानकारी ली जाती रही और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते रहे।
अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट किया कि जब तक मेथेनॉल को पूरी तरह सुरक्षित रूप से दूसरे टैंकर में स्थानांतरित नहीं किया जाता, राहत और सुरक्षा उपाय जारी रहेंगे। फिलहाल प्रशासन की तत्परता से एक बड़ी दुर्घटना टल गई है, लेकिन इलाके के लोग अब भी पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं और उपकरणों के पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।
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प्रशासन और अग्निशमन की त्वरित प्रतिक्रिया
सूचना मिलते ही कुचायकोट पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। देर रात तक चले अभियान में अग्निशमन कर्मियों ने टैंकर के क्षतिग्रस्त हिस्से पर सूती कपड़ा और विशेष केमिकल लगाकर अस्थायी रूप से रिसाव को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने बताया कि खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। शनिवार को भी एहतियातन सड़क पर गिरे मेथेनॉल की तीव्रता कम करने के लिए लगातार फोम और पानी का छिड़काव किया गया। साथ ही रसायन के प्रभाव को कम करने के लिए सड़क पर सूखी मिट्टी बिछाई गई।
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'एक किलोमीटर तक क्षेत्र प्रभावित हो सकता था'
अग्निशमन विभाग के अनुमंडल पदाधिकारी प्रेमचंद राम ने बताया कि मेथेनॉल अत्यंत ज्वलनशील रसायन है। अगर कहीं चिंगारी लग जाती तो टैंकर में भीषण विस्फोट हो सकता था। इस स्थिति में करीब एक किलोमीटर तक का क्षेत्र प्रभावित हो सकता था और जान-माल की भारी क्षति हो सकती थी। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास की चाय-पान दुकानों और अन्य प्रतिष्ठानों को विशेष सावधानी बरतने का निर्देश दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल की घेराबंदी कर आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी।
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मेथेनॉल को सुरक्षित स्थानांतरित करने की तैयारी लंबित
टैंकर में बचे मेथेनॉल को सुरक्षित तरीके से दूसरे टैंकर में स्थानांतरित करने के लिए संबंधित कंपनी को सूचना दी गई, लेकिन शनिवार की शाम तक आवश्यक उपकरणों के साथ कोई टीम मौके पर नहीं पहुंच सकी। इस कारण रसायन को शिफ्ट करने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई।
अधिकारी लगातार निगरानी में, राहत और सुरक्षा उपाय जारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारी लगातार मौके पर डटे रहे। उत्पाद अधीक्षक अमृतेश कुमार, सदर एसडीपीओ प्रांजल, कुचायकोट के बीडीओ सुनील कुमार मिश्रा, सीओ मणि भूषण कुमार और थानाध्यक्ष दर्पण सुमन समेत कई अधिकारी अपनी-अपनी टीम के साथ हालात पर नजर बनाए रहे। उच्चाधिकारियों द्वारा पल-पल की जानकारी ली जाती रही और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते रहे।
अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट किया कि जब तक मेथेनॉल को पूरी तरह सुरक्षित रूप से दूसरे टैंकर में स्थानांतरित नहीं किया जाता, राहत और सुरक्षा उपाय जारी रहेंगे। फिलहाल प्रशासन की तत्परता से एक बड़ी दुर्घटना टल गई है, लेकिन इलाके के लोग अब भी पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं और उपकरणों के पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं।