Bihar: सीवान में क्लासरूम बना अखाड़ा, छात्र की बेरहमी से पिटाई का वीडियो वायरल; रहम की गुहार लगाता रहा बच्चा
Bihar: सीवान के बीडीएस पब्लिक स्कूल में क्लासरूम के अंदर 9वीं के छात्र की बेरहमी से पिटाई का वीडियो वायरल हुआ है। घटना को एक सप्ताह बीतने के बावजूद स्कूल प्रबंधन ने कोई कार्रवाई नहीं की।
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सीवान जिले के लकड़ीनबीगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत मदारपुर स्थित बीडीएस पब्लिक स्कूल से जुड़ा एक बेहद शर्मनाक और चिंताजनक मामला सामने आया है। स्कूल के क्लासरूम के भीतर छात्र की बेरहमी से पिटाई का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि स्कूल के ही आधा दर्जन छात्र एक अन्य छात्र को क्लासरूम में बेंच पर पटक-पटक कर पीट रहे हैं। पीड़ित छात्र हाथ जोड़कर रहम की गुहार लगाता नजर आता है, लेकिन हमलावर छात्रों पर इसका कोई असर नहीं होता।
बताया जा रहा है कि यह घटना 22 दिसंबर, सोमवार की है। हैरानी की बात यह है कि घटना के एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद स्कूल प्रबंधन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। न तो दोषी छात्रों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई और न ही पुलिस को सूचना दी गई। पीड़ित छात्र की पहचान छपरा जिले के मशरख थाना क्षेत्र अंतर्गत दुमदुमा गांव निवासी मन्तोष तिवारी के पुत्र अभिमन्यु तिवारी के रूप में हुई है। अभिमन्यु बीडीएस पब्लिक स्कूल, मदारपुर में कक्षा 9वीं का छात्र है।
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पीड़ित छात्र के पिता मन्तोष तिवारी ने बताया कि क्लास के कुछ दबंग छात्रों ने उनके बेटे के साथ मारपीट की, उसका वीडियो बनाया और बाद में धमकाते हुए उसी वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। उनका आरोप है कि यह सब उनके बेटे को बदनाम करने की नीयत से किया गया। मन्तोष तिवारी ने कहा कि उन्होंने स्कूल प्रबंधन से शिकायत की, लेकिन कोई ठोस पहल नहीं की गई। थक-हारकर उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
इस मामले में लकड़ीनबीगंज थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि अब तक न तो स्कूल प्रबंधन और न ही पीड़ित पक्ष की ओर से थाने में कोई लिखित शिकायत दी गई है। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर पुलिस तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेगी। क्लासरूम में हुई इस हिंसक घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, अनुशासन और स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक संज्ञान लेता है और पीड़ित छात्र को न्याय मिल पाता है।