Bihar: सीवान के डीएवी कॉलेज में विवाद, शिक्षिका से अभद्रता का मामला; पुलिस के दखल के बाद शांत हुई स्थिति
सीवान के डीएवी पीजी कॉलेज में हाजिरी विवाद के दौरान बाहरी युवक द्वारा महिला शिक्षिका से अभद्रता के बाद तनाव बढ़ गया। पुलिस ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। शिक्षकों ने प्राचार्य पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई नहीं होने पर धरने की चेतावनी दी।
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करीब एक माह से डीएवी पीजी कॉलेज, सिवान में चल रहे प्राचार्य और शिक्षकों के विवाद ने शनिवार को नया मोड़ ले लिया। मामला उस समय और बढ़ गया जब हाजिरी काटने को लेकर हुए विवाद के दौरान एक बाहरी युवक ने महिला शिक्षिका का हाथ पकड़ लिया। घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और सूचना पर पहुंची पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
घटना के संबंध में पीड़ित शिक्षिका डॉ. सुरुचि उपाध्याय ने बताया कि शनिवार सुबह प्राचार्य डॉ. रामानंद राम, प्रो. निर्भय कुमार, डॉ. अरबिंद कुमार और डॉ. ब्रजनंदन सिंह एक ही ट्रेन से सिवान स्टेशन पहुंचे। प्राचार्य 10:04 बजे कॉलेज पहुंच गए, जबकि अन्य शिक्षक 10:06 बजे पहुंचे और हाजिरी दर्ज की। इसी बीच प्राचार्य ने तीनों शिक्षकों की उपस्थिति काट दी।
इसकी जानकारी मिलने पर शिक्षक प्राचार्य कक्ष पहुंचे और विरोध जताया। इसी दौरान, आरोप है कि प्राचार्य के इशारे पर एक बाहरी युवक कमरे में पहुंचकर वीडियो बनाने लगा। शिक्षकों द्वारा विरोध करने पर उसने महिला शिक्षिका का हाथ पकड़ लिया, जिससे विवाद और भड़क गया। घटना के बाद शिक्षक आक्रोशित हो गए। सूचना पर पहुंची नगर थाना पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराया और थाने बुलाया।
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महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. धनंजय यादव और उपाध्यक्ष प्रो. सत्येंद्र कुमार सिंह ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए आरोप लगाया कि प्राचार्य ने बाहरी व्यक्ति से शिक्षकों का अवैध रूप से वीडियो बनवाया। विरोध करने पर महिला शिक्षिकाओं के साथ अभद्रता और हाथापाई की गई।
शिक्षकों ने यह भी आरोप लगाया कि प्राचार्य द्वारा बाहरी तत्वों से उन्हें धमकाया गया तथा एससी-एसटी एक्ट में फंसाने की चेतावनी दी गई। मामले को लेकर नगर थाना में तहरीर दी गई है और कुलपति को भी सूचना भेजी गई है।
सोमवार को कुलपति का दौरा
शिक्षक संघ के अनुसार, कुलपति ने सोमवार को कॉलेज आने और मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करेंगे।