Bihar News: सीवान में नहर से मिले दोनों शवों की हुई पहचान, पुलिस ने शुरू की जांच
सीवान के जीबी नगर थाना क्षेत्र में पिपरा गांव के समीप नहर से शनिवार को बोरे में बंद दो शव मिले, जिनकी पहचान रविवार को आजाद अहमद (40) और अनिल कुमार राम (30) के रूप में हुई।
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सीवान के जीबी नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपरा गांव के समीप नहर से शनिवार को बोरे में बंद मिले दो शवों की पहचान रविवार को हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। मृतकों की पहचान सीवान जिले के जामो थाना क्षेत्र के आलमापुर गांव निवासी अमरुद्दीन मिया के 40 वर्षीय पुत्र आजाद अहमद और गोपालगंज जिले के नगर थाना क्षेत्र के सरेया वार्ड संख्या–2 निवासी कामेश्वर राम के 30 वर्षीय पुत्र अनिल कुमार राम के रूप में की गई है।
परिजनों के अनुसार, आजाद अहमद पिछले कई वर्षों से अपने पैतृक गांव आलमापुर में नहीं रह रहा था। उसकी शादी हो चुकी थी और उसके चार बेटियां तथा एक बेटा था। बताया गया कि करीब एक वर्ष पूर्व उसके बेटे की रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई थी, जिसमें जहर का असर पाया गया था। आजाद के परिजनों ने यह भी बताया कि उसके खिलाफ कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज थे। वह लंबे समय से गोपालगंज में एक दूसरी महिला के साथ किराये के मकान में रह रहा था और मुख्य रूप से शादी-विवाह के अवसरों पर पटाखों का व्यवसाय करता था।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को आजाद अहमद गोपालगंज निवासी अनिल कुमार राम के साथ आलमापुर गांव आया था। गांव में भोजन करने के बाद दोनों शाम करीब 4:30 बजे गोपालगंज लौटने के लिए निकले थे। इसके बाद रविवार को अनिल के परिवार को दो शव मिलने की सूचना मिली, जिस पर वे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और शवों की पहचान की गई। इस दौरान यह स्पष्ट हुआ कि दोनों शव आजाद और अनिल के ही हैं।
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अनिल कुमार राम के परिजनों ने बताया कि अनिल घर बनाने का काम करता था और साथ ही बाइक रिपेयरिंग का व्यवसाय भी करता था। आजाद अक्सर अपनी बाइक बनवाने के लिए अनिल के पास आता-जाता था। परिजनों के अनुसार अनिल स्वभाव से सीधा-सादा था और खाने-पीने के मामले में कमजोर था। किसी के साथ भोजन के लिए बुलाने पर वह तुरंत तैयार हो जाता था। शुक्रवार को आजाद ने उसे गांव चलकर खाना खाने का प्रस्ताव दिया, जिस पर वह उसके साथ चला गया। शुक्रवार शाम करीब 5 बजे तक अनिल से मोबाइल पर बात हुई थी, लेकिन उसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। तलाश करते हुए परिजन आलमापुर पहुंचे, जहां दो शव मिलने की जानकारी मिली।
पूरे मामले में यह आशंका जताई जा रही है कि अपराधियों का मुख्य निशाना आजाद अहमद था। माना जा रहा है कि किसी पुरानी दुश्मनी या आपराधिक रंजिश के कारण उसकी हत्या की गई। लेकिन अनिल के साथ होने और घटना की जानकारी उजागर होने के डर से अपराधियों ने अनिल की भी हत्या कर दी।
इस संबंध में जीबी नगर थाना प्रभारी मिहिर कुमार ने बताया कि शनिवार को नहर से बरामद शवों की पहचान हो चुकी है। प्रारंभिक जांच में यह प्रतीत होता है कि आजाद की हत्या किसी दुश्मनी के चलते की गई, जबकि अनिल की हत्या उसके साथ मौजूद होने के कारण की गई। दोनों मृतकों के परिजनों के आवेदन के आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है तथा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस दोहरे हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा।