{"_id":"5e889e748ebc3e6fc9416ec0","slug":"largest-hot-desert-in-the-world-sahara-desert-mystery","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"दुनिया के सबसे बड़े गर्म रेगिस्तान की रहस्यमय बातें, 10 देशों में फैला है यह","category":{"title":"Bizarre News","title_hn":"हटके खबर","slug":"bizarre-news"}}
दुनिया के सबसे बड़े गर्म रेगिस्तान की रहस्यमय बातें, 10 देशों में फैला है यह
सहारा मरुस्थल (रेगिस्तान) का नाम तो आपने सुना ही होगा। यह दुनिया का सबसे बड़ा गर्म मरुस्थल है। दरअसल, सहारा नाम रेगिस्तान के लिए अरबी शब्द 'सहरा' से लिया गया है, जिसका अर्थ होता है मरुस्थल। उत्तरी अफ्रीका पूरी तरह से इस रेगिस्तान से ढंका हुआ है जबकि इसका थोड़ा सा भाग एशिया महाद्वीप में भी पड़ता है। आज हम आपको इस रेगिस्तान की कुछ खास और रहस्यमय बातें बताने जा रहे हैं, जिसे जानकर शायद आप भी हैरान रह जाएंगे।
2 of 6
सहारा रेगिस्तान
- फोटो : Social media
सहारा रेगिस्तान की लंबाई 4800 किलोमीटर जबकि चौड़ाई 1800 किलोमीटर है। क्षेत्रफल में यह रेगिस्तान यूरोप महाद्वीप के लगभग बराबर और भारत के क्षेत्रफल के दोगुने से भी अधिक है। यह करीब 92 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।
3 of 6
चाड की सीमा से लगा सहारा रेगिस्तान
- फोटो : Social media
सहारा रेगिस्तान ने दुनिया के आठ फीसदी थलीय भाग को अपनी चपेट में ले रखा है। इसकी सबसे खास बात कि यह मरुस्थल 10 देशों में फैला हुआ है, जिसमें माली, मोरक्को, मौरितानिया, अल्जीरिया, ट्यूनीशिया, लीबिया, नाइजर, चाड, सूडान और मिस्र जैसे देश शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 6
सहारा रेगिस्तान
- फोटो : Social media
भले ही सहारा रेगिस्तान में इंसानों के रहने के लिए अनुकूल परिस्थितियां नहीं हैं, लेकिन इसके बावजूद यहां 500 के करीब रेंगने वाले जीव पाए जाते हैं। इसके अलावा इस रेगिस्तान में 1000 के करीब पेड़ों की प्रजातियां भी जीवित हैं। हालांकि पेड़ ज्यादातर पानी के स्रोतों के पास ही मिलते हैं।
विज्ञापन
5 of 6
सहारा रेगिस्तान
- फोटो : Social media
बाकी रेगिस्तानों की तरह सहारा में भी दिन के समय भयंकर गर्मी और रात के समय भयंकर सर्दी पड़ती है। आमतौर पर रेगिस्तानों में बर्फबारी तो होती नहीं है, लेकिन साल 2016 में यहां बर्फबारी हुई थी, जिसने सभी को हैरान कर दिया था। इसके पीछे वजह ये बताई गई थी कि रेगिस्तान के पास ही स्थित एटलस पर्वत की तलहटी में तापमान सामान्य से 10-15 डिग्री नीचे चला गया था। साथ ही ऊंचाई पर कम दाब का केंद्र उत्पन्न हो गया था, जिसके कारण हवा तेजी से नीचे की तरफ आई और बर्फबारी जैसी स्थितियां पैदा हो गईं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।