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Chandigarh News: कैब एग्रीगेटर इनड्राइव का लाइसेंस छह माह के लिए निलंबित
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चंडीगढ़। कैब चालकों के हितों की अनदेखी और नियमों के लगातार उल्लंघन पर स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) चंडीगढ़ ने कैब एग्रीगेटर कंपनी मैसर्स इंडसिस्टम्स आईटी प्राइवेट लिमिटेड (इनड्राइव) का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से छह महीने के लिए निलंबित कर दिया है। कंपनी पर चंडीगढ़ एडमिनिस्ट्रेशन मोटर व्हीकल्स एग्रीगेटर्स रूल्स-2025 के प्रावधानों का पालन नहीं करने के आरोप हैं। चंडीगढ़ में इनड्राइव की टैक्सी सेवा बंद हो गई है।
एसटीए सचिव नीतीश सिंगला की ओर से जारी आदेश के अनुसार कंपनी के खिलाफ जुलाई 2025 से जुलाई 2026 तक कई कारण बताओ नोटिस, ईमेल रिमाइंडर और बैठकें की गईं। कंपनी ने समय बढ़ाने की मांग की जिसे मंजूर भी किया गया लेकिन इसके बावजूद प्रशासन के समक्ष संतोषजनक और पुख्ता कानूनी अनुपालन रिपोर्ट नहीं रखी गई। इसके बाद एसटीए ने लाइसेंस निलंबित करने का फैसला लिया।
जांच में सामने आया कि कंपनी अपने साथ जुड़े कैब चालकों को हेल्थ इंश्योरेंस, टर्म इंश्योरेंस और जरूरी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में नाकाम रही। इसके अलावा चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से 7 जुलाई 2025 को तय किराया दरों को लागू नहीं किया गया। चालकों से प्रीपेड रिचार्ज और सब्सक्रिप्शन मॉडल के नाम पर कथित तौर पर वसूली भी की जा रही थी।
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एक कमरे के ऑफिस में चार कुर्सियां, स्टाफ भी नहीं
जांच कमेटी ने सेक्टर-34ए के कंपनी के स्थानीय कार्यालय का निरीक्षण किया तो वहां केवल एक छोटा कमरा, चार कुर्सियां, एक टेबल और एक कंप्यूटर मिला। मौके पर कोई कर्मचारी नहीं था और जरूरी बुनियादी ढांचा भी नहीं पाया गया। एसटीए की ओर से बार-बार मांगे जाने के बावजूद कंपनी ने अपने साथ जुड़ी गाड़ियों की सूची तक उपलब्ध नहीं कराई। उधर, प्रशासन ने कंपनी को करीब एक साल तक नियमों में सुधार का अवसर दिया। नोटिस, रिमाइंडर और बैठकों के बावजूद स्थिति नहीं सुधरी।
एसटीए सचिव नीतीश सिंगला की ओर से जारी आदेश के अनुसार कंपनी के खिलाफ जुलाई 2025 से जुलाई 2026 तक कई कारण बताओ नोटिस, ईमेल रिमाइंडर और बैठकें की गईं। कंपनी ने समय बढ़ाने की मांग की जिसे मंजूर भी किया गया लेकिन इसके बावजूद प्रशासन के समक्ष संतोषजनक और पुख्ता कानूनी अनुपालन रिपोर्ट नहीं रखी गई। इसके बाद एसटीए ने लाइसेंस निलंबित करने का फैसला लिया।
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जांच में सामने आया कि कंपनी अपने साथ जुड़े कैब चालकों को हेल्थ इंश्योरेंस, टर्म इंश्योरेंस और जरूरी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में नाकाम रही। इसके अलावा चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से 7 जुलाई 2025 को तय किराया दरों को लागू नहीं किया गया। चालकों से प्रीपेड रिचार्ज और सब्सक्रिप्शन मॉडल के नाम पर कथित तौर पर वसूली भी की जा रही थी।
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एक कमरे के ऑफिस में चार कुर्सियां, स्टाफ भी नहीं
जांच कमेटी ने सेक्टर-34ए के कंपनी के स्थानीय कार्यालय का निरीक्षण किया तो वहां केवल एक छोटा कमरा, चार कुर्सियां, एक टेबल और एक कंप्यूटर मिला। मौके पर कोई कर्मचारी नहीं था और जरूरी बुनियादी ढांचा भी नहीं पाया गया। एसटीए की ओर से बार-बार मांगे जाने के बावजूद कंपनी ने अपने साथ जुड़ी गाड़ियों की सूची तक उपलब्ध नहीं कराई। उधर, प्रशासन ने कंपनी को करीब एक साल तक नियमों में सुधार का अवसर दिया। नोटिस, रिमाइंडर और बैठकों के बावजूद स्थिति नहीं सुधरी।