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Chandigarh: सरकारी स्कूल के छात्र स्टार्टअप महारथी, हर माह हजारों की कमाई; किशोरों को ऐसे मिली नवाचार की समझ
Wed, 19 Aug 2026 06:56 AM IST
दुष्यंत शर्मा
कुलदीप शुक्ला, चंडीगढ़
कुलदीप शुक्ला, चंडीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 19 Aug 2026 06:56 AM IST
सार
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले ऐसे 301 बच्चे स्टार्टअप चलाकर हजारों रुपये कमा रहे हैं।
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- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
महेंद्रगढ़ के भुंगरका सरकारी स्कूल के 12वीं कक्षा के ब्रजेश, अमन, अंकित, सुधाकर और धीरज ने स्थानीय दर्जियों के सहयोग से महिलाओं के लिए किफायती डिजाइनर कपड़े तैयार करने का थ्राइव थ्रेड्स नाम से स्टार्टअप शुरू किया। उनकी टीम हर माह 60 हजार रुपये की कमाई कर रही है।
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यमुनानगर के लाहरपुर सरकारी स्कूल की छात्रा रेनुका, नैन्सी, दिव्या और सिया ने प्राकृतिक सामग्री से बालों का आयुर्वेदिक तेल तैयार किया। अब आयुर्वेदिक हेयर ऑयल नाम से स्टार्टअप चला रही हैं। टीम हर माह 55 हजार रुपये की कमाई कर रही है। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले ऐसे 301 बच्चे स्टार्टअप चलाकर हजारों रुपये कमा रहे हैं। सरकार कुशल बिजनेस योजना 2.0 के तहत सरकारी स्कूलों के चयनित स्टार्टअप को एक लाख तक की प्रोत्साहन राशि देती है। 43 टीमें वर्तमान में संचालित हैं।
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1.18 लाख विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
एनएसक्यूएफ टीम कोऑर्डिनेटर अमरीश शर्मा के मुताबिक शैक्षणिक सत्र 2025-26 में केबीसी-2.0 के तहत विद्यार्थियों को कारोबार व नए विचारों के लिए मंच दिया गया। 30 घंटे का पाठ्यक्रम तीन महीने में पूरा कराया गया।
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11,766 आइडिया और 73.70 सीड मनी
इसके साथ 66 मास्टर ट्रेनर और 5,000 शिक्षक प्रशिक्षित किए गए। विद्यार्थियों ने 11,766 स्टार्टअप्स आइडिया दिए। कार्यक्रम के तहत कुल 73.70 लाख रुपये की सीड मनी वितरित की गई।
केबीसी के जरिए सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ कारोबार और नवाचार की समझ मिली है। स्कूल से राज्य स्तर तक चयन प्रक्रिया ने प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया। ऐसे प्रयास युवाओं में उद्यमिता की सोच मजबूत करेंगे।
-मीनू दहिया प्रोजेक्ट स्टेट कोऑर्डिनेटर, एनएसक्यूएफ
चयन प्रक्रिया के चरण
स्कूल स्तर पर 23,827 टीमों ने हिस्सा लिया। इनमें से 2,501 टीमों का चयन हुआ। इस चरण में कुल 1,18,928 विद्यार्थी शामिल हुए। ब्लॉक स्तर पर 2,501 टीमों में से 595 को चुना गया। इनमें 9,580 छात्र शामिल रहे। जिला स्तर-1 पर 220 टीमों का चयन हुआ।