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Punjab: शिअद में उठने लगे बगावत के सुर, पार्टी के वजूद को बचाने के लिए नेतृत्व बदलने को लेकर सियासत शुरू
Fri, 14 Jun 2024 02:10 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 14 Jun 2024 02:10 PM IST
सार
कोर कमेटी के कुछ सदस्यों ने शिअद की लोकसभा चुनाव में भारी शिकस्त का एक कारण गठबंधन से अलग होना भी बताया। पार्टी के नेताओं ने कहा कि चुनाव परिणाम पर अगर नजर डालें तो शिअद को भाजपा से भी कम वोट मिले हैं, जोकि पार्टी के लिए चिंताजनक स्थिति है।
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सुखबीर बादल
- फोटो : X @Akali_Dal_
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विस्तार
लोकसभा चुनाव में हार के बाद शिरोमणि अकाली दल में रार छिड़ी हुई है। चंडीगढ़ में प्रधान सुखबीर बादल की अध्यक्षता में कोर कमेटी की बैठक में प्रदेश के 12 संसदीय क्षेत्रों में भारी शिकस्त पर मंथन हुआ वहीं दूसरी तरफ पार्टी नेतृत्व को बदलने के सुर भी सुनाई पड़े।
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कोर कमेटी की बैठक में बगावत के सुर पार्टी के ही नेता चरणजीत सिंह बराड़ द्वारा प्रधान सुखबीर बादल को लिखी चिट्ठी से उठे। बराड़ ने अपनी चिट्ठी के जरिये सुखबीर बादल से 14 दिसंबर, 2024 तक नए प्रधान के चुनाव कराने की मांग की है। तब तक पार्टी के कामकाज और हितों के लिए पंच प्रधानी बनाए जाने की मांग की। इसको लेकर कोर कमेटी के सदस्यों में जमकर चर्चा रही।
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गठबंधन पर भी उठी आवाज
कोर कमेटी के कुछ सदस्यों ने शिअद की लोकसभा चुनाव में भारी शिकस्त का एक कारण गठबंधन से अलग होना भी बताया। पार्टी के नेताओं ने कहा कि चुनाव परिणाम पर अगर नजर डालें तो शिअद को भाजपा से भी कम वोट मिले हैं, जोकि पार्टी के लिए चिंताजनक स्थिति है।
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पार्टी के सीनियर नेता बलविंदर सिंह भूदड़ से जब मनप्रीत अयाली को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि जंग में हार-जीत होती रहती है। ऐसे समय में जरनैल के साथ खड़े होना चाहिए। साथ ही पार्टी के प्लेटफार्म पर अपनी बात रखनी चाहिए। इसी तरह प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने कहा कि सभी लोगों को अपनी राय पार्टी मंच पर रखनी चाहिए, ताकि पार्टी को आगे ले जाया सके। मीटिंग में सुखदेव सिंह ढींडसा नहीं पहुंचे। उन्होंने कहा कि उन्हें मीटिंग के लिए न्योता नहीं मिला है। सुखबीर बादल ने कोर कमेटी की मीटिंग में जालंधर वेस्ट सीट के अलावा चार अन्य हलकों में उपचुनाव को लेकर चर्चा की। इसको लेकर सुखबीर ने इन हलकों में अपने पार्टी के कार्यकर्तांओ और नेताओं को जमीनी स्तर पर अभी से जुटने के लिए कहा है।