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नकली शराब पर शिकंजा: पंजाब में दारू की हर बोतल पर लगेगा क्यूआर कोड, एक्साइज ड्यूटी की चोरी पर भी लगेगी लगाम

राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो Updated Wed, 21 Jan 2026 09:14 PM IST
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सार

पिछले साल मई में अमृतसर के मजीठा क्षेत्र में जहरीली शराब से 21 लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया और जिम्मेदारी तय करने के लिए कुछ क्षेत्रीय अधिकारियों को निलंबित किया गया। वर्ष 2024 में संगरूर में भी जहरीली शराब से 20 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।

Every bottle of liquor in Punjab will be monitored using a QR code.
शराब - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब सरकार जहरीली और नकली शराब पर रोक लगाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब राज्य में शराब की हर बोतल पर यूनिक क्यूआर कोड लगाया जाएगा, जिससे प्लांट से ठेके तक आपूर्ति की वास्तविक समय में निगरानी संभव होगी। इससे न केवल जहरीली शराब के मामलों पर नियंत्रण होगा बल्कि एक्साइज ड्यूटी की चोरी और तस्करी पर भी प्रभावी लगाम लगेगा।
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सरकार ने इसके लिए योग्य एजेंसियों से आवेदन मांगे हैं और जल्द ही परियोजना लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। वर्तमान में भी क्यूआर कोड का प्रयोग होता है लेकिन पुरानी प्रणाली प्रभावी नहीं रही। अक्सर क्यूआर कोड खराब हो जाते हैं जिससे निगरानी में बाधा आती है।
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नई प्रणाली में एक उन्नत सॉफ्टवेयर तैयार किया जाएगा, जिसे बूम बैरियर, जीपीएस लॉक और स्मार्ट लॉक सिस्टम के साथ जोड़ा जाएगा। इससे शराब की बोतलों की टूट-फूट और बर्बादी का रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। इंडियन मेड फॉरेन लिकर, कंट्री लिकर और फॉरेन लिकर की उत्पादन और आपूर्ति के आंकड़े वास्तविक समय में एकत्रित और जांचे जा सकेंगे। इस प्रणाली के साथ पंजाब सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि प्रदेश में शराब की सुरक्षा और एक्साइज ड्यूटी की चोरी पर कोई समझौता नहीं होगा।

क्यूआर कोड व बारकोड सिस्टम की खासियत

  • प्रत्येक क्यूआर कोड यूनिक और सुरक्षित होगा, जिससे नकली कोड नहीं बन सकेंगे।
  • आबकारी अधिकारी एप्लिकेशन के माध्यम से स्कैन कर सकेंगे कि बोतल कहां बनी और कहां आपूर्ति हो रही है।
  • बोतल/कैन टूटने पर अनुपयोगी लेबल और कोड को नष्ट करने का विकल्प।
  • ई-आबकारी की ओर से जारी परमिट और पास क्यूआर कोड स्कैनिंग डिवाइस से जुड़े रहेंगे।
  • नकली क्यूआर कोड जनरेट होने पर सिस्टम तुरंत अलर्ट देगा।

पिछले साल हुए कई हादसे

पिछले साल मई में अमृतसर के मजीठा क्षेत्र में जहरीली शराब से 21 लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया और जिम्मेदारी तय करने के लिए कुछ क्षेत्रीय अधिकारियों को निलंबित किया गया। वर्ष 2024 में संगरूर में भी जहरीली शराब से 20 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। इन घटनाओं ने इस प्रणाली की तत्काल आवश्यकता को साबित किया। पंजाब के आबकारी विभाग का कहना है कि क्यूआर कोड आधारित ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम से न केवल कानून व्यवस्था में सुधार होगा, बल्कि उपभोक्ताओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। इससे शराब तस्करी और नकली शराब की बिक्री पर कड़ी निगरानी रहेगी। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि इस प्रणाली के लागू होने से भविष्य में जहरीली शराब से होने वाली दुर्घटनाओं में काफी हद तक कमी आएगी।
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