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पीजीआई का शोध: बच्चों के दिमागी संक्रमण पर बड़ी जीत, PGI ने खोजा सटीक और तेज पहचान का तरीका
वीणा तिवारी, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 24 Feb 2026 07:36 AM IST
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सार
तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी, दौरे या बेहोशी जैसे लक्षण में यह पता लगाना मुश्किल होता था कि संक्रमण किस वायरस से हुआ है। कई बार सामान्य जांच रिपोर्ट स्पष्ट नहीं आती थी और डॉक्टरों को अनुमान के आधार पर इलाज शुरू करना पड़ता था।
दिमागी संक्रमण
- फोटो : Freepik.com
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विस्तार
चंडीगढ़ पीजीआई के डॉक्टरों ने बच्चों में होने वाले खतरनाक दिमागी संक्रमण एंटेरोवायरस एन्सेफलाइटिस की सटीक और समय पर पहचान का तरीका बेहतर बना लिया है।
अब एमआरआई और आरटी-पीसीआर जैसी आधुनिक जांच तकनीकों की संयुक्त मदद से बीमारी की जल्दी पुष्टि संभव हो सकेगी। इससे इलाज समय पर शुरू कर बच्चों की जान बचाने की संभावना बढ़ेगी।
अब तक स्थिति यह थी कि तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी, दौरे या बेहोशी जैसे लक्षण तो सामने आ जाते थे लेकिन यह पता लगाना मुश्किल होता था कि संक्रमण किस वायरस से हुआ है। कई बार सामान्य जांच रिपोर्ट स्पष्ट नहीं आती थी और डॉक्टरों को अनुमान के आधार पर इलाज शुरू करना पड़ता था। यह बीमारी खासतौर पर बच्चों को प्रभावित करती है और देरी होने पर जानलेवा भी हो सकती है।
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अब एमआरआई और आरटी-पीसीआर जैसी आधुनिक जांच तकनीकों की संयुक्त मदद से बीमारी की जल्दी पुष्टि संभव हो सकेगी। इससे इलाज समय पर शुरू कर बच्चों की जान बचाने की संभावना बढ़ेगी।
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अब तक स्थिति यह थी कि तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी, दौरे या बेहोशी जैसे लक्षण तो सामने आ जाते थे लेकिन यह पता लगाना मुश्किल होता था कि संक्रमण किस वायरस से हुआ है। कई बार सामान्य जांच रिपोर्ट स्पष्ट नहीं आती थी और डॉक्टरों को अनुमान के आधार पर इलाज शुरू करना पड़ता था। यह बीमारी खासतौर पर बच्चों को प्रभावित करती है और देरी होने पर जानलेवा भी हो सकती है।