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Chandigarh: पीजीआई में कॉन्ट्रेक्ट वर्कर्स का आंदोलन तेज, चार हजार कर्मी 24 घंटे की सामूहिक भूख हड़ताल पर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 07 Jan 2026 10:57 AM IST
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सार
53 दिनों से चल रही क्रमिक भूख हड़ताल के बावजूद निदेशक स्तर पर कोई ठोस बातचीत शुरू नहीं की गई। 30 दिसंबर के बाद बुधवार को एक बार फिर लगभग 4 हजार कॉन्ट्रैक्ट वर्कर सामूहिक भूख हड़ताल पर बैठ गए।
पीजीआई में भूख हड़ताल शुरू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चंडीगढ़ पीजीआई में कार्यरत संविदा कर्मियों की मांगों पर कोई समाधान न निकलने के बाद आंदोलन तेज हो गया है। जॉइंट एक्शन कमेटी ऑफ पीजीआई कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियंस के आह्वान पर मंगलवार को दो संविदा कर्मियों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी थी। उनके समर्थन में अन्य संविदा कर्मी भी आज 24 घंटे की सामूहिक भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।
जेएसी के चेयरमैन अश्वनी कुमार मुंजाल ने बताया कि मंगलवार दोपहर 2 बजे से सुंदर (सैनिटरी अटेंडेंट व सीनियर वाइस चेयरमैन) और बलविंदर मलिक (अतिरिक्त महासचिव) अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। आंदोलन के समर्थन में सभी संविदा कर्मियों से काली पट्टियां बांधने की अपील की गई है। अश्वनी कुमार मुंजाल ने कहा कि संविदा कर्मियों की मांगों और शिकायतों को लेकर प्रबंधन का रवैया लगातार टालमटोल वाला रहा है।
53 दिनों से चल रही क्रमिक भूख हड़ताल के बावजूद निदेशक स्तर पर कोई ठोस बातचीत शुरू नहीं की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इसी क्रम में 30 दिसंबर के बाद बुधवार को एक बार फिर लगभग 4 हजार कॉन्ट्रैक्ट वर्कर सामूहिक भूख हड़ताल पर बैठ गए।
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जेएसी के चेयरमैन अश्वनी कुमार मुंजाल ने बताया कि मंगलवार दोपहर 2 बजे से सुंदर (सैनिटरी अटेंडेंट व सीनियर वाइस चेयरमैन) और बलविंदर मलिक (अतिरिक्त महासचिव) अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। आंदोलन के समर्थन में सभी संविदा कर्मियों से काली पट्टियां बांधने की अपील की गई है। अश्वनी कुमार मुंजाल ने कहा कि संविदा कर्मियों की मांगों और शिकायतों को लेकर प्रबंधन का रवैया लगातार टालमटोल वाला रहा है।
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53 दिनों से चल रही क्रमिक भूख हड़ताल के बावजूद निदेशक स्तर पर कोई ठोस बातचीत शुरू नहीं की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। इसी क्रम में 30 दिसंबर के बाद बुधवार को एक बार फिर लगभग 4 हजार कॉन्ट्रैक्ट वर्कर सामूहिक भूख हड़ताल पर बैठ गए।