पंजाब के दस जिलों के हजारों अध्यापक सड़क पर उतरे। बठिंडा में वेतन में कटौती किए जाने के विरोध में रविवार को दस जिलों से संबंधित हजारों अध्यापकों ने सांझा अध्यापक मोर्चा के बैनर तले साथी जत्थेबंदियों के साथ मिलकर बठिंडा मानसा डबवाली नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया।
तस्वीरें: टीचर और पुलिस में धक्का-मुक्की, बैरिकेड तोड़े, प्रशासन में हड़कंप मचा
जब अध्यापक अपनी साथी जत्थेबंदियों के साथ मिलकर मिनी सचिवालय से नेशनल हाईवे की तरफ बढ़ रहे थे तो पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन अध्यापकों ने पुलिस के साथ धक्का मुक्की कर बैरिकेड तोड़ दिए और नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। इसी दौरान एक पुलिस कर्मी को अध्यापकों के गुस्से का शिकार होना पड़ा, लेकिन समय रहते वहां पर तैनात अन्य पुलिस अफसरों ने पुलिस कर्मी को बचा लिया।
पुलिस ने बैरिकेड लगाकर धरनाकारियों को रोकने की कोशिश की लेकिन अध्यापक बैरिकेड तोड़कर नेशनल हाईवे पर पहुंच गए। देर शाम खबर लिखे जाने तक अध्यापकों, किसानों, मजदूरों और छात्र संगठनों का धरना जारी था।
सांझा अध्यापक मोर्चा के नेता रेशम सिंह और जगसीर सिंह ने कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगे पूरी नहीं करती तब तक उनका धरना जारी रहेगा। अगर पुलिस प्रशासन या सरकार ने उनके धरने को जबरदस्ती उठवाने का प्रयास किया तो वह ईंट का जवाब पत्थर से देंगे। वहीं रविवार को संघर्ष कर रहे अध्यापकों के साथ उनके बच्चे भी धरने में शामिल हुए।
