गुरुवार को पटियाला से गिरफ्तार आतंकी शबनमदीप सिंह ने कई खुलासे किए हैं। इन खुलासों ने एक बार पाकिस्तान का घिनौना सच सबके सामने ला दिया। आइए जानें आखिर पाक खुफिया एजेंसी देश को दहलाने के लिए कौन सी साजिश रच रही थी।
पटियाला से गिरफ्तार आंतकी ने किए चौंकाने वाले खुलासे, देश के सामने आए पाक को लेकर पांच बड़े सच
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पुलिस ने बताया कि जांच में सामने आया है कि शबनमदीप से पाक इंटेलीजेंस ऑफिसर जावेद खान वजीर ने संपर्क किया था। उसने उसकी निहाल सिंह नाम के व्यक्ति से जान-पहचान कराई गई थी। उसने खुद को आईएसआई समर्थित सिख फॉर जस्टिस संगठन का समर्थक बताया। इसके बाद निहाल सिंह और पाक इंटेलीजेंस अफसर ने शबनमदीप से नियमित तौर पर बातचीत करनी शुरू कर दी।
इन दोनों ने शबनमदीप को शराब के ठेकों को आग लगाने और फिर इन वारदात की वीडियो बनाकर उन्हें भेजने के लिए कहा। इन निर्देशों का पालन करते हुए शबनमदीप और उसके साथियों ने पिछले महीने कई शराब के ठेकों और झोपड़ियों समेत एक घर में आग लगाई। इन सबकी वीडियो बनाकर उसने पाकिस्तान स्थित अपने साथियों को भेजी।
निहाल सिंह द्वारा ट्रांसफर किए फंड से शबनमदीप सिंह ने एक सीटी 100 बजाज प्लेटिनम मोटरसाइकिल और एक नया मोबाइल फोन खरीदा। डीजीपी के मुताबिक शबनमदीप सिंह जिला तरनतारन के गांव नागोके के रहने वाले सुखराज सिंह उर्फ राजू पुत्र बलवंत सिंह के भी संपर्क में था जो शराब के ठेकों को जलाने और रेफरेंडम 2020 कैंपेन के प्रचार में शामिल था। इस काम के लिए सुखराज सिंह को विदेश से पैसा आ रहा था।
सुखराज सिंह ने शबनमदीप सिंह को टारगेट किलिंग करने के लिए हथियारों की डिलीवरी करने के संबंध में संपर्क किया था। सुखराज सिंह को हाल ही में अमृतसर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसी बीच पाक इंटेलीजेंस ऑफिसर जावेद खान ने शबनमदीप सिंह को संपर्क किया और उसके साथ खालिस्तान गदर फोर्स संगठन का नाम और लोगो शेयर किया।
शबनमदीप और उसके पाक स्थित आकाओं ने खालिस्तान गदर फोर्स के नाम से एक फेसबुक पेज भी बनाया था। जावेद खान ने शबनमदीप को टारगेट किलिंग करने को कहा था और हर एक टारगेट किलिंग के लिए 10 लाख रुपये देने का वादा किया था। अक्तूबर के दूसरे सप्ताह में शबनदीप सिंह को पाकिस्तान स्थित उसके आकाओं ने एक नया फोन लेकर उसमें नई मैसेजिंग एप्लीकेशन डालकर आगे की बातचीत जारी रखने की ताकीद भी की थी।
आरोपियों ने शबनमदीप को पिस्टल व ग्रेनेड देने का वादा किया था। 24 अक्तूबर को इन हथियारों की डिलीवरी भी शबनमदीप को हो गई थी। इस ग्रेनेड का इस्तेमाल शबनमदीप को त्योहारी सीजन के दौरान कुछ पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर इस्तेमाल करने की ताकीद की गई थी।
डीजीपी ने जारी बयान में बताया है कि शबनमदीप सिंह की गिरफ्तारी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि एसएफजे संगठन सिख रेफरेंडम 2020 कैंपेन का हिंसा व आगजनी के जरिये करना जारी रखे है। डीजीपी ने पंजाब के नौजवानों से इस तरह से एंटी नेशनल और असमाजिक तत्वों के जाल में न फंसने की अपील की है।