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Ambikapur News: गबन मामले में गलत गिरफ्तारी का आरोप, कांग्रेस ने जनपद पंचायत सीईओ पर साधा निशाना
Fri, 31 Jul 2026 08:41 PM IST
अंबिकापुर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर
Published by: अंबिकापुर ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2026 08:41 PM IST
सार
अंबिकापुर के चिताबहार शौचालय निर्माण गबन मामले में सरपंच संघ अध्यक्ष रामसाय मिंज की गिरफ्तारी के बाद सियासत तेज हो गई है। जिला कांग्रेस ने कार्रवाई को गलत बताते हुए जनपद पंचायत सीईओ के खिलाफ कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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कांग्रेस ने जनपद सीईओ को हटने की मांग।
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विस्तार
अंबिकापुर के चिताबहार ग्राम में सामुदायिक शौचालय निर्माण से जुड़े कथित गबन मामले में सरपंच संघ अध्यक्ष रामसाय मिंज की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है। जिला कांग्रेस ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए जनपद पंचायत के सीईओ को जिम्मेदार ठहराया है और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सरगुजा जिले के अंबिकापुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम चिताबहार में सामुदायिक शौचालय निर्माण से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता के मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। सरईटिकरा के सरपंच एवं सरपंच संघ अध्यक्ष रामसाय मिंज की गिरफ्तारी के बाद जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
कांग्रेस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दावा किया कि जिस वित्तीय वर्ष 2020-21 के कार्यों की जांच की जा रही है, उस समय चिताबहार ग्राम पंचायत के सरपंच रामसाय मिंज नहीं, बल्कि शिवनाथ भगत थे। पार्टी का कहना है कि इस तथ्य के बावजूद रामसाय मिंज के खिलाफ कार्रवाई की गई।
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रिकॉर्ड में त्रुटि का लगाया आरोप
कांग्रेस के अनुसार ग्राम सचिव द्वारा जनपद पंचायत को भेजी गई शिकायत में भी रामसाय मिंज का नाम शामिल नहीं था। इसके अलावा रामसाय मिंज ने पहले ही लिखित रूप से जनपद पंचायत को सूचित किया था कि संबंधित अवधि में वे चिताबहार पंचायत के सरपंच नहीं थे। इसके बावजूद उनकी गिरफ्तारी की गई, जिसे कांग्रेस ने प्रशासनिक लापरवाही बताया है।
न्यायालय में जमानत लेने से किया इनकार
शुक्रवार सुबह दरिमा पुलिस ने रामसाय मिंज को हिरासत में लेकर एसडीएम न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में उन्होंने स्वयं को निर्दोष बताते हुए जमानत लेने से इनकार कर दिया। इसकी जानकारी मिलते ही जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता न्यायालय पहुंच गए और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
सीईओ को हटाने की मांग
कांग्रेस का आरोप है कि जनपद पंचायत के अभिलेखों में हुई त्रुटि के कारण गलत व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की गई। पार्टी का दावा है कि बाद में संबंधित रिकॉर्ड में गलती स्वीकार किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। जिला कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने, लिखित रूप से माफी मांगने और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को पद से हटाने की मांग की है।
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सरगुजा जिले के अंबिकापुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम चिताबहार में सामुदायिक शौचालय निर्माण से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता के मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। सरईटिकरा के सरपंच एवं सरपंच संघ अध्यक्ष रामसाय मिंज की गिरफ्तारी के बाद जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
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कांग्रेस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दावा किया कि जिस वित्तीय वर्ष 2020-21 के कार्यों की जांच की जा रही है, उस समय चिताबहार ग्राम पंचायत के सरपंच रामसाय मिंज नहीं, बल्कि शिवनाथ भगत थे। पार्टी का कहना है कि इस तथ्य के बावजूद रामसाय मिंज के खिलाफ कार्रवाई की गई।
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रिकॉर्ड में त्रुटि का लगाया आरोप
कांग्रेस के अनुसार ग्राम सचिव द्वारा जनपद पंचायत को भेजी गई शिकायत में भी रामसाय मिंज का नाम शामिल नहीं था। इसके अलावा रामसाय मिंज ने पहले ही लिखित रूप से जनपद पंचायत को सूचित किया था कि संबंधित अवधि में वे चिताबहार पंचायत के सरपंच नहीं थे। इसके बावजूद उनकी गिरफ्तारी की गई, जिसे कांग्रेस ने प्रशासनिक लापरवाही बताया है।
न्यायालय में जमानत लेने से किया इनकार
शुक्रवार सुबह दरिमा पुलिस ने रामसाय मिंज को हिरासत में लेकर एसडीएम न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में उन्होंने स्वयं को निर्दोष बताते हुए जमानत लेने से इनकार कर दिया। इसकी जानकारी मिलते ही जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता न्यायालय पहुंच गए और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
सीईओ को हटाने की मांग
कांग्रेस का आरोप है कि जनपद पंचायत के अभिलेखों में हुई त्रुटि के कारण गलत व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की गई। पार्टी का दावा है कि बाद में संबंधित रिकॉर्ड में गलती स्वीकार किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। जिला कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने, लिखित रूप से माफी मांगने और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को पद से हटाने की मांग की है।