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Balod: धर्मांतरित अधेड़ का शव दूसरे गांव में दफनाने पर भारी हंगामा, भीमाटोला बना छावनी
अमर उजाला नेटवर्क, बालोद
Published by: बालोद ब्यूरो
Updated Thu, 05 Feb 2026 05:35 PM IST
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सार
बालोद जिले के बोरगांव और भीमाटोला क्षेत्र में एक धर्मांतरित व्यक्ति के शव को दफनाने के विवाद ने तूल पकड़ लिया है। बोरगांव निवासी संतोष मण्डावी (45) की मृत्यु के बाद कल उसके शव को भीमाटोला गांव में दफनाया गया था।
शव दफनाने को लेकर विवाद
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विस्तार
बालोद जिले के बोरगांव और भीमाटोला क्षेत्र में एक धर्मांतरित व्यक्ति के शव को दफनाने के विवाद ने तूल पकड़ लिया है। बोरगांव निवासी संतोष मण्डावी (45) की मृत्यु के बाद कल उसके शव को भीमाटोला गांव में दफनाया गया था, जिसे लेकर ग्रामीण और हिंदू संगठन उग्र हो गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।
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ग्रामीणों और हिंदू संगठनों का कड़ा विरोध
मिली जानकारी के अनुसार, मृतक संतोष मण्डावी पिता बहुर सिंह पिछले 3 वर्षों से धर्मांतरित था। उसकी मृत्यु के बाद परिजनों ने शव को गृह ग्राम बोरगांव में न दफनाकर भीमाटोला में दफन कर दिया। जैसे ही यह खबर ग्रामीणों को मिली, विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। हिंदू संगठन के जिला उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की स्पष्ट मांग है कि या तो शव को वहां से निकाला जाए या परिवार पुनः अपने मूल धर्म में वापसी करे।
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पंचायत भवन में सुलह की कोशिश
तनाव को देखते हुए ग्राम पंचायत बोरगांव के भवन में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हाई-लेवल बैठक बुलाई गई। बैठक में तहसीलदार और पुलिस अधिकारी दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों का मुख्य फोकस कानून-व्यवस्था बनाए रखना और आपसी सहमति से समाधान निकालना है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
गांव में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। ग्रामीण फिलहाल अपनी मांग पर अड़े हुए हैं, जिससे स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन ग्रामीणों को समझाने और शांतिपूर्ण ढंग से मामले को सुलझाने की कोशिश में जुटा है।
