फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Balodabazar-Bhatapara News ›   80 students of Bhatapara study in school risking their lives

मौलिक अधिकार से कोसो दूर छात्र: जान हथेली पर रखकर आते हैं स्कूल, न खेल का मैदान; शिकायत पर भी जवाब नहीं

Wed, 23 Oct 2024 11:07 AM IST
अनुज कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भाटापारा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भाटापारा Published by: अनुज कुमार Updated Wed, 23 Oct 2024 11:07 AM IST
सार

भाटापारा का एक ऐसा स्कूल, जहां छात्र-छात्राओं को मूल सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। छात्र जान हथेली पर रखकर स्कूल में पढ़ाई करने आते हैं। प्रशासन रसूखदारों पर मेहरबान है। नेता तो सुनते ही नहीं है। 

विज्ञापन
80 students of Bhatapara study in school risking their lives
कौन सुनेगा इन छात्रों की आवाज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शासकीय प्राथमिक शाला नवीन मतादेवालाय भाटापारा के 80 छात्र-छात्राएं जान हथेली पर रखकर स्कूल में पढ़ाई करते हैं। स्कूल में न खेल का मैदान है और न ही स्कूल के बाहर छात्र-छात्राएं खेल सकते हैं। वहीं मौलिक अधिकारों से छात्र छात्राएं कोसो दूर हैं। शिक्षकों के द्वारा उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन रसूखदारों पर मेहरबान है।

विज्ञापन


भाटापारा में 52 वर्ष पूर्व सन 1972 में स्थापित हुआ था। शासकीय प्राथमिक शाला नवीन मतादेवालाय भाटापारा का ,न जाने कितने छात्र छात्राए इस स्कूल से शिक्षा ग्रहण कर उच्च स्थानों पर पदस्थ हैं। लेकिन अब यह स्कूल नाम मात्र का हो गया है, क्योंकि इस स्कूल के छात्र-छात्राएं अपने मौलिक अधिकारों से कोसो दूर हैं।
विज्ञापन


इस स्कूल में 80 छात्र छात्राओं को न खेलने का मैदान नसीब हैं, न स्कूल के बाहर खेल सकते हैं, क्योंकि स्कूल के बाहर खुले बिजली ट्रांसफार्मर जमीन से कुछ ही दूरी पर लगे हैं। स्कूल के सामने कचरे का अम्बार लगा हुआ रहता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


स्कूल के सामने दरवाजे पर नाली बनी हुई है। जो खुली है, अगर इन सब से बच गया तो स्कूल के सामने मुख्य सड़क है। सब परेशानियों से बचकर छात्र-छात्राएं स्कूल के चारों और दीवारों में सिमट कर अपने भविष्य गढ़ने को मजबूर हैं।

शिक्षकों का कहना है कि लगातार समस्याओं का लिखित शिकायत की जाती हैं, लेकिन अधिकारी केवल अश्वासन देते हैं। शिक्षको का कहना है कि रसूखदारों ने स्कूल के सामने जब ट्रांसफार्मर लगाया तो तत्कालीन विधायक, एस डी एम, से शिकायत की गई। लेकिन रसूखदारों के सामने किसी की नहीं चली।        


राजनीति की गलियारों में आरोप 
जब इस संबंध में भाजपा पार्षद पुरसुत्तम यदु से बात की गई तो उन्होंने कहा इस वॉर्ड के सम्बन्धित पार्षद कांग्रेसी हैं जो सफाई के लिए ध्यान नहीं देते हैं। मैं दूसरे वॉर्ड का पार्षद होने के बाद भी छात्र-छात्राओं को गन्दगी से दूर रखने के लिए सफाई करवाता हूं। जब इस सम्बंध में वॉर्ड के सम्बंधित कांग्रेस पार्षद सुशील सबलानी से सम्पर्क करने की कोशिश की गई लेकिन सम्पर्क नहीं हो पाया। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed