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सावधान! कियोस्क में FD का खेल: संचालक ने चार लाख रुपये किए गबन, डेढ़ साल से दे रहा था कागजी रसीद; हुआ खुलासा
अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतरा
Published by: बेमेतरा ब्यूरो
Updated Tue, 07 Apr 2026 02:23 PM IST
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सार
गांव में भरोसे पर चल रही कियोस्क बैंकिंग की हकीकत फिर बेनकाब हुई है। यहां एक संचालक ने ‘फिक्स डिपॉजिट’ के नाम पर 4 लाख रुपए ऐसे गायब किए कि पीड़ित को डेढ़ साल तक भनक तक नहीं लगी।
थाने में मामला दर्ज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गांव में भरोसे पर चल रही कियोस्क बैंकिंग की हकीकत फिर बेनकाब हुई है। यहां एक संचालक ने ‘फिक्स डिपॉजिट’ के नाम पर 4 लाख रुपए ऐसे गायब किए कि पीड़ित को डेढ़ साल तक भनक तक नहीं लगी।
गांव में कियोस्क बैंकिंग पर भरोसे की हकीकत एक बार फिर सामने आई है। एक कियोस्क संचालक ने फिक्स डिपॉजिट के नाम पर चार लाख रुपये का गबन किया है। पीड़ित को डेढ़ साल तक इस धोखाधड़ी की कोई जानकारी नहीं मिली।
ग्राम बरगा निवासी सत्तावन वर्षीय राजेश कुमार माहरा ने थानखम्हरिया थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने और उनकी पत्नी सुमित्रा ने 18 जून 2024 को कियोस्क संचालक ओमप्रकाश पाल को चार लाख रुपये दिए थे। यह रकम बेटी की शादी के लिए फिक्स डिपॉजिट कराने के लिए दी गई थी। बदले में उन्हें जमा पर्ची और फिक्स डिपॉजिट की रसीद भी मिली थी।
12 मार्च 2026 को राजेश कुमार बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा साजा पहुंचे। वहां उन्हें पता चला कि बैंक रिकॉर्ड में कोई फिक्स डिपॉजिट नहीं थी। कियोस्क संचालक ओमप्रकाश पाल ने पिछले दो साल में यह रकम खाते में जमा ही नहीं की थी। रसीद असली थी, लेकिन पूरा लेन-देन फर्जी निकला।
धोखाधड़ी का खुलासा
राजेश कुमार माहरा को बैंक में जाकर ही असलियत का पता चला। उन्होंने अपनी बेटी की शादी के लिए यह रकम जमा की थी। संचालक ने उन्हें फर्जी रसीदें देकर गुमराह किया था। बैंक रिकॉर्ड में उनकी कोई फिक्स डिपॉजिट मौजूद नहीं थी। यह घटना कियोस्क बैंकिंग में विश्वास पर सवाल उठाती है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की शुरू
पुलिस ने 6 अप्रैल 2026 को आरोपी ओमप्रकाश पाल के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। आरोपी को पकड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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गांव में कियोस्क बैंकिंग पर भरोसे की हकीकत एक बार फिर सामने आई है। एक कियोस्क संचालक ने फिक्स डिपॉजिट के नाम पर चार लाख रुपये का गबन किया है। पीड़ित को डेढ़ साल तक इस धोखाधड़ी की कोई जानकारी नहीं मिली।
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ग्राम बरगा निवासी सत्तावन वर्षीय राजेश कुमार माहरा ने थानखम्हरिया थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने और उनकी पत्नी सुमित्रा ने 18 जून 2024 को कियोस्क संचालक ओमप्रकाश पाल को चार लाख रुपये दिए थे। यह रकम बेटी की शादी के लिए फिक्स डिपॉजिट कराने के लिए दी गई थी। बदले में उन्हें जमा पर्ची और फिक्स डिपॉजिट की रसीद भी मिली थी।
12 मार्च 2026 को राजेश कुमार बैंक ऑफ बड़ौदा शाखा साजा पहुंचे। वहां उन्हें पता चला कि बैंक रिकॉर्ड में कोई फिक्स डिपॉजिट नहीं थी। कियोस्क संचालक ओमप्रकाश पाल ने पिछले दो साल में यह रकम खाते में जमा ही नहीं की थी। रसीद असली थी, लेकिन पूरा लेन-देन फर्जी निकला।
धोखाधड़ी का खुलासा
राजेश कुमार माहरा को बैंक में जाकर ही असलियत का पता चला। उन्होंने अपनी बेटी की शादी के लिए यह रकम जमा की थी। संचालक ने उन्हें फर्जी रसीदें देकर गुमराह किया था। बैंक रिकॉर्ड में उनकी कोई फिक्स डिपॉजिट मौजूद नहीं थी। यह घटना कियोस्क बैंकिंग में विश्वास पर सवाल उठाती है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की शुरू
पुलिस ने 6 अप्रैल 2026 को आरोपी ओमप्रकाश पाल के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 420 के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। आरोपी को पकड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।