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बेमेतरा: अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन राशि में रिश्वतखोरी के आरोप, कलेक्टर ने बनाई 4 सदस्यीय समिति
अमर उजाला नेटवर्क, बेमेतरा
Published by: बेमेतरा ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jun 2026 05:26 PM IST
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सार
अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन राशि दिलाने के नाम पर कथित रूप से रिश्वत मांगने के मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। शिकायत प्राप्त होने के बाद कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।
जिला प्रशासन ने जांच कमेटी का गठन किया है
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विस्तार
अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन राशि दिलाने के नाम पर कथित रूप से रिश्वत मांगने के मामले को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। शिकायत प्राप्त होने के बाद कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। प्राप्त जानकारी अनुसार, आवेदक विनय बंजारे, निवासी ग्राम सिंघनपुरी, जिला बेमेतरा द्वारा 11 जून को कलेक्ट्रेट के एक बाबू के खिलाफ लिखित शिकायत प्रस्तुत की गई थी।
शिकायत के आधार पर कलेक्टर कार्यालय द्वारा जांच समिति गठित करने का आदेश जारी किया गया। जांच समिति में वित्त शाखा की प्रभारी अधिकारी दिव्या पोटाई, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास अभिषेक जायसवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग चंद्रेश सिसोदिया तथा लीड बैंक अधिकारी सुशील सिंह को शामिल किया गया है। जारी आदेश के अनुसार समिति शिकायत की जांच के साथ-साथ मार्च 2026 से वर्तमान तक जारी संबंधित प्रकरणों व पात्रता संबंधी दस्तावेज की भी जांच करेगी।
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समिति को एक सप्ताह के भीतर अपना स्पष्ट अभिमत सहित जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उल्लेखनीय है कि अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन राशि से जुड़े एक प्रकरण में न्यायालय परिसर में पदस्थ एक कर्मचारी पर राशि स्वीकृत कराने के नाम पर धनराशि मांगने के आरोप लगाए गए हैं। मामले का वीडियो व अन्य तथ्य सामने आने के बाद प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश जारी किए हैं। अब सभी की नजरें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर आगे की प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी।

जिला प्रशासन ने जांच कमेटी का गठन किया है