बेमेतरा: अंतर्जातीय विवाह प्रमाणपत्र के नाम पर रिश्वत का खेल, कलेक्टर ने कर्मचारी को किया सस्पेंड
अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत विवाह पंजीयन प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के एवज में कथित रूप से अवैध राशि लेने के मामले में बेमेतरा कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने बड़ी कार्रवाई की है।
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अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत विवाह पंजीयन प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के एवज में कथित रूप से अवैध राशि लेने के मामले में बेमेतरा कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाई ने बड़ी कार्रवाई की है। शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने पर कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-02 विनय कुमार कुर्रे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और अनियमितता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।जानकारी के अनुसार, ग्राम सिंघनपुरी निवासी दिलेश बंजारे ने 11 जून 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी कि अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना के लिए आवश्यक विवाह पंजीयन प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के बदले उनसे अनुचित रूप से राशि ली गई। शिकायत मिलते ही कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 12 जून को जांच समिति गठित कर निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए।
जांच समिति ने विभिन्न तथ्यों और दस्तावेजों की जांच के बाद 19 जून 2026 को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में शिकायत को सही पाया गया। जांच में यह भी उल्लेख किया गया कि संबंधित कर्मचारी का आचरण शासकीय सेवक की गरिमा के अनुरूप नहीं है और इससे न केवल कार्यालय की छवि धूमिल हुई, बल्कि आम नागरिकों का विश्वास भी प्रभावित हुआ।
जांच प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर ने माना कि सहायक ग्रेड-02 विनय कुमार कुर्रे का कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3(ख) का उल्लंघन है। इसके बाद छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए गए। निलंबन अवधि के दौरान विनय कुमार कुर्रे का मुख्यालय तहसील कार्यालय साजा, जिला बेमेतरा निर्धारित किया गया है। नियमानुसार उन्हें निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
जिला प्रशासन ने इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा बताते हुए कहा कि शासकीय योजनाओं का लाभ लेने आने वाले नागरिकों से किसी भी प्रकार की अवैध वसूली या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी शासकीय कार्यालय में उनसे अनुचित राशि की मांग की जाती है, तो उसकी शिकायत तत्काल जिला प्रशासन को दें, ताकि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।