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CGPSC SI भर्ती रिजल्ट: न्यूज़, स्पेस रानी और हे राम नामों पर विवाद,कांग्रेस ने उठाए सवाल; आयोग ने बताया भ्रामक

Fri, 07 Aug 2026 05:37 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Fri, 07 Aug 2026 05:37 PM IST
सार

सीजीपीएससी एसआई रिजल्ट में कुछ अभ्यर्थियों के नामों को लेकर सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ गया है। कांग्रेस ने इसे भर्ती प्रक्रिया की कथित गड़बड़ी से जोड़कर सवाल उठाए हैं, जबकि आयोग ने सभी आरोपों को खारिज किया है।

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CGPSC SI Recruitment Result: News, Congress raises questions over names Space Rani and Hey Ram
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की सूबेदार, उप निरीक्षक और प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा के परिणाम में कुछ अभ्यर्थियों के असामान्य नाम सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर वायरल सूची को आधार बनाकर कांग्रेस ने भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। वहीं सीजीपीएससी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि परिणाम में दर्ज सभी नाम वही हैं, जो अभ्यर्थियों ने अपने ऑनलाइन आवेदन में दर्ज किए थे।
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छत्तीसगढ़ के गृह विभाग के अंतर्गत सूबेदार, सब-इंस्पेक्टर और प्लाटून कमांडर के 341 पदों पर भर्ती के लिए 12 जुलाई को प्रदेश के सभी 33 जिलों में प्रारंभिक परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा का परिणाम 4 अगस्त को जारी किया गया, जिसमें कुल 7,301 अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा के लिए जगह बनाई।
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परिणाम जारी होने के बाद सोशल मीडिया पर सफल अभ्यर्थियों की एक सूची वायरल हुई। इसमें 'न्यूज़', 'स्पेस रानी', 'हे राम', 'भक्त प्रहलाद' और 'तुफैल' जैसे नाम दिखाई दिए। इसके बाद सोशल मीडिया पर परीक्षा परिणाम को लेकर तरह-तरह के सवाल उठने लगे।
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कांग्रेस ने भर्ती प्रक्रिया पर उठाए सवाल
वायरल सूची को लेकर कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार और सीजीपीएससी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर इन नामों को लेकर सरकार पर कटाक्ष किया। वहीं कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि भर्ती परीक्षाओं के संचालन में लापरवाही बरती जा रही है और इससे युवाओं के भविष्य पर असर पड़ सकता है। कांग्रेस की ओर से यह भी दावा किया गया कि पिछले कुछ वर्षों में आयोजित कई भर्ती और पदोन्नति परीक्षाएं सवालों के घेरे में रही हैं।

सीजीपीएससी ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
विवाद बढ़ने के बाद CGPSC ने स्पष्टीकरण जारी कर सोशल मीडिया पर चल रहे दावों को भ्रामक और निराधार बताया। आयोग के अनुसार परिणाम में दर्ज नाम किसी तकनीकी गड़बड़ी या फर्जीवाड़े की वजह से नहीं आए हैं, बल्कि अभ्यर्थियों ने अपने ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में इन्हीं नामों को दर्ज किया था। आयोग ने कहा कि संबंधित अभ्यर्थी इन्हीं नामों के आधार पर दस्तावेज सत्यापन, शारीरिक परीक्षण और प्रारंभिक परीक्षा में शामिल हुए थे। उनके एडमिट कार्ड में भी वही नाम दर्ज थे। सीजीपीएससी ने अभ्यर्थियों और आम लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित रील, शॉर्ट वीडियो या अपुष्ट दावों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें और परीक्षा से संबंधित जानकारी के लिए आयोग के आधिकारिक माध्यमों पर ही भरोसा करें।

अभ्यर्थियों ने खुद सामने आकर दी सफाई
विवाद में जिन अभ्यर्थियों के नाम चर्चा में आए, उनमें से कुछ ने सामने आकर अपने दस्तावेजों के आधार पर स्थिति स्पष्ट की। रायगढ़ जिले के भाटनपाली निवासी न्यूज़ कुमार प्रधान ने बताया कि उनके कक्षा 10वीं और 12वीं के दस्तावेजों तथा आधार कार्ड में उनका नाम ‘न्यूज़’ दर्ज है। उनके दस्तावेजों में सरनेम दर्ज नहीं होने के कारण उन्होंने आवेदन फॉर्म में भी यही नाम लिखा।

रायपुर जिले के नयापारा निवासी तुफैल ने भी कहा कि उनके सभी दस्तावेजों में उनका नाम एक जैसा दर्ज है। उन्होंने कहा कि बिना तथ्यों की पुष्टि किए अभ्यर्थियों के नामों को लेकर अफवाहें फैलाना उचित नहीं है।

मुंगेली जिले के एक अन्य सफल अभ्यर्थी हे राम ने बताया कि उनके दस्तावेजों में यही नाम दर्ज है। उनका सरनेम कश्यप बताया गया, लेकिन किसी दस्तावेज में सरनेम दर्ज नहीं होने के कारण उन्होंने आवेदन में केवल ‘हे राम’ नाम ही दर्ज किया।


इसी तरह भक्त प्रहलाद नाम के अभ्यर्थी ने भी कहा कि उनके सभी दस्तावेजों, बैंक पासबुक सहित, में उनका नाम इसी तरह दर्ज है और सरनेम नहीं लिखा गया है।

अब मुख्य परीक्षा पर टिकी नजर
सीजीपीएससी के स्पष्टीकरण के बाद नामों को लेकर उठे विवाद की तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। आयोग ने आवेदन प्रक्रिया और अभ्यर्थियों के दस्तावेजों के आधार पर नाम दर्ज होने की बात कही है। वहीं राजनीतिक दलों की ओर से भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। अब इस भर्ती प्रक्रिया में आगे होने वाली मुख्य परीक्षा और अन्य चरणों पर अभ्यर्थियों के साथ-साथ राजनीतिक दलों की भी नजर रहेगी।
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