संविदाकर्मी हड़ताल पर: नियमितीकरण को लेकर प्रदर्शन, बोले- वादा भूली सरकार; कल से हेल्थ वर्कर करेंगे काम बंद
छत्तीसगढ़ में 53 विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार से शुरू हो गई है। इसे लेकर प्रदेश भर में कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं। इनके हड़ताल में चले जाने से स्वास्थ्य विभाग, पंचायत ,कृषि, शिक्षा जैसे मुख्य विभागों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है।
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छत्तीसगढ़ में 53 विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों की हड़ताल सोमवार से शुरू हो गई है। इसे लेकर प्रदेश भर में कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं। इनके हड़ताल में चले जाने से स्वास्थ्य विभाग, पंचायत ,कृषि, शिक्षा जैसे मुख्य विभागों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। कर्मचारियों की एक सूत्रीय मांग नियमितीकरण को लेकर है। उनका कहना है कि कांग्रेस ने घोषणापत्र में वादा किया था, लेकिन साढ़े चार साल में सरकार उसे भूल गई। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य कर्मचारी भी मंगलवार से हड़ताल पर जाने वाले हैं।
कबीरधाम: नौ जुलाई के बाद नवा रायपुर में प्रदर्शन
कबीरधाम जिले में संविदा कर्मचारियों शहर के राजीव पार्क में प्रदर्शन किया और धरना दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में वहां कर्मचारी पहुंचे। कर्मचारियों ने कहा कि नियमितीकरण को लेकर पूरे प्रदेश में प्रदर्शन किया गया, लेकिन सरकार ने उनकी सुनवाई नहीं की। कर्मचारी नेता सौरभ तिवारी, जेम्स जॉन ने बताया कि जिला स्तरीय हड़ताल तीन जुलाई से नौ जुलाई तक होगी। इसके बाद 10 जुलाई से नया रायपुर में सभी जिला के संविदा कर्मचारियों द्वारा आंदोलन किया जाएगा। इसमें जिले के संविदा कर्मचारी शामिल होंगे।
बीजापुर: 10 दिन का वादा था, अब सड़क पर उतरने को मजबूर
वहीं बीजापुर में भी हड़ताल करते हुए संविदा कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि वर्ष 2018 में भी हम नियमितिकरण के लिए हड़ताल कर रहे थे। इसी तीन जुलाई के दिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री टीएस सिहदेव ने घोषणा की थी कि कांग्रेस की सरकार बनी तो 10 दिन में मांग पूरी करेंगे। उसके बाद कांग्रेस ने घोषणा पत्र में भी शामिल किया, लेकिन तीन जुलाई 2023 के दिन यानी 5 साल बाद हमको सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सरकार बदली, पर संविदाकर्मियों का भाग्य नहीं।
अनूपुरक बजट में इसे शामिल करे सरकार
छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष रमाकांत पुनेठा ने बताया कि सरकार ने हम संविदा कर्मचारियों से 2018 के चुनाव के जनघोषण पत्र के बिंदु क्रमांक 11 में नियमितिकरण का वादा किया था। वादा पूरा न करना गैर लोकतांत्रिक हैं। कहा कि, सरकार आने वाले अनुपूरक बजट में शामिल कर समस्त संविदा कर्मचारियों को नियमित कर अपना वादा पूरा करे। जिला उपाध्यक्ष डा प्राची सिंह ने कहा कि रथयात्रा कर 33 जिला कलेक्टर को और कई मंत्री, विधायकों को ज्ञापन देने के बाद भी कुछ नहीं हुआ।
महासमुंद: हड़ताल के चलते बिगड़ने लगी व्यवस्था
महासमुंद में शासकीय कार्यालयों में पदस्थ करीब 1500 से 2000 कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। इसके चलते ज्यादातर शासकीय विभाग के कामकाज अभी से डगमगाने लगा है। निचले स्तर से ऊपर तक ज्यादातर कर्मचारी संविदा नियुक्ति पर हैं। नियमितीकरण करने की एक सूत्रीय मांग को लेकर जिला मुख्यालय में पटवारी कार्यालय के सामने कर्मचारी धरने पर बैठ गए हैं। जिला संयोजक का कहना है कि, लंबे समय से हम लड़ाई लड़ते आ रहे है। फिलहाल अभी जिला स्तर पर तीन से सात जुलाई तक हड़ताल पर हैं। इसके बाद अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जा सकते है ।
स्वास्थ्य सेवाओं मे कल से पड़ेगा असर
दूसरी ओर मंगलवार से स्वास्थ्य कर्मचारियों का भी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू होने वाली है। ये कर्मचारी अपनी 24 सूत्रीय मांग को लेकर धरना देंगे। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सभी नियमित, संविदा व जीवनदीप समिति में कार्यरत कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे। इनके हड़ताल पर जाने से जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित रहेंगी। संघ के कबीरधाम जिला अध्यक्ष अशोक डहरिया ने बताया कि कर्मचारियों की वेतन विसंगति को दूर करना, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, 62 वर्ष की सेवा गारंटी, डीएमएफ व जीवनदीप में कार्यरत कर्मचारियों को कलेक्टर दर से वेतन भुगतान करने समेत अन्य मांग शामिल है।