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37 लाख का धान घोटाला! कागजों में खरीदी, गोदाम में निकला फर्जीवाड़ा; समिति प्रबंधक-ऑपरेटर पर FIR की तैयारी
अमर उजाला नेटवर्क, कबीरधाम
Published by: कबीरधाम ब्यूरो
Updated Thu, 28 May 2026 03:35 PM IST
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सार
कबीरधाम जिले के धरमगढ़ सेवा सहकारी समिति में धान खरीदी के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। खाद्य विभाग की जांच में करीब 1200 क्विंटल धान की अवैध खरीदी सामने आई है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 37 लाख रुपए बताई जा रही है।
जांच के लिए पहुंची जिला प्रशासन की टीम
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विस्तार
कबीरधाम जिले के धरमगढ़ सेवा सहकारी समिति में धान खरीदी के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। खाद्य विभाग की जांच में करीब 1200 क्विंटल धान की अवैध खरीदी सामने आई है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 37 लाख रुपए बताई जा रही है। मामले में समिति प्रबंधक और ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी चल रही है।
दरअसल, कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देश पर जिले के उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी और भंडारण व्यवस्था की सघन जांच की जा रही है। इसी दौरान धरमगढ़ सेवा सहकारी समिति में रिकॉर्ड और वास्तविक भंडारण के बीच बड़ा अंतर मिला। जांच टीम ने दस्तावेजों का मिलान किया तो कई एंट्रियां संदिग्ध पाई गईं।जांच के दौरान समिति प्रबंधक ललित सेंगर और ऑपरेटर राजकुमार ठाकुर की मौजूदगी में धान के बोरों का भौतिक सत्यापन किया गया।
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अधिकारियों ने जब एक बोरे का वजन कराया तो वह मात्र 24.800 किलो निकला। निर्धारित मानक से कम वजन मिलने पर धान खरीदी, तौल और भंडारण प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता की पुष्टि हुई।अधिकारियों के अनुसार रिकॉर्ड में दर्ज धान और वास्तविक स्टॉक में बड़ा अंतर मिला है। प्राथमिक जांच में इसे वित्तीय अनियमितता मानते हुए संबंधितों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। प्रशासन अब पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है।
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कलेक्टर गोपाल वर्मा ने साफ कहा है कि शासन की खरीदी व्यवस्था में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी उपार्जन केंद्रों में पारदर्शिता बनाए रखने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जांच दल में खाद्य अधिकारी चन्द्रशेखर देवांगन, सहायक खाद्य अधिकारी दलेश्वर साहू, खाद्य निरीक्षक अमित द्विवेदी समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे। प्रशासन ने जिले के अन्य उपार्जन केंद्रों में भी जांच अभियान तेज करने की बात कही है।

जांच के लिए पहुंची जिला प्रशासन की टीम