सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Korba News ›   An electrician takes the hand of an orphan girl at a girls home six orphans have been married so far in Korba

Korba : बालिका गृह में विद्युत कर्मी ने अनाथ बेटी का थामा हाथ, अब तक 6 अनाथ की हो चुकी है शादी

अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा Published by: कोरबा ब्यूरो Updated Wed, 25 Feb 2026 07:58 PM IST
विज्ञापन
सार

कोरबा में बालिका गृह में पली-बढ़ी अनाथ बिंदु का विवाह छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी के कर्मचारी अनिल से हुआ। यह विवाह वैदिक रीति-रिवाजों के साथ 25 फरवरी को बाल गृह परिसर में संपन्न हुआ।

An electrician takes the hand of an orphan girl at a girls home six orphans have been married so far in Korba
korba
विज्ञापन

विस्तार

कोरबा में बालिका गृह में पली-बढ़ी अनाथ बिंदु का विवाह छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी के कर्मचारी अनिल से हुआ। यह विवाह वैदिक रीति-रिवाजों के साथ 25 फरवरी को बाल गृह परिसर में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विभिन्न समाज के प्रतिष्ठित लोगों ने नवदंपती को आशीर्वाद दिया।

Trending Videos


अनिल और बिंदु ने हिंदू रीति-रिवाज से अग्नि के फेरे लिए। विवाह से पहले उनकी सगाई और मेहंदी की रस्म भी निभाई गई थी। इसमें शहर के कई गणमान्य नर-नारियों ने भाग लिया था। बालिका गृह की संचालिका रुकमणी नायर ने बताया कि यह उनके केंद्र में रहने वाली छठवीं कन्या का विवाह है। अनिल ने स्वयं बिंदु का चयन किया और उसे दांपत्य जीवन में प्रवेश दिलाया। अनिल के माता-पिता नहीं हैं और वह अपने रिश्तेदारों के साथ रहते हैं। उन्होंने एक अनाथ पत्नी का दामन थामने का फैसला किया। बालिका गृह में कोरबा, चांपा, जांजगीर और शक्ति जिले की बालिकाएं आती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


बालिका गृह की भूमिका
रुकमणी नायर के केंद्र में उपेक्षित, शोषण और प्रताड़ित बालिकाएं रहती हैं। जिले में कुल 50 बालिकाएं हैं जिन्हें यहां आश्रय मिलता है। उन्हें 18 वर्ष की उम्र तक पनाह, शिक्षा और रहने-खाने की व्यवस्था दी जाती है। कई अनाथ बेटियां यहां रहकर पढ़ाई की और आज नौकरियां कर रही हैं। भारती नामक एक पूर्व सदस्य ने बताया कि वह भी यहीं से विवाह कर अच्छे घर गई।

प्लास्टिक मुक्त विवाह का संदेश
इस विवाह समारोह को प्लास्टिक मुक्त बनाने का विशेष प्रयास किया गया। संचालिका रुकमणी ने बताया कि विवाह में प्लास्टिक से संबंधित कोई सामान प्रयोग नहीं हुआ। यह आयोजन समाज को पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश देता है। यह पहल विवाह समारोहों में पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं को बढ़ावा देगी।


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed